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45 करोड़ का अनुदान, फिर भी नहीं खरीदा परिधान
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बहराइच। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत नौनिहालों के अभिभावकों को डीबीटी योजना के तहत अब तक लगभग 45 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए जा चुके हैं। इसके बाद भी अधिकांश अभिभावकों ने स्कूल बैग, ड्रेस, जूते व मोजे की खरीद नहीं की है। ऐसे अभिभावकों से अब विभाग हिसाब मांग रहा है। जब तक अभिभावक पूर्व में दी गई धनराशि से सामान की खरीद नहीं कर लेते तब तक उन्हें योजना का लाभ दोबारा प्रदान नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। बीते वर्ष अक्टूबर माह से धनराशि भेजनी शुरू की गई थी। 31 मार्च को सत्र समाप्त हो जाएगा। इसके बाद भी तमाम अभिभावकों ने निर्धारित सामान की खरीद नहीं की है। ऐसे में छात्र-छात्राएं बिना ड्रेस व बैग के ही स्कूल जा रहे हैं। बता दें कि जिले के प्राथमिक विद्यालयों में पांच लाख 32 हजार 442 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग साढ़े चार लाख अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कई चरणों में अभिभावकों का डाटा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है, लेकिन बैंक खाते आधार से लिंक न होने के कारण काफी संख्या में अभिभावकों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
बीते दिनों अंतिम चरण में लगभग सवा लाख अभिभावकों का डाटा शासन को भेजा गया था। 31 मार्च को सत्र समाप्त होने के पहले इनमें से आधे अभिभावकों को ही योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। बीएसए अजय कुमार ने बताया कि जिन अभिभावकों को योजना के तहत धनराशि प्राप्त हो गई है। वे निर्धारित सामान की खरीद कर लें। छात्र-छात्राओं की स्कूल ड्रेस व अन्य सामान के साथ फोटो निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने पर ही योजना के अगले चरण का लाभ मिलेगा।
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अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। बीते वर्ष अक्टूबर माह से धनराशि भेजनी शुरू की गई थी। 31 मार्च को सत्र समाप्त हो जाएगा। इसके बाद भी तमाम अभिभावकों ने निर्धारित सामान की खरीद नहीं की है। ऐसे में छात्र-छात्राएं बिना ड्रेस व बैग के ही स्कूल जा रहे हैं। बता दें कि जिले के प्राथमिक विद्यालयों में पांच लाख 32 हजार 442 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग साढ़े चार लाख अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कई चरणों में अभिभावकों का डाटा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है, लेकिन बैंक खाते आधार से लिंक न होने के कारण काफी संख्या में अभिभावकों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
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बीते दिनों अंतिम चरण में लगभग सवा लाख अभिभावकों का डाटा शासन को भेजा गया था। 31 मार्च को सत्र समाप्त होने के पहले इनमें से आधे अभिभावकों को ही योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। बीएसए अजय कुमार ने बताया कि जिन अभिभावकों को योजना के तहत धनराशि प्राप्त हो गई है। वे निर्धारित सामान की खरीद कर लें। छात्र-छात्राओं की स्कूल ड्रेस व अन्य सामान के साथ फोटो निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने पर ही योजना के अगले चरण का लाभ मिलेगा।
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