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नदी की कटान में छह ग्रामीणों के मकान बहे, 62 बीघा जमीन भी कटी
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बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर महसी और कैसरगंज तहसील में ग्रामीणों के मकानों को आगोश में लेने लगी है। दो गांवों में छह ग्रामीणों के मकान नदी की धारा में समाहित हो गए। वहीं 62 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में बह गई। नगेसरपुरवा गांव में 50 ग्रामीणों के मकानों से सरयू की लहरें टकरा रही हैं। आने वाले समय में इन ग्रामीणों के मकान भी कट जाएंगे। कैसरगंज में उपजिलाधिकारी ने कटान का जायजा लिया। पीड़ितों को तिरपाल मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
महसी तहसील स्थित सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान ने भी तेजी पकड़ ली है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत भौंरी के मजरा नगेश्वरपुरवा सुजई, स्वामीदयाल, रामरूप, विक्रम, लखन के मकान कट गए हैं जबकि गांव निवासी 50 ग्रामीणों के मकान पर नदी थपेड़े ले रही है। ग्रामीणों के मुताबिक आने वाले समय में मकान एक-एक कर कट जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत टिकुरी का मजरा पसियनपुरवा में कटान तेज है। यहां लोग अपना मकान उजाड़ रहे हैं। मंझारा तौकली के भिरगूपुरवा में कृषि योग्य जमीन कट रही है। 50 बीघा जमीन सात किसानों की कट गई है। हलका लेखपाल श्यामसुंदर ने मौके पर पहुंचकर कटान का निरीक्षण किया। रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। उधर कैसरगंज तहसील अंतर्गत मंझारा तौकली के ग्यारह सौ रेती में एक ग्रामीण का मकान नदी में समाहित हो गया है जबकि गांव के ग्रामीणों की 12 बीघा खेती योग्य जमीन भी धारा में कट गई है। कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल अधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने कटान का जायजा लिया। साथ ही पीड़ितों को तिरपाल देने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि कटान पीड़ितों को जल्द ही तहसील प्रशासन की ओर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
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महसी तहसील स्थित सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान ने भी तेजी पकड़ ली है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत भौंरी के मजरा नगेश्वरपुरवा सुजई, स्वामीदयाल, रामरूप, विक्रम, लखन के मकान कट गए हैं जबकि गांव निवासी 50 ग्रामीणों के मकान पर नदी थपेड़े ले रही है। ग्रामीणों के मुताबिक आने वाले समय में मकान एक-एक कर कट जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत टिकुरी का मजरा पसियनपुरवा में कटान तेज है। यहां लोग अपना मकान उजाड़ रहे हैं। मंझारा तौकली के भिरगूपुरवा में कृषि योग्य जमीन कट रही है। 50 बीघा जमीन सात किसानों की कट गई है। हलका लेखपाल श्यामसुंदर ने मौके पर पहुंचकर कटान का निरीक्षण किया। रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। उधर कैसरगंज तहसील अंतर्गत मंझारा तौकली के ग्यारह सौ रेती में एक ग्रामीण का मकान नदी में समाहित हो गया है जबकि गांव के ग्रामीणों की 12 बीघा खेती योग्य जमीन भी धारा में कट गई है। कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल अधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने कटान का जायजा लिया। साथ ही पीड़ितों को तिरपाल देने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि कटान पीड़ितों को जल्द ही तहसील प्रशासन की ओर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
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