फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bahraich

नहरों को नहीं मिला पानी, मुश्किल हुई खेती-किसानी

Sat, 25 Jun 2022 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
bahraich
बहराइच। 11 दिसंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बलरामपुर से सरयू नहर परियोजना देश को समर्पित की थी तो जिले के लाखों किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे थे। किसानों को उम्मीद थी कि अब खेती-किसानी के लिए पानी की कमी नहीं रहेगी। प्रधानमंत्री ने नहर के आखिरी छोर व प्रत्येक माइनर तक पानी पहुंचने की बात कही थी, लेकिन इस समय जिले में हालात बिल्कुल उलट दिख रहे हैं। धान की नर्सरी लगाने का समय चल रहा है। किसानों को पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन जिले की कई नहरें व माइनर खुद प्यासी हैं।
विज्ञापन

किसानों को पंपिंग सेट लगाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। हालांकि, ज्यादातर किसान इतनी महंगी सिंचाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं, नहरों में पानी न होने से गन्ना व मेंथा के किसान भी प्रभावित हैं। लापरवाही का आलम यह है कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो गई है और माइनरों की सफाई तक नहीं कराई गई है। इनमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आईं हैं।
विज्ञापन

जिले के पांच लाख से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 1350 किलोमीटर लंबी नहरों व माइनरों का जाल बिछा है। 1,60,402 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र को पानी देने के लिए 175 नहरें बनाई गईं हैं। ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सके, इसके लिए माइनर भी निकाली गई हैं। विभागीय दावों के मुताबिक नहरों से 1,08,440 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की सिंचाई की जाती है। हालांकि, इस समय ये दावे धराशायी नजर आ रहे हैं। बड़ी नहरों में तो पानी है, लेकिन अधिकतर छोटी नहरें सूखी हैं। आलम यह है कि सफाई न कराए जाने से इनमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरयू नहर, खंड पंचम के अधिशाषी अभियंता व नोडल अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि कुल सिंचित क्षेत्र के हिसाब से गोंडा व बस्ती ब्रांच के लिए गिरिजा बैराज से 223 क्यूमिक पानी की जरूरत है, लेकिन 148 से 149 क्यूमिक पानी ही मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले की नहरों में 10 जून से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। बहराइच ऊंचाई पर है इसलिए पानी नीचे की ओर सरक रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी माइनरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
तेजवापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत तेजवापुर में दर्जनों गांवों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए नहर की मुख्य शाखा से छोटी नहर निकाली गई है। इस नहर से तेजवापुर, उदवापुर, सिरजापुर, सुरजना, वीर सहायपुर, दहाव आदि गांवों में पांच हजार से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। हालांकि, इस समय माइनर सूखी होने से धान की नर्सरी लगाने वाले किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
चौधरी चरण सिंह सरयू नहर पंप खंड-3 से निकली लिंक नहरों में पानी उपलब्ध न होने से किसानों की धान की नर्सरी व गन्ने की फसल सूखने लगी है। ब्लॉक क्षेत्र के दशरथ पुरवा, उमरिया, कबडियनगांव, नंदागांव, राधेपुरवा, धोबाही , सावलगांव, हरिहरपुर, रहीम नगर, ढोड़े, बक्शी गांव, हसन पुर, सिद्धूगांव, महादेवा, सेमरा, अवधूत गांव, धन्नी गांव, तिवारीगांव, जलालपुर, शंकरपुर आदि के 10 हजार से अधिक किसान प्रभावित हैं। किसान राजित राम, भोले राम, बाबादीन, संदीप वर्मा, आरिफ, साबिर अली आदि ने बताया कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार सुन नहीं रहे हैं। अवर अभियंता ओंकार सिंह ने बताया कि कहीं लो वोल्टेज तो कहीं ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पानी नहीं पहुंच रहा है।
जरवल ब्लॉक से निकली छोटी नहर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां मौजूद हैं। किसानों को धान की नर्सरी के लिए पानी की सख्त जरूरत है, लेेकिन आपूर्ति न होने से दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के गन्ना किसान भी सिंचाई विभाग की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं ताकि उन्हें महंगे डीजल से पंपिंग सेट चलाकर सिंचाई न करनी पड़े। बता दें कि जरवल से गुजरी इस नहर से बढ़ौली, पवही, नकहरा, गोदौरा, जैतौरा आदि गांवों के हजारों किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है।
हुजूरपुर विकासखंड के बैकुंठा गांव में हजारों किसानों के खेतों को सिंचित करने वाली नहर सूखी पड़ी है। बैकुंठा नहर के सूखने से मुनसीपुरवा, हरराजपुर, कारीढीहा, गौरिया ऐलिहा, सदियाबाद, गोबरहा, मोंगलहा, ताजपुर, सुरजना, कटघरा, पटखौली आदि गांवों के हजारों किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है। किसान कृपा, बृजा, भल्लर, विश्राम, मेवालाल, ननके, समुज, छोटे, गुरुशरण, मंगल, सत्तन, वारिस, जगदीश प्रसाद, बृजेश आदि ने बताया कि जरूरत के समय पानी नहीं मिल रहा है। ऐसे में महंगा डीजल डालकर पंपिंग सेट चलाना पड़ रहा है।

कस्बा क्षेत्र से गुजरी नहर में पानी तो छोड़ दिया गया है, लेकिन यह पानी सिंचाई के लिए अपर्याप्त है। कम होने से किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों को मजबूरी में पंपिंग सेट चलाना पड़ रहा है। बताते चलें कि नहरों से किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से जगह-जगह पाइप डाला जाता है। वर्तमान में नहर में बह रहा पानी पाइपों की ऊंचाई से नीचे है। इस वजह से 100 से अधिक गांवों के 20 हजार किसान सिंचाई से वंचित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed