फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bahraich

बाढ़ पीड़ितों के लिए वरदान बनेगी सरयू नहर परियोजना

Sat, 11 Dec 2021 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 11:24 PM IST
विज्ञापन
bahraich
बहराइच। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी व बहु प्रतीक्षित सरयू नहर परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। परियोजना के शुरू होने से विभिन्न जनपदों के लाखों किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात मिलना तय है। साथ ही सरयू नहर परियोजना के संचालन से प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे लाखों परिवारों को भी राहत मिलेगी। ऐसे में प्रतिवर्ष बाढ़ के कारण विस्थापित होने तथा अपनी गृहस्थी गंवाने वाले भी अब नये सिरे से जीवन की शुरुआत कर सकेंगे।
विज्ञापन

जनपद में बाढ़ की विभीषिका दशकों से किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। तहसील मोतीपुर, महसी व कैसरगंज बाढ़ की समस्या से सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। प्रतिवर्ष बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेअर कृषि भूमि घाघरा की लहरों में समाहित हो जाती है। बाढ़ के कारण जनपद में नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए बसना और उजड़ना ही नियति रही है। बीते एक दशक में ही हजारों लोगों को अपने आशियाने उजाड़कर बेलहा-बेहरौली व आदमपुर-रेवली तटबंध पर शरण लेनी पड़ी है।
विज्ञापन

बरसात के दिनों में नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण जनपद की घाघरा व श्रावस्ती जनपद की राप्ती नदियां उफान पर रहती हैं जिससे प्रतिवर्ष भारी मात्रा में जान व माल की क्षति होती है। सरयू नहर परियोजना के संचालित होने से बहराइच व श्रावस्ती समेत अन्य जनपदों के लोगों को बाढ़ की विभीषिका से निजात मिलेगी। बरसात के दिनों में गिरिजापुरी बैराज व गोपिया बैराज में पानी अधिक जमा होने पर बैराज के फाटक खोल दिए जाते हैं जिससे तहसील मोतीपुर, महसी व कैसरगंज में नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरयू नहर परियोजना के संचालित होने से बैराजों में निर्धारित मात्रा से अधिक पानी जमा होने पर अब यह पानी सरयू नहर में छोड़ा जाएगा। इससे लोगों को बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगी। सरयू नहर परियोजना निर्माण कार्य में वर्ष 1981 से 2008 तक सेवाएं दे चुके सेवानिवृत्त अभियंता हयात अहमद खान ने बताया कि सरयू नहर परियोजना के शुरू होने से सर्वाधिक लाभ जनपद के जंगल क्षेत्र व श्रावस्ती जनपद के राप्ती किनारे बसे गांवों को होगा। सिंचाई के साथ ही बाढ़ पर अंकुश लगाने के लिए यह परियोजना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed