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चार सीएचसी में बनेंगे एल-1 प्लस अस्पताल
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बहराइच। ग्रामीण क्षेत्र के कोरोना मरीजों को अब जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड एल-1 प्लस अस्पताल का संचालन होगा। इसके लिए संबंधित अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 200 संक्रमितों को भर्ती कर क्षेत्र में ही इलाज किया जा सकेगा।
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी बढ़ रही है। जिन कोरोना मरीजों की हालत गंभीर होती है। उन्हें 60 से 80 से किलोमीटर की दूरी तय जिला मुख्यालय स्थित कोविड एल- 2 अस्पताल में भर्ती किया जाता है। लेकिन दूरी अधिक होने से संक्रमितों की जान पर भी बन आती है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र में ही कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन और जिला प्रशासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 50-50 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधीक्षकों को पत्र भेज दिया गया है।
प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50-50 बेड का कोविड अस्पताल एल-1 प्लस बनाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जल्द सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड एल-1 अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे संबंधित क्षेत्र के कोरोना संक्रमितों को वहां की सीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज, पयागपुर, मोतीपुर और चरदा में कोविड एल- 1 अस्पताल बनेगा। कोविड अस्पताल बनने से दूरदराज के कोरोना संक्रमितों को अब जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
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सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड एल-1 अस्पताल का निर्माण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा, मोतीपुर, कैसरगंज और पयागपुर में होगा। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की भी व्यवस्था रहेगी, जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज में परेशानी न हो। कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की भी लगाया जाएगा।
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जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी बढ़ रही है। जिन कोरोना मरीजों की हालत गंभीर होती है। उन्हें 60 से 80 से किलोमीटर की दूरी तय जिला मुख्यालय स्थित कोविड एल- 2 अस्पताल में भर्ती किया जाता है। लेकिन दूरी अधिक होने से संक्रमितों की जान पर भी बन आती है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र में ही कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन और जिला प्रशासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 50-50 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधीक्षकों को पत्र भेज दिया गया है।
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प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50-50 बेड का कोविड अस्पताल एल-1 प्लस बनाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जल्द सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड एल-1 अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे संबंधित क्षेत्र के कोरोना संक्रमितों को वहां की सीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज, पयागपुर, मोतीपुर और चरदा में कोविड एल- 1 अस्पताल बनेगा। कोविड अस्पताल बनने से दूरदराज के कोरोना संक्रमितों को अब जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
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सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड एल-1 अस्पताल का निर्माण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा, मोतीपुर, कैसरगंज और पयागपुर में होगा। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की भी व्यवस्था रहेगी, जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज में परेशानी न हो। कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की भी लगाया जाएगा।