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घसियारीपुरा व नौव्वागढ़ी वालों के लिए शोपीस बनी पानी की टंकी
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बहराइच। नगर पालिका क्षेत्र के घसियारीपुरा व नौव्वागढ़ी वार्ड में जलापूर्ति के लिए बनाई गई पानी की टंकी शोपीस बनकर खड़ी है। पालिका प्रशासन टंकी की रिसाव की समस्या दूर कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। मोहल्लों में प्रकाश व्यवस्था का भी कोई इंतजाम नहीं है। शाम होते ही मोहल्लों में अंधेरा पसर जाता है। सफाई कर्मियों की अनदेखी से मोहल्ले में गंदगी का अंबार है। नालियां पटी पड़ी हैं। नगर पालिका प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते मोहल्लेवासी तमाम दुश्वारियों के बीच जीवन गुजार रहे हैं। कई बार मोहल्लेवासियों ने जनप्रतिनिधियों से व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मोहल्लों में जलापूर्ति के लिए वर्ष 2000 में करीब ढाई करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराकर पाइप लाइन बिछाई गई थी। जलापूर्ति के लिए बोरिंग की व्यवस्था बनाई गई थी। बाद में दूसरी बोरिंग दुर्गा मंदिर के पास कराई गई थी। कुछ माह तक तो टंकी से मोहल्लेवासियों को जलापूर्ति की गई, लेकिन बाद में मानक के विपरीत बनाई गई पानी की टंकी में रिसाव होने लगा।
इसके बाद पानी की टंकी का संचालन बंद कर दिया गया। अब दोनों मोहल्लों के कुछ हिस्सों में दुर्गा मंदिर के पास कराई बोरिंग से ही दो बार पानी की सप्लाई की जाती है। वहीं, कई लोगों ने अपने संसाधनों से जलापूर्ति की व्यवस्था बना रखी है। वहीं, गलियों में प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। मोहल्ले में सफाईकर्मियों की तैनाती तो है, लेकिन ज्यादातर सफाई कर्मी नदारद रहते हैं।
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मोहल्ले के पूर्व सभासद संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा समय में सफाई कर्मियों की अनदेखी मोहल्लेवासियों पर भारी पड़ रही है। नगर विधायक अनुपमा जायसवाल ने मोहल्ला स्थित टाटा मोटर्स के पास मार्ग व नाले के निर्माण की स्वीकृत दी है। शीघ्र ही मार्ग व नाले का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे यहां जलभराव की स्थित समाप्त हो जाएगी। पूर्व सभासद का कहना है कि मोहल्ले की ज्यादातर समस्याएं नपाप प्रशासन की उदासीनता से हैं। वहीं, इसी मोहल्ले के पूर्व सभासद अजय सिंह ने भी नपाप प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के महज दो पर स्थानों पर ही सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी की ओर से निरीक्षण किया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि समस्या का समाधान करा जाएगा, लेकिन उनका स्थानांतरण हो गया।
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मोहल्लों में जलापूर्ति के लिए वर्ष 2000 में करीब ढाई करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराकर पाइप लाइन बिछाई गई थी। जलापूर्ति के लिए बोरिंग की व्यवस्था बनाई गई थी। बाद में दूसरी बोरिंग दुर्गा मंदिर के पास कराई गई थी। कुछ माह तक तो टंकी से मोहल्लेवासियों को जलापूर्ति की गई, लेकिन बाद में मानक के विपरीत बनाई गई पानी की टंकी में रिसाव होने लगा।
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इसके बाद पानी की टंकी का संचालन बंद कर दिया गया। अब दोनों मोहल्लों के कुछ हिस्सों में दुर्गा मंदिर के पास कराई बोरिंग से ही दो बार पानी की सप्लाई की जाती है। वहीं, कई लोगों ने अपने संसाधनों से जलापूर्ति की व्यवस्था बना रखी है। वहीं, गलियों में प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। मोहल्ले में सफाईकर्मियों की तैनाती तो है, लेकिन ज्यादातर सफाई कर्मी नदारद रहते हैं।
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मोहल्ले के पूर्व सभासद संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा समय में सफाई कर्मियों की अनदेखी मोहल्लेवासियों पर भारी पड़ रही है। नगर विधायक अनुपमा जायसवाल ने मोहल्ला स्थित टाटा मोटर्स के पास मार्ग व नाले के निर्माण की स्वीकृत दी है। शीघ्र ही मार्ग व नाले का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे यहां जलभराव की स्थित समाप्त हो जाएगी। पूर्व सभासद का कहना है कि मोहल्ले की ज्यादातर समस्याएं नपाप प्रशासन की उदासीनता से हैं। वहीं, इसी मोहल्ले के पूर्व सभासद अजय सिंह ने भी नपाप प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के महज दो पर स्थानों पर ही सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी की ओर से निरीक्षण किया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि समस्या का समाधान करा जाएगा, लेकिन उनका स्थानांतरण हो गया।