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कागजों पर सड़क बनाकर हड़पा पैसा, दर्ज होगा मुकदमा
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बहराइच। विकास के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कार्यों में पैसों की बंदरबांट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कागजों पर ही सड़क बनाना दिखा कर 1.8 लाख का भुगतान हड़पने का ऐसा ही एक गोलमाल मनरेगा लोकपाल की जांच में सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा लोकपाल ने इस मामले में गड़बड़ी के आरोपी ग्राम प्रधान, सचिव व सहायक अभियंता पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही जालसाजी से हड़पे गए सरकारी धन की रिकवरी का निर्देश भी दिया है।
जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत जमापुर निवासी मुर्सलीन खां ने मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में हुए निर्माण कार्य में गड़बड़ी कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाया गया था। इसकी स्थलीय जांच मनरेगा लोकपाल ने मौके पर पहुंच कर की। जांच में देशराज के खेत से शाहिद के खेत तक मिट्टी पटायी के लिए किया गया 34480 रुपए का भुगतान पूरी तरह फर्जी पाया गया। जिस सड़क के नाम पर भुगतान करना दर्शाया गया था, मौके पर वह सड़क कही बनी ही नहीं थी।
गांव निवासी अनवर के खेत से फखरुद्दीन के खेत तक पूर्व में कराए गए कार्य का नाम बदलकर दोबारा 37,540 रुपया का फर्जी भुगतान कर इसकी बंदरबांट आपस में कर ली गयी। इसी प्रकार 31,420 व 37,180 रुपया का भुगतान भी कागजों पर ही दर्शा कर फर्जी तरह से हुआ पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व सहायक अभियंता पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराते हुए हड़पे गए सरकारी धन की रिकवरी भी तीनों आरोपियों से किए जाने का निर्देश दिया है।
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जमापुर के ग्राम प्रधान शादाब अली, तत्कालीन सचिव शिखा श्रीवास्तव व तत्कालीन सहायक अभियंता शैलेश दत्त ने मनरेगा योजना के विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर जाली दस्तावेज के आधार पर 1,83,620 रुपया के सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। इस लिए तीनों ही आरोपियों से समानुपात में हड़पी गयी धनराशि की रिकवरी के साथ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उमेश कुमार तिवारी, मनरेगा लोकपाल
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जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत जमापुर निवासी मुर्सलीन खां ने मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में हुए निर्माण कार्य में गड़बड़ी कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाया गया था। इसकी स्थलीय जांच मनरेगा लोकपाल ने मौके पर पहुंच कर की। जांच में देशराज के खेत से शाहिद के खेत तक मिट्टी पटायी के लिए किया गया 34480 रुपए का भुगतान पूरी तरह फर्जी पाया गया। जिस सड़क के नाम पर भुगतान करना दर्शाया गया था, मौके पर वह सड़क कही बनी ही नहीं थी।
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गांव निवासी अनवर के खेत से फखरुद्दीन के खेत तक पूर्व में कराए गए कार्य का नाम बदलकर दोबारा 37,540 रुपया का फर्जी भुगतान कर इसकी बंदरबांट आपस में कर ली गयी। इसी प्रकार 31,420 व 37,180 रुपया का भुगतान भी कागजों पर ही दर्शा कर फर्जी तरह से हुआ पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व सहायक अभियंता पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराते हुए हड़पे गए सरकारी धन की रिकवरी भी तीनों आरोपियों से किए जाने का निर्देश दिया है।
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जमापुर के ग्राम प्रधान शादाब अली, तत्कालीन सचिव शिखा श्रीवास्तव व तत्कालीन सहायक अभियंता शैलेश दत्त ने मनरेगा योजना के विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर जाली दस्तावेज के आधार पर 1,83,620 रुपया के सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। इस लिए तीनों ही आरोपियों से समानुपात में हड़पी गयी धनराशि की रिकवरी के साथ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उमेश कुमार तिवारी, मनरेगा लोकपाल