Bahraich :हॉस्टल में मिली एयरफोर्स कैडेट की लाश, ऑल इंडिया 154वीं रैंक थी; बाबा बोले-सीनियर करता था परेशान
गांव पर परिवार की महिलाएं गमगीन हालत में मिलीं। बाबा तेजपाल सिंह ने फफकते हुए बताया कि पोता अंतरिक्ष बहुत होनहार था।
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राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) पुणे में एयरफोर्स कैडेट अंतरिक्ष कुमार सिंह (18) की शुक्रवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अंतरिक्ष रुपईडीहा क्षेत्र के नरैनापुर सुमेरपुर गांव के रहने वाले थे। मई 2025 में एयरफोर्स में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर चयनित हुए थे।
एनडीए में उनकी ऑल इंडिया रैंक 154 थी। अंतरिक्ष के पिता रवि प्रताप सिंह गुवाहाटी में रक्षा सुरक्षा कोर में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। घटना की सूचना पर पिता के साथ मां सीमा सिंह सेंगर, मामा पिंकू सिंह और चाचा रावेंद्र प्रताप सिंह पुणे रवाना हो गए।
दो जुलाई 2025 से प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण शुरू किया था
गांव में मौजूद बाबा तेजपाल सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष ने एनडीए पुणे में दो जुलाई 2025 से प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण शुरू किया था। शुक्रवार शाम एकेडमी से फोन आया कि अंतरिक्ष की मौत हो गई है।
बताया गया कि सुबह वह अपने हॉस्टल रूम से बाहर नहीं आया। साथियों ने दरवाजा खटखटाया। भीतर से जवाब नहीं आने पर दरवाजा तोड़ा गया, तो अंतरिक्ष का शव छत के कुंडे के सहारे लटकता मिला। एनडीए अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया। घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
बाबा ने आरोप लगाया कि अंतरिक्ष को उसका एक सीनियर प्रताड़ित करता था। हो सकता है इसी कारण उसने यह कदम उठाया हो। उन्होंने आत्महत्या को संदिग्ध बताया। बोले-हमारा अंतरिक्ष इतना कमजोर नहीं था। वह आत्महत्या नहीं कर सकता। उसे इसके लिए मजबूर किया गया होगा।
हाईस्कूल में उसने स्कूल टॉप किया था
चाचा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल लखनऊ से हुई थी। हाईस्कूल में उसने स्कूल टॉप किया था और इंटरमीडिएट परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पुनः टॉपर बना था। छोटा भाई अभिनव सिंह आर्मी पब्लिक स्कूल में ही कक्षा सात में पढ़ता है। परिवार अभी लखनऊ के तेलीबाग स्थित घर में रहता है। अंतरिक्ष ने लेखक के रूप में भी पहचान बनाई थी। उसने तीन पुस्तकें लिखी थीं, जो ऑनलाइन बिक्री हो रही हैं। ननिहाल लखीमपुर खीरी के बसैगापुर गांव में है।
मेधावी था अंतरिक्ष
अंतरिक्ष की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल लखनऊ से हुई थी। हाईस्कूल में उन्होंने स्कूल टॉप किया था और इंटरमीडिएट परीक्षा अप्रैल 2025 में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पुनः टॉपर बने थे। स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने कई गोल्ड मेडल और ट्रॉफियां जीती थीं। छोटा भाई अभिनव सिंह, लखनऊ के आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। परिवार वर्तमान में लखनऊ के तेलीबाग स्थित अपने घर में रहता है।
लेखक के रूप में भी बनाई थी पहचान
अंतरिक्ष सैन्य सेवा के साथ एक लेखक के रूप में भी अंतरिक्ष पहचान बना चुके थे। उन्होंने अब तक तीन पुस्तकें लिखी थीं, जो फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। उनके ननिहाल का संबंध लखीमपुर खीरी के बसैगापुर गांव से है।