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मतगणना में एक मत से हुईं विजयी, रीकाउंटिंग में आठ मत से मिली हार
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एक रानीपुर (बहराइच)। दुर्गुपुर की महिला ग्राम प्रधान प्रत्याशी ने आरओ व अन्य कर्मचारियों पर मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में महिला प्रत्याशी का कहना है कि प्रथम गिनती में वह एक मत से विजयी हो गईं जबकि तीसरी बार में रिकाउंटिंग में आठ मत से हरा दिया गया।
हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम दुर्गुपुर निवासी रजिया पत्नी इकबाल प्रधान पद की प्रत्याशी थीं। जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में महिला प्रत्याशी का कहना है कि उसे चुनाव चिन्ह कन्नी मिला था। ग्राम पंचायत में 1068 मतदाता हैं। चार प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के दौरान महिला को बूथ संख्या 224 से 174 मत मिले। प्रत्याशी ऊषा देवी को 337 व प्रेमा देवी को नौ मत मिले। महिला प्रत्याशी का कहना है कि दोनों बूथ पर 450 मत मिले। ऊषा देवी पत्नी देवीप्रकाश को 449 मत मिले।
इसके अलावा 95 मत अवैध पाए गए। महिला प्रत्याशी का कहना है कि 32 मत पर प्रार्थिनी के निशान का अंगूठा लगा था, जिसे अवैध मान लिया गया। इसके बावजूद उसे एक मत से जीत मिली। आरोप है कि पूर्व प्रधान देवी प्रसाद ने पत्नी ऊषा देवी के लिए राजनीति दबाव बनवाकर रिकाउंटिंग करवा दी। दोबारा गिनती में रजिया पत्नी इकबाल को दो मत से जीत मिली। इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने गिनती कर रहे कर्मचारियों के स्थान पर दूसरों को लगा दिया। इस बार ऊषा को जीत मिली।
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हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम दुर्गुपुर निवासी रजिया पत्नी इकबाल प्रधान पद की प्रत्याशी थीं। जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में महिला प्रत्याशी का कहना है कि उसे चुनाव चिन्ह कन्नी मिला था। ग्राम पंचायत में 1068 मतदाता हैं। चार प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के दौरान महिला को बूथ संख्या 224 से 174 मत मिले। प्रत्याशी ऊषा देवी को 337 व प्रेमा देवी को नौ मत मिले। महिला प्रत्याशी का कहना है कि दोनों बूथ पर 450 मत मिले। ऊषा देवी पत्नी देवीप्रकाश को 449 मत मिले।
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इसके अलावा 95 मत अवैध पाए गए। महिला प्रत्याशी का कहना है कि 32 मत पर प्रार्थिनी के निशान का अंगूठा लगा था, जिसे अवैध मान लिया गया। इसके बावजूद उसे एक मत से जीत मिली। आरोप है कि पूर्व प्रधान देवी प्रसाद ने पत्नी ऊषा देवी के लिए राजनीति दबाव बनवाकर रिकाउंटिंग करवा दी। दोबारा गिनती में रजिया पत्नी इकबाल को दो मत से जीत मिली। इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने गिनती कर रहे कर्मचारियों के स्थान पर दूसरों को लगा दिया। इस बार ऊषा को जीत मिली।
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