{"_id":"61b786aa6dc3290e405e2524","slug":"bahraich-bahraich-news-lko608787457","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभागों के गठजोड़ में यात्रियों की जान दांव पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभागों के गठजोड़ में यात्रियों की जान दांव पर
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बहराइच। जिले में पुलिस, एआरटीओ व परिवहन निगम के गठजोड़ ने जिले के यात्रियों की जान संकट में डाल दी है। मानक के विपरीत सड़कों पर फर्राटा भर रहे डग्गामार वाहन आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। दुर्घटना में कई यात्रियों की मौत हो जाने के बाद भी जिम्मेदार ऐसे वाहनों के संचालन पर सख्ती करने से कतरा रहें हैं। टूरिस्ट परमिट की आड़ में बसें दिल्ली, हरिद्वार, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार आदि प्रांतों से सवारियों को लाने ले जाने का कार्य खुलेआम कर रही हैं। डग्गामार बसें परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों के राजस्व का चूना लगा रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार जिले की सड़कों पर बेखौफ फर्राटा भरने वाली बसों पर शिकंजा नहीं कस रहे हैं। ऐसे में परिवहन विभाग, पुलिस व एआरटीओ प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल उठने लगे हैं।
जिले से विभिन्न मार्गों पर मानक के विपरीत बेखौफ फर्राटा भर रहे डग्गामार वाहन संचालक यात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जरवलरोड थाने के हरचंदा गांव मोड़ पर हुआ बस हादसा जिले में कोई नई घटना नहीं है। इससे पूर्व भी जिले में डग्गामार वाहनों से कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में पुलिस, एआरटीओ व परिवहन निगम के गठजोड़ ने डग्गामार वाहन संचालकों के हौसले बुलंद कर रखे हैं। हालात ये हैं कि इन डग्गामार वाहनों की न फिटनेस होती है और न ही इनके कागजात दुरुस्त होते हैं। मालूम हो कि जिले के यात्रियों को गंतव्य तक यात्रा कराने के लिए निगम प्रशासन द्वारा रूपईडीहा स्थित अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे व जिला मुख्यालय पर रोडवेज बस अड्डे का संचालन किया जा रहा है।
नियम यह है कि रोडवेज बस अड्डे के एक किलोमीटर की परिधि में कोई निजी स्टैंड नहीं होना चाहिए। बावजूद इसके रूपईडीहा व जिला मुख्यालय पर स्थित रोडवेज बस अड्डे के सामने ही अवैध बसों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। अवैध बसों के संचालक यात्रियों से अधिक किराया वसूल कर गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, दिल्ली, बिहार, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड आदि इलाकों की यात्रा कराते हैं। जिम्मेदारों की चुप्पी उनकी कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रही है।
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जिले के सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा, रामजानकी इंटर कॉलेज रूपईडीहा, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप रूपईडीहा, चाकियारोड भट्टा स्थित कस्टम बैरियर के पास, फखरपुर, इकौना, मिहींपुरवा, शहर के किसान पीजी कॉलेज, जरवरलरोड आदि स्थानों से बेखौफ अवैध तरीके से टूरिस्ट परमिट पर बसों का संचालन स्थानीय हो रहा है।
नानपारा लखीमपुर मार्ग पर एक वर्ष पूर्व यात्रियों को लेकर जा रही डबल डेकर टूरिस्ट बस पलट गई थी। बस में सवार दो यात्रियों की मौत मौके पर हो गई थी। 14 यात्री घायल हुए थे। इसी तरह पयागपुर मेें भी गत वर्ष दिसंबर माह में हुए बस हादसे में 10 लोग घायल हुए थे। अभी हाल ही में बाराबंकी के पास लगभग डेढ़ माह पूर्व हुए बस हादसे में कैसरगंज, जरवल व फखरपुर क्षेत्र के 13 यात्रियों की मौत हो गई थी। जिस बस से हादसा हुआ था उस बस का 27 बार चालान किया जा चुका था। हादसे के दौरान बस की फिटनेस नहीं थी।
जिला समेत प्रदेश भर मेें अवैध स्टैंड को भाजपा नेताओं के इशारे पर ही चलाया जा रहा है। नेता व अधिकारी का गठजोड़ अवैध कमाई का जरिया बन गया है। नेताओं को जनता की सुरक्षा से कोई लेना देना नही रहा।
- रामहर्ष यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
अधिकारी सत्ताधारी नेताओं की कठपुतली बनकर कार्य कर रहें हैं। कई सत्ताधाीन नेता के सरंक्षण में ही अवैध डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है। अधिकारी मजबूर कार्रवाई करने में मजबूर व लाचार है।
इंजीनियर जेपी मिश्रा जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी
मौजूदा भाजपा की सरकार में अवैध कार्य पूरी तरह जायज है। अधिकारी निरंकुश होकर अवैध कमाई में लिप्त हैं। इसी का नतीजा है कि जिले के विभिन्न स्थानों से बेखौफ होकर डग्गामार वाहन संचालक सवारियों को ढो रहे हैं।
- रजवंत सिंह, नगर प्रमुख, शिवसेना
भाजपा सरकार में प्रशासन पूरी तरह निरंकुश हो गया है। डग्गामार वाहनों से निरंतर हादसे होते जा रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं।
- दीपक श्रीवास्तव, जिला महासचिव, आम आदमी पार्टी
सहायक संभागीय कार्यालय में 263 बसें पंजीकृत हैं। 20 बसें स्लीपर हैं जबकि 41 बसों को अस्थाई परमिट जारी किया गया है।
अवैध वाहनों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जाता है। दो माह में दो सौ से अधिक वाहनों का चालान किया गया है जबकि दो दर्जन से अधिक वाहनों को सीज किया जा चुका है। अवैध बसों के संचालन को लेकर शीघ्र ही अभियान चलाकर अवैध बसों की धरपकड़ की जाएगी। डबल डेकर बसों का परमिट बंद कर दिया है।
- राजीव कुमार, एआरटीओ प्रशासन
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जिले से विभिन्न मार्गों पर मानक के विपरीत बेखौफ फर्राटा भर रहे डग्गामार वाहन संचालक यात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जरवलरोड थाने के हरचंदा गांव मोड़ पर हुआ बस हादसा जिले में कोई नई घटना नहीं है। इससे पूर्व भी जिले में डग्गामार वाहनों से कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में पुलिस, एआरटीओ व परिवहन निगम के गठजोड़ ने डग्गामार वाहन संचालकों के हौसले बुलंद कर रखे हैं। हालात ये हैं कि इन डग्गामार वाहनों की न फिटनेस होती है और न ही इनके कागजात दुरुस्त होते हैं। मालूम हो कि जिले के यात्रियों को गंतव्य तक यात्रा कराने के लिए निगम प्रशासन द्वारा रूपईडीहा स्थित अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे व जिला मुख्यालय पर रोडवेज बस अड्डे का संचालन किया जा रहा है।
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नियम यह है कि रोडवेज बस अड्डे के एक किलोमीटर की परिधि में कोई निजी स्टैंड नहीं होना चाहिए। बावजूद इसके रूपईडीहा व जिला मुख्यालय पर स्थित रोडवेज बस अड्डे के सामने ही अवैध बसों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। अवैध बसों के संचालक यात्रियों से अधिक किराया वसूल कर गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, दिल्ली, बिहार, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड आदि इलाकों की यात्रा कराते हैं। जिम्मेदारों की चुप्पी उनकी कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रही है।
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जिले के सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा, रामजानकी इंटर कॉलेज रूपईडीहा, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप रूपईडीहा, चाकियारोड भट्टा स्थित कस्टम बैरियर के पास, फखरपुर, इकौना, मिहींपुरवा, शहर के किसान पीजी कॉलेज, जरवरलरोड आदि स्थानों से बेखौफ अवैध तरीके से टूरिस्ट परमिट पर बसों का संचालन स्थानीय हो रहा है।
नानपारा लखीमपुर मार्ग पर एक वर्ष पूर्व यात्रियों को लेकर जा रही डबल डेकर टूरिस्ट बस पलट गई थी। बस में सवार दो यात्रियों की मौत मौके पर हो गई थी। 14 यात्री घायल हुए थे। इसी तरह पयागपुर मेें भी गत वर्ष दिसंबर माह में हुए बस हादसे में 10 लोग घायल हुए थे। अभी हाल ही में बाराबंकी के पास लगभग डेढ़ माह पूर्व हुए बस हादसे में कैसरगंज, जरवल व फखरपुर क्षेत्र के 13 यात्रियों की मौत हो गई थी। जिस बस से हादसा हुआ था उस बस का 27 बार चालान किया जा चुका था। हादसे के दौरान बस की फिटनेस नहीं थी।
जिला समेत प्रदेश भर मेें अवैध स्टैंड को भाजपा नेताओं के इशारे पर ही चलाया जा रहा है। नेता व अधिकारी का गठजोड़ अवैध कमाई का जरिया बन गया है। नेताओं को जनता की सुरक्षा से कोई लेना देना नही रहा।
- रामहर्ष यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
अधिकारी सत्ताधारी नेताओं की कठपुतली बनकर कार्य कर रहें हैं। कई सत्ताधाीन नेता के सरंक्षण में ही अवैध डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है। अधिकारी मजबूर कार्रवाई करने में मजबूर व लाचार है।
इंजीनियर जेपी मिश्रा जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी
मौजूदा भाजपा की सरकार में अवैध कार्य पूरी तरह जायज है। अधिकारी निरंकुश होकर अवैध कमाई में लिप्त हैं। इसी का नतीजा है कि जिले के विभिन्न स्थानों से बेखौफ होकर डग्गामार वाहन संचालक सवारियों को ढो रहे हैं।
- रजवंत सिंह, नगर प्रमुख, शिवसेना
भाजपा सरकार में प्रशासन पूरी तरह निरंकुश हो गया है। डग्गामार वाहनों से निरंतर हादसे होते जा रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं।
- दीपक श्रीवास्तव, जिला महासचिव, आम आदमी पार्टी
सहायक संभागीय कार्यालय में 263 बसें पंजीकृत हैं। 20 बसें स्लीपर हैं जबकि 41 बसों को अस्थाई परमिट जारी किया गया है।
अवैध वाहनों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जाता है। दो माह में दो सौ से अधिक वाहनों का चालान किया गया है जबकि दो दर्जन से अधिक वाहनों को सीज किया जा चुका है। अवैध बसों के संचालन को लेकर शीघ्र ही अभियान चलाकर अवैध बसों की धरपकड़ की जाएगी। डबल डेकर बसों का परमिट बंद कर दिया है।
- राजीव कुमार, एआरटीओ प्रशासन