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भाजपा ने पुराने सिपहसालारों पर जताया भरोसा

Mon, 23 Jan 2017 12:03 AM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Mon, 23 Jan 2017 12:03 AM IST
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BJP also expressed confidence on the old soldiers
उत्तराखंड बीजेपी
 उहापोह और इंतजार के बीच भाजपा ने पांचवें चरण के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। बहराइच जिले में भाजपा ने अधिकतर पुराने सिपहसालारों पर भरोसा जताया है। दो दलबदलुओं को भी मौका दिया है। लेकिन सियासी पंडितों की मानें तो जो चुनावी परिदृश्य उभरकर सामने आ रहे हैं, वह शायद ही चौंकाने वाले नतीजे सामने ला सकें। 
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जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी अधिसूचना जारी होने के बाद से ही बरकरार है। लेकिन टिकट को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। लोगों की नजरें भाजपा के टिकट पर टिकी थीं। दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली विश्वरिया मैदान में हुई।
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तब कयास लगाए जा रहे थे कि शायद कुछ उम्मीदवारों के पत्ते यहां खुल जाएं। लेकिन संयोग से मौसम दगा दे गया और प्रधानमंत्री बहराइच की जनता से संवाद नहीं कर सके। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व के टिकट घोषणा पर दारोमदार था। इंतजार और उहापोह के बीच रविवार देर शाम भाजपा ने दूसरी सूची जारी कर दी। भाजपा की सूची पर नजर डालें तो पयागपुर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर सुभाष त्रिपाठी को मौका दिया गया है। वहीं सदर क्षेत्र में भाजपा ने प्रदेश महामंत्री अनुपमा जायसवाल पर फिर दांव खेला है। महसी विधानसभा क्षेत्र में सुरेश्वर सिंह को फिर चुनाव मैदान में उतारा गया है।
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वहीं, कैसरगंज विधानसभा सीट पर सिटिंग विधायक मुकुट बिहारी वर्मा चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस के टिकट से 2012 में विधायक बनीं माधुरी वर्मा ने बीते दिनों भाजपा का दामन थामा था, उन्हें नानपारा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। लगभग यही स्थिति सपा छोड़कर आए पूर्व एमएलसी अरुणवीर सिंह की है। उन्हें भी मटेरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने आजमाया है।

वहीं, बलहा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री अक्षयवरलाल गोंड को पुन: मैदान में उतारा गया है। सियासी पंडितों की मानें तो भाजपा ने पुराने सिपहसालारों पर भरोसा किया है। साथ ही दो दलबदलुओं को मौका दिया। इसके नतीजे क्या होंगे, यह तो चुनाव बाद पता चलेगा। लेकिन शायद ही चौंकाने वाले परिणाम आ सकें। 
 

वर्ष 2012 के चुनाव में महसी विधानसभा क्षेत्र में आधा हिस्सा फखरपुर विधानसभा क्षेत्र का जोड़ दिया गया। इसके बाद बसपा उम्मीदवार केके ओझा ने यह सीट 2007 में विधायक चुने गए बीजेपी के सुरेश्वर सिंह से छीन ली थी। कैसरगंज सीट को मुकुटबिहारी वर्मा ने बदला लेते हुए बसपा से हथियाया था। वहीं बहराइच विधानसभा सीट पर डॉ. वकार अहमद शाह का दबदबा रहा।


1993 से वह चुनाव जीत रहे हैं। इस बार अस्वस्थता के चलते डॉ. वकार मैदान से बाहर हैं। उनकी पत्नी रुआब सईदा चुनाव मैदान में हैं। डॉ. वकार के सामने वर्ष 2012 में तीसरे नंबर पर रहीं अनुपमा जायसवाल पर भाजपा ने दांव खेला है। वहीं कैबिनेट मंत्री यासर शाह के सामने मटेरा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व एमएलसी अरुणवीर सिंह को उतारा है। परिणाम को लेकर कयास शुरू हो गए हैं।
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