{"_id":"628bc8dd684ebc3f382950e8","slug":"bahraich-bahraich-news-lko631939224","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदइंतजामी का आलम... बसों में एक-एक सीट के लिए जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदइंतजामी का आलम... बसों में एक-एक सीट के लिए जंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। घड़ी में सोमवार सुबह नौ बज रहे थे। रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही। अचानक लखनऊ की ओर से एक खाली बस आई। पलक झपकते ही बस पर बैठने के लिए यात्री टूट पड़े और दरवाजे व खिड़की से सीट पाने के लिए घुसते नजर आए। पलक झपकते ही बसों की सीटें घिर गईं और सीट पाने के लिए बाहर खड़े यात्री व जायरीन जद्दोजहद करते नजर आए। रोडवेज बस स्टेशन पर दिखी बसों की कमी व यात्रियों की समस्या ने दरगाह मेले के लिए रोडवेज प्रशासन की तैयारियों व दावों की पोल खोल दी। यात्रियों व जायरीन को गंतव्य तक जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। बसों की कमी होने के कारण प्राइवेट बसों व टैक्सी चालकों की चांदी रही।
जिले में शुरू होने वाले जेठ मेले से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने चार सौ अतिरिक्त बसें चलाने का दावा किया था। मेले के दौरान प्रशासन ने यात्रियों के लिए व्यवस्था चाक-चौबंद कराने के दावे किए थे, लेकिन मेला शुरू होते ही रोडवेज प्रशासन के दावे कागजों तक ही सिमटते नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर बसों के इंतजार में घंटो खड़े होना पड़ रहा है। इसके बावजूद यात्रियों को बसें उपलब्ध नहीं हो रही है। बता दें कि मौजूदा समय में बहराइच रोडवेज बस अड्डे से गोंडा, फैजाबाद, बलरामपुर, लखनऊ, कानपुर, बनारस व इलाहाबाद समेत विभिन्न मार्गों पर सौ बसों के संचालन का दावा रोडवेज प्रशासन कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जिन सौ बसों के संचालन का दावा रोडवेज प्रशासन कर रहा है, उनमें से एक दर्जन से अधिक तकनीकी कारणों से रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी धूल फांक रही हैं।
रोडवेज प्रशासन का दावा था कि मेले में जायरीन की संख्या को देखते हुए चार सौ अतिरिक्त बसों के संचालन की व्यवस्था अलग से कराई जाएगी। यह भी कहा गया था कि जरूरत पड़ी तो रोडवेज बस अड्डे से संचालित सौ बसों के बेड़े में से 50 बसें जायरीन की मांग के सापेक्ष मार्गों पर संचालित की जाएंगी, लेकिन मेला शुरू होते ही रोडवेज प्रशासन के सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हालत यह है कि रोजाना चलने वाले यात्रियों को भी मेले के दौरान खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज प्रशासन व्यवस्था कराने में असमर्थ नजर आ रहा है।
विज्ञापन
लखनऊ जाने वाली यात्री नीलम ने बताया कि वह सोमवार को लखनऊ में मरीज देखने के लिए जा रही थीं। सुबह जब रोडवेज बस स्टेशन पहुंचीं तो काफी भीड़ थी। भीड़ होने के कारण बसें आते ही भर रही थीं। लगभग दो घंटे इंतजार करने के बाद भी जब बस नहीं मिली तो वापस घर चली गईं। बक्शीपुरा मोहल्ला निवासी दिनेश ने बताया कि वह अपने काम से लखनऊ जा रहे थे। जब वह बस अड्डा पहुंचे तो देखा कि बस ही नहीं थी। जो आ रही थीं तुरंत भर जा रही थीं। उन्होंने बताया कि बस आते ही छोटे बच्चों को खिड़की से अंदर भेजकर सीट पर कब्जा कर पाए। इसके बाद गंतव्य को रवाना हो सके।
मामले में जानकारी लेने के लिए जब एआरएम मोहम्मद इरफान व आरएम देवीपाटन मंडल प्रभाकर मिश्रा के मोबाइल नंबर पर कॉल की गई तो घंटी बजती रही पर कॉल रिसीव नहीं हुई।
विज्ञापन
जिले में शुरू होने वाले जेठ मेले से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने चार सौ अतिरिक्त बसें चलाने का दावा किया था। मेले के दौरान प्रशासन ने यात्रियों के लिए व्यवस्था चाक-चौबंद कराने के दावे किए थे, लेकिन मेला शुरू होते ही रोडवेज प्रशासन के दावे कागजों तक ही सिमटते नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर बसों के इंतजार में घंटो खड़े होना पड़ रहा है। इसके बावजूद यात्रियों को बसें उपलब्ध नहीं हो रही है। बता दें कि मौजूदा समय में बहराइच रोडवेज बस अड्डे से गोंडा, फैजाबाद, बलरामपुर, लखनऊ, कानपुर, बनारस व इलाहाबाद समेत विभिन्न मार्गों पर सौ बसों के संचालन का दावा रोडवेज प्रशासन कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जिन सौ बसों के संचालन का दावा रोडवेज प्रशासन कर रहा है, उनमें से एक दर्जन से अधिक तकनीकी कारणों से रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी धूल फांक रही हैं।
विज्ञापन
रोडवेज प्रशासन का दावा था कि मेले में जायरीन की संख्या को देखते हुए चार सौ अतिरिक्त बसों के संचालन की व्यवस्था अलग से कराई जाएगी। यह भी कहा गया था कि जरूरत पड़ी तो रोडवेज बस अड्डे से संचालित सौ बसों के बेड़े में से 50 बसें जायरीन की मांग के सापेक्ष मार्गों पर संचालित की जाएंगी, लेकिन मेला शुरू होते ही रोडवेज प्रशासन के सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हालत यह है कि रोजाना चलने वाले यात्रियों को भी मेले के दौरान खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज प्रशासन व्यवस्था कराने में असमर्थ नजर आ रहा है।
विज्ञापन
लखनऊ जाने वाली यात्री नीलम ने बताया कि वह सोमवार को लखनऊ में मरीज देखने के लिए जा रही थीं। सुबह जब रोडवेज बस स्टेशन पहुंचीं तो काफी भीड़ थी। भीड़ होने के कारण बसें आते ही भर रही थीं। लगभग दो घंटे इंतजार करने के बाद भी जब बस नहीं मिली तो वापस घर चली गईं। बक्शीपुरा मोहल्ला निवासी दिनेश ने बताया कि वह अपने काम से लखनऊ जा रहे थे। जब वह बस अड्डा पहुंचे तो देखा कि बस ही नहीं थी। जो आ रही थीं तुरंत भर जा रही थीं। उन्होंने बताया कि बस आते ही छोटे बच्चों को खिड़की से अंदर भेजकर सीट पर कब्जा कर पाए। इसके बाद गंतव्य को रवाना हो सके।
मामले में जानकारी लेने के लिए जब एआरएम मोहम्मद इरफान व आरएम देवीपाटन मंडल प्रभाकर मिश्रा के मोबाइल नंबर पर कॉल की गई तो घंटी बजती रही पर कॉल रिसीव नहीं हुई।