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Bahraich News: तैयार धान पर बारिश की मार, खेतों में बिछी फसल
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विशेश्वरगंज इलाके में बारिश व तेज हवाओं से गिरी फसल।
बहराइच/विशेश्वरगंज। तराई में बुधवार आधी रात को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। जिले के पूर्वी हिस्से पयागपुर, विशेश्वरगंज, खुटेहना और गंगवल क्षेत्र में झमाझम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भरने से किसानों की मेहनत और लागत पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों को आशंका है कि लगातार बारिश और जलभराव से धान के दाने की गुणवत्ता के साथ पैदावार भी प्रभावित हो सकती है।
रात से जिला मुख्यालय पर बूंदाबांदी और रुक रुक कर बौछारें पड़ती रहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में बादल जमकर बरसते रहे। भारी बारिश के चलते विशेश्वरगंज इलाके में शेखापुर, देवरिया, लखनपुर, जलालपुर, मधिनगरा, कुरसहा, पुरैना, खानपुर मल्लोह, हंसराम पुरवा, सेमरौना और सिसहना पंडित पुरवा समेत कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है। किसान पंकज मिश्रा, ननकऊ मिश्रा, नान बाबू पाठक, मधई सिंह, सूरज सिंह और विनोद सिंह समेत सैकड़ों किसानों के खेतों में फसल गिर गई है।
पकने के कगार पर भी फसल
किसान अखिलेश पाठक ने बताया कि धान की फसल पकने के कगार पर थी। तेज हवा के साथ बारिश होने से पौधे खेत में गिर गए हैं। अब बारिश जारी रही तो फसल को और नुकसान हो सकता है। ब्रजकिशोर पाठक ने बताया कि फसल गिरने से कटाई में भी दिक्कत आएगी। खेत में कंबाइन नहीं चल पाएगी। पानी भरने के कारण दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की पूरी आशंका है। नागेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि धान की फसल में किसान ने काफी लागत लगाई है। ऐन समय पर बारिश होने से मेहनत की कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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बारिश में किसान क्या करें, क्या न करें
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि जिन खेतों में पानी भरा है, किसान संभव हो तो खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें। गिरी हुई फसल को जल्दबाजी में काटने के बजाय मौसम खुलने और खेत की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें। कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और मौसम साफ होते ही उसे सुरक्षित स्थान पर सुखाने की व्यवस्था करें। अधिक नमी वाली फसल का भंडारण न करें, इससे दाने खराब होने की आशंका रहती है।
आज भी बारिश के संकेत
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि 25 सितंबर तक जिले में बारिश के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को जिले में करीब 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के बीच बिजली गुल
बुधवार देर शाम शुरू हुई झमाझम बारिश के दौरान रात 11:35 बजे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बृहस्पतिवार देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज न होने की बात कहते हुए सीयूजी मोबाइल ऑफ होने की सूचना ग्रुप पर भी प्रसारित की। बिजली न आने से मोबाइल चार्ज करने और पेयजल की व्यवस्था में भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पेड़ों की डालियां विद्युत लाइन पर गिरने से फॉल्ट
विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज के जूनियर इंजीनियर आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां विद्युत लाइनों पर गिरने से फॉल्ट हुआ है। 33 हजार वोल्ट की लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए टीमें लगी हैं। बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। देर रात तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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रात से जिला मुख्यालय पर बूंदाबांदी और रुक रुक कर बौछारें पड़ती रहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में बादल जमकर बरसते रहे। भारी बारिश के चलते विशेश्वरगंज इलाके में शेखापुर, देवरिया, लखनपुर, जलालपुर, मधिनगरा, कुरसहा, पुरैना, खानपुर मल्लोह, हंसराम पुरवा, सेमरौना और सिसहना पंडित पुरवा समेत कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है। किसान पंकज मिश्रा, ननकऊ मिश्रा, नान बाबू पाठक, मधई सिंह, सूरज सिंह और विनोद सिंह समेत सैकड़ों किसानों के खेतों में फसल गिर गई है।
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पकने के कगार पर भी फसल
किसान अखिलेश पाठक ने बताया कि धान की फसल पकने के कगार पर थी। तेज हवा के साथ बारिश होने से पौधे खेत में गिर गए हैं। अब बारिश जारी रही तो फसल को और नुकसान हो सकता है। ब्रजकिशोर पाठक ने बताया कि फसल गिरने से कटाई में भी दिक्कत आएगी। खेत में कंबाइन नहीं चल पाएगी। पानी भरने के कारण दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की पूरी आशंका है। नागेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि धान की फसल में किसान ने काफी लागत लगाई है। ऐन समय पर बारिश होने से मेहनत की कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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बारिश में किसान क्या करें, क्या न करें
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि जिन खेतों में पानी भरा है, किसान संभव हो तो खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें। गिरी हुई फसल को जल्दबाजी में काटने के बजाय मौसम खुलने और खेत की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें। कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और मौसम साफ होते ही उसे सुरक्षित स्थान पर सुखाने की व्यवस्था करें। अधिक नमी वाली फसल का भंडारण न करें, इससे दाने खराब होने की आशंका रहती है।
आज भी बारिश के संकेत
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि 25 सितंबर तक जिले में बारिश के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को जिले में करीब 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के बीच बिजली गुल
बुधवार देर शाम शुरू हुई झमाझम बारिश के दौरान रात 11:35 बजे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बृहस्पतिवार देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज न होने की बात कहते हुए सीयूजी मोबाइल ऑफ होने की सूचना ग्रुप पर भी प्रसारित की। बिजली न आने से मोबाइल चार्ज करने और पेयजल की व्यवस्था में भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पेड़ों की डालियां विद्युत लाइन पर गिरने से फॉल्ट
विद्युत उपकेंद्र विशेश्वरगंज के जूनियर इंजीनियर आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां विद्युत लाइनों पर गिरने से फॉल्ट हुआ है। 33 हजार वोल्ट की लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए टीमें लगी हैं। बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। देर रात तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।