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एक हजार करोड़ से बनेगा नेपाल सीमा तक छह लेन हाईवे
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बहराइच। लखनऊ से नेपाल तक का सफर जल्द ही सुगम व जाम मुक्त बनेगा। इसके लिए टू-लेन का चौड़ीकरण कर इसे बाराबंकी से रुपईडीहा के नेपाल बार्डर तक छह लेन हाईवे के बतौर बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से छह लेन हाईवे की प्रस्तावित कार्ययोजना पर खर्च होने वाली एक हजार करोड़ की बजट राशि को भी स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही प्रस्तावित हाईवे से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया समेत अन्य कार्यों को स्पीड अप बनाया जाएगा। इसके तहत सरयू नदी पर एक नए पुल के साथ ही कई अन्य जगह नए अंडरपास भी बनेंगे। चौड़ीकरण के बाद बनने वाले इस छह लेन हाईवे के निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपी गयी है।
हाईवे की तैयार प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत ही टू-लेन हाईवे को अब छह लेन युक्त बनाने का फैसला किया गया है। इसके बन जाने से नेपाल में चीन की बढ़ती व्यापारिक व सामरिक दखलंदाजी को रोकने में भी प्रभावी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार के स्तर पर इसके लिए पहले फोरलेन सड़क निर्माण को ही मंजूरी मिली थी लेकिन अब केंद्रीय मंत्रालय ने संशोधित डीपीआर को मंजूरी देते हुए इसे छह लेन का हाईवे बनाने के साथ ही इस पर खर्च होने वाली एक हजार करोड़ की बजट राशि को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। बाराबंकी जिले से निकलने वाले इस हाईवे की नेपाल बार्डर तक की दूरी करीब 160 किलोमीटर होगी। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) की ओर से प्रस्तावित हाईवे के निर्माण कार्य से जुड़ी प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। संवाद
हाईवे चौड़ीकरण के लिए 150 ग्राम पंचायतों की जमीन को अधिग्रहीत किया जाएगा। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर तय दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन स्तर पर मुआवजे के लिए जरूरी बजट राशि का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है ताकि अधिग्रहण के साथ मुआवजे की रकम का तत्काल भुगतान किया जा सके।
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चौड़ीकरण के साथ बनने वाले करीब 160 किलोमीटर लंबे छह लेन हाईवे के निर्माण पर दो हजार करोड़ से भी अधिक धनराशि खर्च होने का अनुमान है। आला अफसरों और अभियंताओं की निगरानी में तैयार की जा रही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में रामनगर के सरयू घाट पर एक पुल के साथ कई जगहों पर अंडर पास बनाया जाएगा। छहलेन बनने से लोगों की राह और आसान होगी। केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद बाराबंकी से रुपईडीहा तक करीब 160 किलोमीटर की पूरी सड़क बनाई गई थी। इस पर लगभग 1600 करोड़ का खर्च आया था। प्रस्तावित छह लेन हाईवे का 35 किलोमीटर हिस्सा बाराबंकी जिले में आएगा।
डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने प्रस्तावित छह लेन हाईवे से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। एनएचआई के अफसरों ने डीएम को बताया कि फिलहाल केंद्र सरकार ने इसके लिए एक हजार करोड़ रुपया स्वीकृत किया है। इससे छह लेन हाईवे के निर्माण को लेकर आवश्यक काम पूरे कराए जाएंगे। ूइसके लिए भूमि अधिग्रहण के साथ ही इसका पूरा डीपीआर नए सिरे से तैयार हो रहा है। इसके बाद ही निर्माण कार्य से जुड़ी टेंडर शुरू होगी। भरोसा दिलाया कि अगले वर्ष तक इस हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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हाईवे की तैयार प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत ही टू-लेन हाईवे को अब छह लेन युक्त बनाने का फैसला किया गया है। इसके बन जाने से नेपाल में चीन की बढ़ती व्यापारिक व सामरिक दखलंदाजी को रोकने में भी प्रभावी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार के स्तर पर इसके लिए पहले फोरलेन सड़क निर्माण को ही मंजूरी मिली थी लेकिन अब केंद्रीय मंत्रालय ने संशोधित डीपीआर को मंजूरी देते हुए इसे छह लेन का हाईवे बनाने के साथ ही इस पर खर्च होने वाली एक हजार करोड़ की बजट राशि को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। बाराबंकी जिले से निकलने वाले इस हाईवे की नेपाल बार्डर तक की दूरी करीब 160 किलोमीटर होगी। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) की ओर से प्रस्तावित हाईवे के निर्माण कार्य से जुड़ी प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। संवाद
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हाईवे चौड़ीकरण के लिए 150 ग्राम पंचायतों की जमीन को अधिग्रहीत किया जाएगा। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर तय दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन स्तर पर मुआवजे के लिए जरूरी बजट राशि का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है ताकि अधिग्रहण के साथ मुआवजे की रकम का तत्काल भुगतान किया जा सके।
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चौड़ीकरण के साथ बनने वाले करीब 160 किलोमीटर लंबे छह लेन हाईवे के निर्माण पर दो हजार करोड़ से भी अधिक धनराशि खर्च होने का अनुमान है। आला अफसरों और अभियंताओं की निगरानी में तैयार की जा रही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में रामनगर के सरयू घाट पर एक पुल के साथ कई जगहों पर अंडर पास बनाया जाएगा। छहलेन बनने से लोगों की राह और आसान होगी। केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद बाराबंकी से रुपईडीहा तक करीब 160 किलोमीटर की पूरी सड़क बनाई गई थी। इस पर लगभग 1600 करोड़ का खर्च आया था। प्रस्तावित छह लेन हाईवे का 35 किलोमीटर हिस्सा बाराबंकी जिले में आएगा।
डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने प्रस्तावित छह लेन हाईवे से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। एनएचआई के अफसरों ने डीएम को बताया कि फिलहाल केंद्र सरकार ने इसके लिए एक हजार करोड़ रुपया स्वीकृत किया है। इससे छह लेन हाईवे के निर्माण को लेकर आवश्यक काम पूरे कराए जाएंगे। ूइसके लिए भूमि अधिग्रहण के साथ ही इसका पूरा डीपीआर नए सिरे से तैयार हो रहा है। इसके बाद ही निर्माण कार्य से जुड़ी टेंडर शुरू होगी। भरोसा दिलाया कि अगले वर्ष तक इस हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।