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कतर्निया में आया हाथी का झुंड
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बहराइच। कतर्नियाघाट में गेरुआ नदी के तट पर गुरुवार को कुशीनगर के कुछ पर्यटक घूमने आए थे। तभी अचानक नदी के किनारे जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। सभी हाथियों को देखकर दहशत में आ गए। मगर बाद में सुरक्षित स्थानों पर जाकर सभी ने उनकी तस्वीरों को कैमरे में कैद किया। हाथियों के झुंड को देखकर सभी काफी आनंदित महसूस कर रहे थे।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क से सटा हुआ है।
ऐसे में नेपाली हाथियों का झुंड भी यहां कभी-कभी पहुंच जाता है। नेपाली हाथियों का झुंड कई बार फसलों को भी नुकसान पहुंचा देता है। कुशीनगर जनपद से कतर्नियाघाट घूमने आए शंभू मदेशिया, अनिल मदेशिया, मुकेश मदेशिया, मनोज तथा सुरेंद्र गुरुवार को गेरुआ नदी के किनारे खड़े होकर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे थे। इसी बीच अचानक जंगली हाथियों का झुंड देख सभी पर्यटक दहशत में आ गए।
मगर कुछ देर बाद सभी लोग नाव से दूसरे घाट के करीब गए और जंगली हाथियों की चहलकदमी का मजा उठाने लगे। पांच सदस्यीय पर्यटक दल की अगुवाई कर रहे शंभू ने बताया कि हम सभी लोग लगभग 15 वर्ष पूर्व कतर्निया घूमने आए थे। मगर अब यहां काफी बदलाव हो चुका है। इस बार का अनुभव काफी रोमांचित रहा। पर्यटकों ने हाथियों के झुंड की सूचना वन विभाग को दी। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि नेपाली हाथियों का झुंड अक्सर घूमते हुए गेरुआ नदी के दूसरे छोर पर आ जाता है। पर्यटकों को हाथियों से सावधान रहने की जरूरत है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क से सटा हुआ है।
ऐसे में नेपाली हाथियों का झुंड भी यहां कभी-कभी पहुंच जाता है। नेपाली हाथियों का झुंड कई बार फसलों को भी नुकसान पहुंचा देता है। कुशीनगर जनपद से कतर्नियाघाट घूमने आए शंभू मदेशिया, अनिल मदेशिया, मुकेश मदेशिया, मनोज तथा सुरेंद्र गुरुवार को गेरुआ नदी के किनारे खड़े होकर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे थे। इसी बीच अचानक जंगली हाथियों का झुंड देख सभी पर्यटक दहशत में आ गए।
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मगर कुछ देर बाद सभी लोग नाव से दूसरे घाट के करीब गए और जंगली हाथियों की चहलकदमी का मजा उठाने लगे। पांच सदस्यीय पर्यटक दल की अगुवाई कर रहे शंभू ने बताया कि हम सभी लोग लगभग 15 वर्ष पूर्व कतर्निया घूमने आए थे। मगर अब यहां काफी बदलाव हो चुका है। इस बार का अनुभव काफी रोमांचित रहा। पर्यटकों ने हाथियों के झुंड की सूचना वन विभाग को दी। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि नेपाली हाथियों का झुंड अक्सर घूमते हुए गेरुआ नदी के दूसरे छोर पर आ जाता है। पर्यटकों को हाथियों से सावधान रहने की जरूरत है।
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