{"_id":"62fbde05d45d9525756c374e","slug":"bahraich-bahraich-news-lko644052597","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौंफ और काली मिर्च में रंग मिलाकर बेच रहे व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौंफ और काली मिर्च में रंग मिलाकर बेच रहे व्यापारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। अगर आप मसाला युक्त भोजन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। जिले में कई दुकानदार रंग मिला हुआ मसाला बेच रहे हैं। यह खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में हुआ है। हालांकि, इस प्रकरण पर अधिकारियों ने संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया है। मंगलवार को मोबाइल लैब द्वारा की गई सैंपलिंग में 41 नमूनों की मौके पर ही जांच हुई जिसमें 11 नमूने फेल पाए गए।
जिले के खाद्य कारोबारी लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कभी रिफाइंड तेल को शुद्ध दिखाने के लिए हानिकारक रंगों का प्रयोग कर रहे हैं तो कभी चाय की पत्तियों में हानिकारक रंगों का प्रयोग कर रहे हैं। पूर्व में भी जिले से धनिया के पाउडर में जानवर की लीद मिलाने का मामला सामने आ चुका है। कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ लगातार खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। अब मोबाइल लैब की जांच में खड़े मसालों में हानिकारक रंगों के मिश्रण करने का मामला प्रकाश में आया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मोबाइल लैब सेवा का संचालन शुरू हुआ है।
विभाग के डीओ विनोद शर्मा की अगुवाई में एफएसओ राघवेंद्र प्रताप वर्मा, डॉ. रामतेज व विवेक कुमार की टीम ने थाना खैरीघाट क्षेत्र व शहरी क्षेत्रों में मोबाइल लैब से मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने करीब 50 दुकानों पर बिक रहे रिफाइंड, सरसों के तेल, दाल, मिठाई, खड़े व पिसे मसालों की जांच की। विभाग की ओर से 41 नमूनों को मोबाइल लैब के माध्यम से मौके पर ही परखा गया। इस दौरान 11 नमूने फेल मिले। फेल नमूनों में सबसे ज्यादा सौंफ में हानिकारक रंगों का प्रयोग पाया गया। इसके अलावा काली मिर्च समेत अन्य मसालों में भी मिलावट की पुष्टि हुई। हालांकि, विभाग की टीम ने कार्रवाई न करते हुए मौके पर सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए छोड़ दिया। डीओ विनोद शर्मा ने बताया कि मोबाइल लैब से 41 खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर की गई जिसमें 11 नमूनों में मिश्रण पाया गया। सौंफ में हानिकारक रंग का प्रयोग जांच के दौरान पाया गया। सभी दुकानदारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। दोबारा जांच में अगर मिलावट पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के खाद्य कारोबारी लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कभी रिफाइंड तेल को शुद्ध दिखाने के लिए हानिकारक रंगों का प्रयोग कर रहे हैं तो कभी चाय की पत्तियों में हानिकारक रंगों का प्रयोग कर रहे हैं। पूर्व में भी जिले से धनिया के पाउडर में जानवर की लीद मिलाने का मामला सामने आ चुका है। कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ लगातार खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। अब मोबाइल लैब की जांच में खड़े मसालों में हानिकारक रंगों के मिश्रण करने का मामला प्रकाश में आया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मोबाइल लैब सेवा का संचालन शुरू हुआ है।
विज्ञापन
विभाग के डीओ विनोद शर्मा की अगुवाई में एफएसओ राघवेंद्र प्रताप वर्मा, डॉ. रामतेज व विवेक कुमार की टीम ने थाना खैरीघाट क्षेत्र व शहरी क्षेत्रों में मोबाइल लैब से मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने करीब 50 दुकानों पर बिक रहे रिफाइंड, सरसों के तेल, दाल, मिठाई, खड़े व पिसे मसालों की जांच की। विभाग की ओर से 41 नमूनों को मोबाइल लैब के माध्यम से मौके पर ही परखा गया। इस दौरान 11 नमूने फेल मिले। फेल नमूनों में सबसे ज्यादा सौंफ में हानिकारक रंगों का प्रयोग पाया गया। इसके अलावा काली मिर्च समेत अन्य मसालों में भी मिलावट की पुष्टि हुई। हालांकि, विभाग की टीम ने कार्रवाई न करते हुए मौके पर सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए छोड़ दिया। डीओ विनोद शर्मा ने बताया कि मोबाइल लैब से 41 खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर की गई जिसमें 11 नमूनों में मिश्रण पाया गया। सौंफ में हानिकारक रंग का प्रयोग जांच के दौरान पाया गया। सभी दुकानदारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। दोबारा जांच में अगर मिलावट पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन