{"_id":"6199364ad5fb354e8b5bb1cb","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6053411176","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छता में 99 रैंक पिछड़ा अपना जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छता में 99 रैंक पिछड़ा अपना जिला
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बहराइच। आकांक्षीय जनपद बहराइच अब बिल्कुल स्वच्छ नहीं रहा। इस बार जारी की गई सूची में बहराइच विगत वर्ष के सापेक्ष 99 रैंक और पिछड़ गया। विगत वर्ष अपना जनपद 189वीं रैंक पर था, लेकिन इस बार 288वीं रैंक पर पहुंच गया। हालांकि, अधिकारी इसके पीछे का कारण शहर की आंतरिक सड़कों पर अमृत योजना के अंतर्गत होने वाली खुदाई को मान रहे हैं। कुछ अधिकारी पूर्व के अधिकारियों पर इस स्थिति का ठीकरा फोड़ रहे हैं। उधर, विपक्ष के नेताओं को भी सरकार और प्रशासन को घेरने का मौका मिल गया है।
छह संकेतकों के माध्यम से होने वाले इस सर्वेक्षण में बहराइच जिला फिसड्डी साबित हुआ। इस सर्वेक्षण ने अफसरों की कार्यप्रणाली की भी पोल खोल दी। फिलहाल अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी महीने में यह सर्वेक्षण हुआ था। उस समय मेरी तैनाती बहराइच जिले में नहीं हुई थी। बताते चलें कि इन दिनों शहर में अमृत योजना के तहत पाइपलाइन बिछने का कार्य हो रहा है। दूसरा भूमिगत केबिल बिछ रही है। इसी आधार पर अधिकारी जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।
जिन आधारों पर सर्वेक्षण किया गया था उनमें पहला गीले, सूखे और खतरनाक श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण, दूसरा उत्पन्न गीले कचरे के खिलाफ प्रसंस्करण क्षमता, तीसरा, गीले और सूखे कचरे का प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण, चौथा निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रसंस्करण, लैंडफिल में जाने वाले कचरे का प्रतिशत एवं शहरों की स्वच्छता की स्थिति के आधार पर सर्वेक्षण किया गया था।
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सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव ने बताया कि कलई खुल चुकी है। अब सपा की सरकार बनने के बाद ही रैंक सुधरेगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष मुस्तकीम सलमानी ने बताया कि सरकार बहराइच जनपद के लिए क्या कर रही है। जगजाहिर हो गया है। सपा के सभासद अफसर हुसैन ने बताया कि जिले में किस तरह से प्रशासन काम कर रहा है, इसी रिपोर्ट से जाहिर है।
पालिका के पास संसाधनों की काफी कमी है। इसके बावजूद त्योहार हो या कोई भी आयोजन हो, सफाई व्यवस्था हमेशा चाक-चौबंद रखी जाती है। लेकिन भूमिगत केबिल और अमृत योजना के तहत हुई खुदाई के कारण दिक्कत आई है- रूबीना रेहान, अध्यक्ष, नगर पालिका, बहराइच
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छह संकेतकों के माध्यम से होने वाले इस सर्वेक्षण में बहराइच जिला फिसड्डी साबित हुआ। इस सर्वेक्षण ने अफसरों की कार्यप्रणाली की भी पोल खोल दी। फिलहाल अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी महीने में यह सर्वेक्षण हुआ था। उस समय मेरी तैनाती बहराइच जिले में नहीं हुई थी। बताते चलें कि इन दिनों शहर में अमृत योजना के तहत पाइपलाइन बिछने का कार्य हो रहा है। दूसरा भूमिगत केबिल बिछ रही है। इसी आधार पर अधिकारी जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।
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जिन आधारों पर सर्वेक्षण किया गया था उनमें पहला गीले, सूखे और खतरनाक श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण, दूसरा उत्पन्न गीले कचरे के खिलाफ प्रसंस्करण क्षमता, तीसरा, गीले और सूखे कचरे का प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण, चौथा निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रसंस्करण, लैंडफिल में जाने वाले कचरे का प्रतिशत एवं शहरों की स्वच्छता की स्थिति के आधार पर सर्वेक्षण किया गया था।
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सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव ने बताया कि कलई खुल चुकी है। अब सपा की सरकार बनने के बाद ही रैंक सुधरेगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष मुस्तकीम सलमानी ने बताया कि सरकार बहराइच जनपद के लिए क्या कर रही है। जगजाहिर हो गया है। सपा के सभासद अफसर हुसैन ने बताया कि जिले में किस तरह से प्रशासन काम कर रहा है, इसी रिपोर्ट से जाहिर है।
पालिका के पास संसाधनों की काफी कमी है। इसके बावजूद त्योहार हो या कोई भी आयोजन हो, सफाई व्यवस्था हमेशा चाक-चौबंद रखी जाती है। लेकिन भूमिगत केबिल और अमृत योजना के तहत हुई खुदाई के कारण दिक्कत आई है- रूबीना रेहान, अध्यक्ष, नगर पालिका, बहराइच