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Bahraich News: आफत की बारिश, उतराईं मुसीबतें, किसानों के डूबे अरमान
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बारिश से तराई में बिगड़े हालात।
बहराइच। तराई में बुधवार आधी रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार रात से लगातार हो रही झमाझम बारिश से शहर से गांव तक जगह-जगह जलभराव हो गया। बारिश के बीच चली तेज हवा धान की तैयार फसल के लिए कहर बन गई। पयागपुर-विशेश्वरगंज सहित पूर्वी क्षेत्रों में फसल खेत में बिछ जाने से किसानों के अरमान पानी में डूब गए। शुक्रवार को जिले में करीब 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
शहर में मेवातीपुरा, सूफीपुरा, माधवरेती, खत्रीपुरा, पीपल चौराहा, बक्सीपुरा, ढपालीपुरवा और बड़ी हाट समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल राहगीरों को परेशानी हुई। शहर के मेडिकल कॉलेज के सामने, मेडिकल कॉलेज के महिला विंग, स्टेडियम, राडवेजमार्ग, त्रिमुहानी रोड, गोंडा रोड पर भीषण जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। दिन भर हुई तेज बारिश के कारण लोग घरों में कैद रहे, बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा।
नानपारा, रुपईडीहा, महसी, कैसरगंज, हुजूरपुर, चित्तौरा, पयागपुर, विशेश्वरगंज, खुटेहना और गंगवल क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई बारिश से लोगों के घरों में पानी घुस गया है। कस्बों के साथ ग्रामीण अंचलों में भी मुश्किल बढ़ गई है। विशेश्वरगंज के शेखापुर, देवरिया, लखनपुर, जलालपुर, मधिनगरा, कुरसहा, पुरैना, खानपुर मल्लोह, हंसरामपुरवा, सेमरौना और सिसहना पंडितपुरवा समेत कई गांवों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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किसान रामनरेश वर्मा ने बताया कि धान पकने की स्थिति में था, लेकिन बारिश और हवा से पौधे जमीन पर गिर गए। सुरेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक खेत में पानी भरा होने से फसल काटना मुश्किल हो गया है। हरिओम तिवारी ने कहा कि कटाई से ठीक पहले बारिश होने से किसानों की लागत और मेहनत दोनों पर पानी फिर गया है। राजेश कुमार के अनुसार पानी की निकासी नहीं हुई तो गिरी फसल में दाने सड़ जाएंगे।
-- -- -- -इनसेट-- -- -- -
मौसम खुलने का करें इंतजार
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से किसानों के लिए संकट की घड़ी है। किसान किसी तरह खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि गिरी हुई फसल को जल्दबाजी में काटने के बजाय मौसम खुलने का इंतजार करें। जितना हो सके खेत से पानी निकाल दें, ताकि अधिक नमी से दाने खराब न हों।
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अभी और बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के असर से लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में सभी को सजग रहना होगा। रविवार को मौसम खुल सकता है।
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बारिश से संपर्क मार्ग जलमग्न, गिरी फसल
विशेश्वरगंज/धरसवा/रिसिया। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं से संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन में परेशानी हो रही है। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिर गई है। धरसवा के अहिरौरा निवासी किसान मदन चौधरी ने बताया कि अगेती धान की फसल करीब दो सप्ताह में तैयार होने वाली थी, लेकिन बारिश से पूरी फसल गिर गई। किसान सूरज ने बताया कि उनका गन्ना भी गिर गया है। वहीं रिसिया में कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। (संवाद)
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शहर में मेवातीपुरा, सूफीपुरा, माधवरेती, खत्रीपुरा, पीपल चौराहा, बक्सीपुरा, ढपालीपुरवा और बड़ी हाट समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल राहगीरों को परेशानी हुई। शहर के मेडिकल कॉलेज के सामने, मेडिकल कॉलेज के महिला विंग, स्टेडियम, राडवेजमार्ग, त्रिमुहानी रोड, गोंडा रोड पर भीषण जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। दिन भर हुई तेज बारिश के कारण लोग घरों में कैद रहे, बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा।
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नानपारा, रुपईडीहा, महसी, कैसरगंज, हुजूरपुर, चित्तौरा, पयागपुर, विशेश्वरगंज, खुटेहना और गंगवल क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई बारिश से लोगों के घरों में पानी घुस गया है। कस्बों के साथ ग्रामीण अंचलों में भी मुश्किल बढ़ गई है। विशेश्वरगंज के शेखापुर, देवरिया, लखनपुर, जलालपुर, मधिनगरा, कुरसहा, पुरैना, खानपुर मल्लोह, हंसरामपुरवा, सेमरौना और सिसहना पंडितपुरवा समेत कई गांवों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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किसान रामनरेश वर्मा ने बताया कि धान पकने की स्थिति में था, लेकिन बारिश और हवा से पौधे जमीन पर गिर गए। सुरेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक खेत में पानी भरा होने से फसल काटना मुश्किल हो गया है। हरिओम तिवारी ने कहा कि कटाई से ठीक पहले बारिश होने से किसानों की लागत और मेहनत दोनों पर पानी फिर गया है। राजेश कुमार के अनुसार पानी की निकासी नहीं हुई तो गिरी फसल में दाने सड़ जाएंगे।
मौसम खुलने का करें इंतजार
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से किसानों के लिए संकट की घड़ी है। किसान किसी तरह खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि गिरी हुई फसल को जल्दबाजी में काटने के बजाय मौसम खुलने का इंतजार करें। जितना हो सके खेत से पानी निकाल दें, ताकि अधिक नमी से दाने खराब न हों।
अभी और बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के असर से लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में सभी को सजग रहना होगा। रविवार को मौसम खुल सकता है।
बारिश से संपर्क मार्ग जलमग्न, गिरी फसल
विशेश्वरगंज/धरसवा/रिसिया। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं से संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन में परेशानी हो रही है। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिर गई है। धरसवा के अहिरौरा निवासी किसान मदन चौधरी ने बताया कि अगेती धान की फसल करीब दो सप्ताह में तैयार होने वाली थी, लेकिन बारिश से पूरी फसल गिर गई। किसान सूरज ने बताया कि उनका गन्ना भी गिर गया है। वहीं रिसिया में कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। (संवाद)

बारिश से तराई में बिगड़े हालात।

बारिश से तराई में बिगड़े हालात।