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Bahraich News: कामर्शियल पंजीकरण सिर्फ 31 का, दौड़ रहीं 15,000 ट्रैक्टर-ट्राॅली

Mon, 01 Apr 2024 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Mon, 01 Apr 2024 12:11 AM IST
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Commercial registration is only 31, 15,000 tractor-trolleys are running
बहराइच। जिम्मेदार हुक्मरानों की उदासीनता के चलते जिले की सड़कों पर बेधड़क कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅली फर्राटा भर रहे हैं। कृषि कार्य के ट्रैक्टर-ट्राॅली का प्रयोग ईंट-ढुलाई से लेकर बालू-मिट्टी खनन तक में हो रहा है। यही नहीं अकुशल चालकों की वजह से प्रतिमाह दर्जनों हादसों का कारण भी बन रहे हैं। बावजूद इसके कार्रवाई शून्य है और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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जिले के एआरटीओ विभाग में 36,065 ट्रैक्टर-ट्रॉली पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र 31 ट्रैक्टर-ट्राॅली ही ऐसी हैं, जो कामर्शियल कार्यों के लिए दर्ज हैं और इनका प्रयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा सकता है। शेष बचे 36, 034 ट्रैक्टर-ट्राॅली कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। इसके बावजूद जिले की सड़कों पर 15,000 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅली फर्राटा भर रहे हैं। आलम यह है कि अधिकारियों के आवास व कार्यालय के बाहर से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅली बेधड़क गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार इन पर अंकुश लगाने से कतरा रहे हैं।
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व्यावसायिक वाहनों से 242 रुपये प्रति तिमाही लेना होता है टैक्स
कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का प्रयोग व्यावसायिक कार्य में किए जाने से हादसे के साथ-साथ करोड़ा के राजस्व का घाटा भी हो रहा है। एआरटीओ संचालन राजीव कुमार ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों से प्रति तिमाही 242 रुपये प्रति टन के हिसाब से कर लेने का प्रावधान है।
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ईंट-भट्ठों से फर्राटा भर रहे 1000 से अधिक ट्रैक्टर
जिले में लगभग 250 ईंट-भट्ठे हैं और यहां से 1000 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅली फर्राटा भरते हैं। इस दौरान कई ओवर लोड भी रहते हैं और इससे सड़कों को भी नुकसान होता है। इसके बावजूद जिले के हुक्मरानों ने इस ओर आंख मूंद रखी है।
प्रति माह कई राहगीर गंवा रहे हादसे में जान
सड़कों पर अवैध रूप से फर्राटा भरने वाले कृषि कार्य के ट्रैक्टर-ट्राॅली हादसों का भी कारण बन रहे हैं। अकुशल चालक व ओवर स्पीड के चलते प्रति माह लगभग एक दर्जन से अधिक हादसे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को हरदी थाना क्षेत्र में राजी चौराहा-रामगांव मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राॅली की टक्कर से बौंडी निवासी अंकित (10), अंकित के मौसा गंगाराम (25) व अंकित के चाचा आशाराम (24) की मौत हो गई थी। वहीं उसकी मां प्रीति व बहन संजना गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। 18 मार्च को कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से पिंटू (30) की मौत हो गई। 10 मार्च को रामगांव थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से रिसिया निवासी रक्षीराम (31) की मौत, दो गंभीर रूप से घायल हुए। सात मार्च को फखरपुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राॅली की टक्कर से बाइक सवार शिवपूजन (21) व बालंदे (24) की मौत हो गई।


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की जाएगी कार्रवाई
कृषि कार्य में दर्ज होने के बाद भी व्यावसायिक कार्यों में लिप्त ट्रैक्टर ट्रॉलियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को सीज भी किया जाएगा।
-ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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