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एएनएम के लिए पहुंच रहे दूसरे प्रांत के अभ्यर्थी
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बहराइच के सीएमओ कार्यालय में सोमवार को भर्ती के लिए प्रपत्रों की जांच कराते अभ्यर्थी।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच/नानपारा। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास मंगलवार को लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में होगी। इसमें शामिल होने के लिए हिंसा में मारे गए बहराइच के दोनों किसानों के परिजन व अन्य लोग शामिल होने जाएंगे। मृतक किसानों के परिजनों की मांग है कि गृह राज्यमंत्री को पद से हटाया जाए। तभी निष्पक्ष जांच होगी और हम लोगों को संतुष्टि मिलेगी। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों मृतक किसानों के घर सुरक्षा में फोर्स तैनात कर दी गई है। आने-जाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। तिकोनिया में आयोजित आखिरी अरदास में आगे की कार्रवाई का ऐलान किया जाएगा। उसके बाद परिजन उसी मांग को लेकर आगे बढे़गे।
लखीमपुर हिंसा में बहराइच के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टोला निवासी दलजीत सिंह व मटेरा थाना क्षेत्र के मोहरनिया गांव निवासी गुरूविंदर सिंह की मौत हो गई थी। दोनों किसानों की मौत के बाद राजनेताओं के आने का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेता पहुंचकर मृतक किसान के परिवारों को ढांढस बंधाया और लड़ाई में साथ रहने का वादा किया। मृतक किसानों का परिजनों ने अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन मन में एक कसक रह गई कि अभी भी गृह राज्यमंत्री को उसके पद से हटाया नहीं गया। जिसको लेकर परिजनों में काफी निराशा व आक्रोश है। परिजनों ने मांग की है कि जब तक गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को उसके पद से हटाया नहीं जाता। तब तक निष्पक्ष जांच हो पाना बड़ा मुश्किल है। आगे की लड़ाई को लेकर लखीमपुर खीरी में रणनीति बनाई जाएगी।
इसके लिए तिकोनिया में आखिरी अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। अरदास में किसान नेता राकेश टिकैत, संयुक्त किसान मोर्चा समेत अन्य लोग शामिल रहेंगे। आखिरी अरदास में शामिल होने के लिए जिले के दोनों मृतक किसानों के परिजन शामिल होने के लिए जाएंगे। दोनों किसानों के घर सुरक्षा के मद्देनजर भारी मात्रा में फोर्स तैनात कर दी गई है। आने-जाने वाले लोगों पर सख्त निगरानी की जा रही है। मृतक किसान के परिजन तिकोनिया जाने के लिए पूरी तैयारी कर चुके है। सोमवार रात या मंगलवार की सुबह निकल जाएंगे।
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गृहमंत्री पद के दौरान निष्पक्ष जांच संभव नहीं
लखीमपुर हिंसा में मैनें अपने भतीजे को खोया है। वहां पर जितने भी लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। उनको तभी संतुष्टि मिलेगी, जब गृह राज्यमंत्री को उनके पद से हटाया जाएगा और निष्पक्ष जांच में दोषियों को सजा मिलेगी। चरनजीत सिंह, मृतक किसान दलजीत सिंह के चाचा
अरदास में बनी रणनीति को ही करूंगा पालन
लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में आखिरी अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को है। उसमें शामिल होने जाऊंगा। वहां पर संयुक्त मोर्चा की टीम व कई नेता मौजूद रहेंगे। वहां पर जो भी रणनीति बनेगी। उसी का पालन करूंगा। मन में बस एक ही टीस है कि मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाएगा और कांड में शामिल सभी लोगों को सजा हो। -सुखविंदर सिंह, मृतक किसान गुरूविंदर के पिता
सुरक्षा के मद्देनजर लगाई गई फोर्स
लखीमपुर घटना के बाद मोहरनिया व बंजारनटाडा गांव में सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स लगाई गई है। ऐहतियात के तौर पर आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी को रोका नहीं जा रहा है। -अशोक कुमार, एएसपी ग्रामीण बहराइच
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लखीमपुर हिंसा में बहराइच के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टोला निवासी दलजीत सिंह व मटेरा थाना क्षेत्र के मोहरनिया गांव निवासी गुरूविंदर सिंह की मौत हो गई थी। दोनों किसानों की मौत के बाद राजनेताओं के आने का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेता पहुंचकर मृतक किसान के परिवारों को ढांढस बंधाया और लड़ाई में साथ रहने का वादा किया। मृतक किसानों का परिजनों ने अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन मन में एक कसक रह गई कि अभी भी गृह राज्यमंत्री को उसके पद से हटाया नहीं गया। जिसको लेकर परिजनों में काफी निराशा व आक्रोश है। परिजनों ने मांग की है कि जब तक गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को उसके पद से हटाया नहीं जाता। तब तक निष्पक्ष जांच हो पाना बड़ा मुश्किल है। आगे की लड़ाई को लेकर लखीमपुर खीरी में रणनीति बनाई जाएगी।
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इसके लिए तिकोनिया में आखिरी अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। अरदास में किसान नेता राकेश टिकैत, संयुक्त किसान मोर्चा समेत अन्य लोग शामिल रहेंगे। आखिरी अरदास में शामिल होने के लिए जिले के दोनों मृतक किसानों के परिजन शामिल होने के लिए जाएंगे। दोनों किसानों के घर सुरक्षा के मद्देनजर भारी मात्रा में फोर्स तैनात कर दी गई है। आने-जाने वाले लोगों पर सख्त निगरानी की जा रही है। मृतक किसान के परिजन तिकोनिया जाने के लिए पूरी तैयारी कर चुके है। सोमवार रात या मंगलवार की सुबह निकल जाएंगे।
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गृहमंत्री पद के दौरान निष्पक्ष जांच संभव नहीं
लखीमपुर हिंसा में मैनें अपने भतीजे को खोया है। वहां पर जितने भी लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। उनको तभी संतुष्टि मिलेगी, जब गृह राज्यमंत्री को उनके पद से हटाया जाएगा और निष्पक्ष जांच में दोषियों को सजा मिलेगी। चरनजीत सिंह, मृतक किसान दलजीत सिंह के चाचा
अरदास में बनी रणनीति को ही करूंगा पालन
लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में आखिरी अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को है। उसमें शामिल होने जाऊंगा। वहां पर संयुक्त मोर्चा की टीम व कई नेता मौजूद रहेंगे। वहां पर जो भी रणनीति बनेगी। उसी का पालन करूंगा। मन में बस एक ही टीस है कि मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाएगा और कांड में शामिल सभी लोगों को सजा हो। -सुखविंदर सिंह, मृतक किसान गुरूविंदर के पिता
सुरक्षा के मद्देनजर लगाई गई फोर्स
लखीमपुर घटना के बाद मोहरनिया व बंजारनटाडा गांव में सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स लगाई गई है। ऐहतियात के तौर पर आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी को रोका नहीं जा रहा है। -अशोक कुमार, एएसपी ग्रामीण बहराइच