{"_id":"6ab6c07ab812dc9f4b00edd4","slug":"contempt-notice-issued-to-cdo-regarding-anganwadi-worker-selection-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-157461-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के चयन मामले में सीडीओ को अवमानना नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के चयन मामले में सीडीओ को अवमानना नोटिस
विज्ञापन
बहराइच। आंगबाड़ी कार्यकर्ता चयन से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बहराइच के मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने अवमानना याचिका संख्या 3792/2026 की सुनवाई करते हुए सीडीओ को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
मामला विकासखंड चित्तौरा के सिंगहा मोलवी पुरवा निवासी जैसमीन पत्नी मोहम्मद रईस अंसारी से जुड़ा है। जैसमीन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन में आय प्रमाण पत्र संख्या का एक अंक गलत दर्ज हो गया था। इसी आधार पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जैसमीन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अदालत ने 11 और 20 मई 2026 को सुनवाई के बाद आदेश जारी कर आय प्रमाण पत्र की जांच कराने, त्रुटि में सुधार के बाद नियमानुसार चयन प्रक्रिया पर विचार करने के निर्देश दिए थे।
याची के मामले में सीडीओ ने 11 अगस्त को जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए थे। इसमें सात दिन के भीतर फाइल प्रस्तुत करने और नियुक्ति पत्र जारी करने को कहा गया था। याची का आरोप है कि समय सीमा बीतने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया और उन्हें कार्यभार भी नहीं मिला। इसके बाद जैसमीन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। इसी याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीडीओ को नोटिस जारी किया।
विज्ञापन
तो व्यक्तिगत पेशी से मिल सकती है छूट
हाईकोर्ट ने सीडीओ को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार यदि वह मूल आदेश का पूर्ण अनुपालन कर देते हैं, याची को मानसिक परेशानी के लिए पांच हजार रुपये हर्जाना देते हैं और इस संबंध में हलफनामा दाखिल करते हैं तो व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल सकती है। याची की ओर से अधिवक्ता शशांक श्रीवास्तव और विजयेंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
सीडीओ बोले- पहले ही जारी कर चुके हैं आदेश
सीडीओ सुनील कुमार धनवंता ने बताया कि इस मामले में उनकी ओर से पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक हाईकोर्ट के अवमानना आदेश की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
विज्ञापन
मामला विकासखंड चित्तौरा के सिंगहा मोलवी पुरवा निवासी जैसमीन पत्नी मोहम्मद रईस अंसारी से जुड़ा है। जैसमीन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन में आय प्रमाण पत्र संख्या का एक अंक गलत दर्ज हो गया था। इसी आधार पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जैसमीन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अदालत ने 11 और 20 मई 2026 को सुनवाई के बाद आदेश जारी कर आय प्रमाण पत्र की जांच कराने, त्रुटि में सुधार के बाद नियमानुसार चयन प्रक्रिया पर विचार करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
याची के मामले में सीडीओ ने 11 अगस्त को जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए थे। इसमें सात दिन के भीतर फाइल प्रस्तुत करने और नियुक्ति पत्र जारी करने को कहा गया था। याची का आरोप है कि समय सीमा बीतने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया और उन्हें कार्यभार भी नहीं मिला। इसके बाद जैसमीन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। इसी याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीडीओ को नोटिस जारी किया।
विज्ञापन
तो व्यक्तिगत पेशी से मिल सकती है छूट
हाईकोर्ट ने सीडीओ को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार यदि वह मूल आदेश का पूर्ण अनुपालन कर देते हैं, याची को मानसिक परेशानी के लिए पांच हजार रुपये हर्जाना देते हैं और इस संबंध में हलफनामा दाखिल करते हैं तो व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल सकती है। याची की ओर से अधिवक्ता शशांक श्रीवास्तव और विजयेंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
सीडीओ बोले- पहले ही जारी कर चुके हैं आदेश
सीडीओ सुनील कुमार धनवंता ने बताया कि इस मामले में उनकी ओर से पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक हाईकोर्ट के अवमानना आदेश की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।