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आत्मदाह की चेतावनी देते ही मिल गई गायब फाइल
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पयागपुर (बहराइच)। न्याय पाने के लिए पांच वर्षों से संघर्ष कर रहे एक पीड़ित ने जब आत्मदाह की चेतावनी दी तो अचानक पांच वर्षों से गायब फाइल सामने आ गई। सदर एसडीएम से पीड़ित को न्याय मिल चुका था, लेकिन सुविधा शुल्क न देने के कारण पीड़ित की फाइल गायब कर दी गई थी। तमाम एसडीएम आए और चले गए लेकिन न उसकी फाइल मिली और न ही न्याय मिला। पांच वर्ष तक पीड़ित दौड़ता रहा।
जमीन विवाद के मामले में एसडीएम सदर के आदेश पर राजकमल को पांच वर्ष पहले न्याय मिला था। पयागपुर के तहसील बनने के बाद यह फाइल यहां पहुंच गई। इस फाइल पर तहसील प्रशासन को कुछ औपचारिकताएं और करनी थीं। अमल दरामद कराने के लिए राजकमल प्रतिदिन तहसील के चक्कर लगाता रहा और अंत में उसे पता चला कि उसकी फाइल तहसील से गायब हो गई। गायब फाइल तलाशने के लिए फिर वह उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाने लगा, लेकिन किसी ने उसे न्याय नहीं दिया। थक-हारकर उसने तहसील प्रशासन के समक्ष 21 दिसंबर को आत्मदाह की चेतावनी दे दी थी।
उसकी चेतावनी सुनने के बाद तहसील में हड़कंप मच गया। पांच वर्ष से गायब फाइल अचानक तहसीलदार के पेशकर प्रमोद पाठक के रैक से बरामद हो गई। प्रमोद पाठक ने फाइल मिलने की सूचना तहसीलदार को दी और तहसीलदार उस फाइल को लेकर एसडीएम के पास पहुंचे। यह फाइल प्रमोद पाठक की रैक में कैसे पहुंची इस पर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। एसडीएम ने मामले की जांच शुरू करा दी है। साथ ही राजकमल को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
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जमीन विवाद के मामले में एसडीएम सदर के आदेश पर राजकमल को पांच वर्ष पहले न्याय मिला था। पयागपुर के तहसील बनने के बाद यह फाइल यहां पहुंच गई। इस फाइल पर तहसील प्रशासन को कुछ औपचारिकताएं और करनी थीं। अमल दरामद कराने के लिए राजकमल प्रतिदिन तहसील के चक्कर लगाता रहा और अंत में उसे पता चला कि उसकी फाइल तहसील से गायब हो गई। गायब फाइल तलाशने के लिए फिर वह उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाने लगा, लेकिन किसी ने उसे न्याय नहीं दिया। थक-हारकर उसने तहसील प्रशासन के समक्ष 21 दिसंबर को आत्मदाह की चेतावनी दे दी थी।
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उसकी चेतावनी सुनने के बाद तहसील में हड़कंप मच गया। पांच वर्ष से गायब फाइल अचानक तहसीलदार के पेशकर प्रमोद पाठक के रैक से बरामद हो गई। प्रमोद पाठक ने फाइल मिलने की सूचना तहसीलदार को दी और तहसीलदार उस फाइल को लेकर एसडीएम के पास पहुंचे। यह फाइल प्रमोद पाठक की रैक में कैसे पहुंची इस पर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। एसडीएम ने मामले की जांच शुरू करा दी है। साथ ही राजकमल को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
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