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जानलेवा हमले में 28 साल बाद सजा
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बहराइच। थाना हरदी निवासी एक अभियुक्त के 28 साल पुराने मुकदमे में चतुर्थ अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 25 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि थाना हरदी में वादी मुकदमा शिवानंद ने 17 अगस्त, 1994 को अभियुक्तगण ननकुन्ना व परमेश्वर के खिलाफ भाई अमृत लाल व भतीजे जगदीश पर जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि मामला 28 साल पुराना था। चतुर्थ अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को सुनवाई की।
जिरह के बाद अभियुक्त ननकुन्ना को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने दोष सिद्ध अभियुक्त को 25 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियुक्त परमेश्वर की मृत्यु हो जाने पर विशेष न्यायाधीश ने उसका मुकदमा उपशमित कर दिया है।
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एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि थाना हरदी में वादी मुकदमा शिवानंद ने 17 अगस्त, 1994 को अभियुक्तगण ननकुन्ना व परमेश्वर के खिलाफ भाई अमृत लाल व भतीजे जगदीश पर जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि मामला 28 साल पुराना था। चतुर्थ अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को सुनवाई की।
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जिरह के बाद अभियुक्त ननकुन्ना को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने दोष सिद्ध अभियुक्त को 25 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियुक्त परमेश्वर की मृत्यु हो जाने पर विशेष न्यायाधीश ने उसका मुकदमा उपशमित कर दिया है।
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