फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   मां का शव देखकर सदमे से बेटी की भी मौत

मां का शव देखकर सदमे से बेटी की भी मौत

Fri, 31 Aug 2018 10:32 PM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
मां का शव देखकर सदमे से बेटी की भी मौत
रामगांव (बहराइच)। गंभीरवा बाजार निवासी एक महिला अपनी बीमार बेटी के लिए गुरुवार देर शाम दवा लाने घर से निकली थी। लेकिन रास्ते में बाइक गायों के झुंड से टकरा गई, जिससे महिला और उसका रिश्तेदार घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय महिला की मौत हो गई। शव शुक्रवार सुबह घर पहुंचा तो बीमार बेटी मां की लाश को देखकर सदमे से बेहोश हो गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां-बेटी की मौत से कोहराम मच गया है।
विज्ञापन


रामगांव थाना क्षेत्र के गंभीरवा बाजार निवासी पुष्पा देवी (35) के पति मंगल प्रसाद मुंबई में नौकरी करते हैं। पुष्पा अपनी दो बेटियों व एक बेटे के साथ घर पर रहती थी। दो दिन से पुष्पा की बेटी अर्चना गुप्ता उर्फ भोला (16) की तबियत खराब थी। बेटी की दवा लाने के लिए पुष्पा गुरुवार देर शाम एक रिश्तेदार को बुलाकर उसकी बाइक से बहराइच के लिए रवाना हुई।
विज्ञापन


बाइक सवार रिश्तेदार और पुष्पा जब नानपारा-बहराइच मार्ग पर सोहरवा गांव के निकट पहुंचे, तभी सामने से गायों का झुंड आ गया। मवेशियों से टकराकर बाइक पलट गई। मवेशी पुष्पा को रौंदते हुए आगे निकल गए। लोगों ने पुष्पा और उनके रिश्तेदार को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, यहां डॉक्टरों ने पुष्पा को मृत घोषित कर दिया। जबकि रिश्तेदार को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रवार सुबह पुष्पा का शव घर पहुंचा तो बीमार अर्चना मां की लाश देखकर बेहोश हो गई। परिवार के सदस्यों ने पहले उसे होश में लाने की कोशिश की। सफल न होने पर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां और बहन की मौत से घर में बचे भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बेटी की मौत की सूचना मुंबई में नौकरी कर रहे पति मंगल प्रसाद को दी गई। वह मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए हैं।


आंगनबाड़ी सहायिका थी पुष्पा
हादसे में दम तोड़ने वाली पुष्पा गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका के पद पर तैनात थी। उसके मौत की खबर सुनकर लौकना आंगनबाड़ी केंद्र की सहनाज बेगम, इंद्रकुमारी, गंभीरवा की फरीदा, रन्नो देवी, रायपुर की सगीहा, राजिदा बेगम, मीना, शशि सिंह, रेखा, अनीता, सुंदरपती, ऊषा और किरन ने घर पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed