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कटान पीड़ितों ने चेतावनी देकर खत्म किया अनशन
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कैसरगंज/फखरपुर (बहराइच)। कैसरगंज तहसील के ग्राम पंचायत मंझारा तौकली के मजरा ग्यारह सौ रेती में दो दिनों से चल रहा कटान पीड़ितों का आमरण अनशन शुक्रवार को एसडीएम के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। शुक्रवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम महेश कुमार कैथल व सीओ कमलेश कुमार ने कटान पीड़ितों से बात की और दो दिन में कटान रोकने के लिए काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा की ओर से ग्यारह सौ रेती में की जा रही कटान से भयभीत ग्रामीण दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे। ग्रामीणों की मांग थी कि कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से काम शुरू करवाया जाए। जिस पर शुक्रवार को एसडीएम महेश कुमार कैथल व सीओ कमलेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की।
एसडीएम महेश कुमार कैथल ने बताया कि अधिशासी अधिकारी शोभित कुशवाहा द्वारा आश्वासन दिया गया है कि शुक्रवार से बाढ़ रोकने के लिए औपचारिक ठोकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फौरी तौर पर बोरियों व बांस-बल्लियों के सहारे कटान रोकने के लिए प्रयास शुरू किया जाएगा। साथ ही कटान पर पूर्ण विराम लगाने के लिए शासन को कार्ययोजना बनाकर भेजी गयी है। शासन की ओर से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवाया जाएगा। धरने पर बैठे ग्रामीण अशोक कुमार, सुरेश निषाद, वृद्धि चन्द्र, ओमप्रकाश, रामप्यारे आदि ने बताया यदि दो दिन में ठोकर का काम नहीं शुरू हुआ तो फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा की ओर से ग्यारह सौ रेती में की जा रही कटान से भयभीत ग्रामीण दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे। ग्रामीणों की मांग थी कि कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से काम शुरू करवाया जाए। जिस पर शुक्रवार को एसडीएम महेश कुमार कैथल व सीओ कमलेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की।
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एसडीएम महेश कुमार कैथल ने बताया कि अधिशासी अधिकारी शोभित कुशवाहा द्वारा आश्वासन दिया गया है कि शुक्रवार से बाढ़ रोकने के लिए औपचारिक ठोकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फौरी तौर पर बोरियों व बांस-बल्लियों के सहारे कटान रोकने के लिए प्रयास शुरू किया जाएगा। साथ ही कटान पर पूर्ण विराम लगाने के लिए शासन को कार्ययोजना बनाकर भेजी गयी है। शासन की ओर से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवाया जाएगा। धरने पर बैठे ग्रामीण अशोक कुमार, सुरेश निषाद, वृद्धि चन्द्र, ओमप्रकाश, रामप्यारे आदि ने बताया यदि दो दिन में ठोकर का काम नहीं शुरू हुआ तो फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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