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Bahraich News: नहर सूखी, पिछड़ रहा किसानों का पलेवा
Sun, 19 Nov 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 19 Nov 2023 12:10 AM IST
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बाबागंज (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित नवाबगंज विकासखंड के सैकड़ों गांवों के किसान गेहूं की बोआई के लिए पानी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सूखी नहर किसानों की समस्या बढ़ा रही है। नहर में पानी न होने से किसान पलेवा नहीं कर पा रहे है और गेहूं, सरसों आदि की बोआई पिछड़ रही है।
सीमावर्ती विकासखंड नवाबगंज में ग्राम पंचायत पटना के निकट सरयू पंप नहर का पंप हाउस बना है। इस मुख्य नहर में लिफ्ट करके पानी छोड़ा जाता है। माइनर नहर शाखाओं परमपुर, गोरखा, लक्ष्मणपुर व शंकरपुर आदि में भी इसी मुख्य नहर से पानी छोड़ा जाता है। इस नहर से विकासखंड के हजारों किसानों की लाखों बीघे भूमि की सिंचाई होती है।
वर्तमान में नहर सूखी होने से किसान बेचैन हैं। नहर में पानी न होने से परमपुर, रामपुर, मुन्ना पाठक, बसंतपुर उदल, शंकरपुर, शिवदासगांव, सहाबा, करीमगांव, दुविधापुर, पंडित पुरवा, पलटनपुरवा, बरगदहा, बसभरिया, कलवारी, गवरखा, लक्ष्मणपुर, वीरपुर व सोरहिया आदि गांवों में खेत सूखे पड़े हैं। खेतों को पानी न मिलने से पलेवा रुका हुआ है। जिससे किसान बोआई पिछड़ने की बात कह रहे हैं।
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डीजल पंप ही सहारा
किसान परमाल सिंह, राम बिलास, भानु प्रताप, चंदन, पाटनदीन, देवेंद्र पाठक व रामकुमार शर्मा आदि ने बताया कि नहर में अब तक पानी आ जाना चाहिए था। पलेवा करने के 15 से 20 दिन में गेहूं व सरसों की बोआई के लिए खेत तैयार होता है। ऐसे में पानी छोड़ने में जितनी देर होगी, खेत उतनी देर से तैयार होगा और उत्पादन प्रभावित होगा। बताया कि महंगा डीजल पंप ही सहारा है।
अभी सिल्ट सफाई हो रही है। सफाई पूरी होने के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। दिसंबर के पहले सप्ताह तक किसानों को पानी मिल जाएगा।
- ओंकार सिंह, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर
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सीमावर्ती विकासखंड नवाबगंज में ग्राम पंचायत पटना के निकट सरयू पंप नहर का पंप हाउस बना है। इस मुख्य नहर में लिफ्ट करके पानी छोड़ा जाता है। माइनर नहर शाखाओं परमपुर, गोरखा, लक्ष्मणपुर व शंकरपुर आदि में भी इसी मुख्य नहर से पानी छोड़ा जाता है। इस नहर से विकासखंड के हजारों किसानों की लाखों बीघे भूमि की सिंचाई होती है।
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वर्तमान में नहर सूखी होने से किसान बेचैन हैं। नहर में पानी न होने से परमपुर, रामपुर, मुन्ना पाठक, बसंतपुर उदल, शंकरपुर, शिवदासगांव, सहाबा, करीमगांव, दुविधापुर, पंडित पुरवा, पलटनपुरवा, बरगदहा, बसभरिया, कलवारी, गवरखा, लक्ष्मणपुर, वीरपुर व सोरहिया आदि गांवों में खेत सूखे पड़े हैं। खेतों को पानी न मिलने से पलेवा रुका हुआ है। जिससे किसान बोआई पिछड़ने की बात कह रहे हैं।
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डीजल पंप ही सहारा
किसान परमाल सिंह, राम बिलास, भानु प्रताप, चंदन, पाटनदीन, देवेंद्र पाठक व रामकुमार शर्मा आदि ने बताया कि नहर में अब तक पानी आ जाना चाहिए था। पलेवा करने के 15 से 20 दिन में गेहूं व सरसों की बोआई के लिए खेत तैयार होता है। ऐसे में पानी छोड़ने में जितनी देर होगी, खेत उतनी देर से तैयार होगा और उत्पादन प्रभावित होगा। बताया कि महंगा डीजल पंप ही सहारा है।
अभी सिल्ट सफाई हो रही है। सफाई पूरी होने के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। दिसंबर के पहले सप्ताह तक किसानों को पानी मिल जाएगा।
- ओंकार सिंह, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर