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Bahraich News: पांच साल बाद भी नहीं मिले शैक्षणिक अभिलेख, कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र
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डीएम को ज्ञापन सौंपने आए नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत के छात्र-छात्राएं।
बहराइच। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत के वर्ष 2021-22 बैच के जीएनएम छात्र-छात्राओं ने अपनी लंबित शैक्षणिक अभिलेखों की मांग को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्होंने संस्थान में निर्धारित शुल्क जमा कर वर्ष 2024 में अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा कर लिया था। इसके बावजूद अब तक उन्हें डिग्री, मार्कशीट, रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी शैक्षणिक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनका आरोप है कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी दस्तावेज न मिलने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। नौकरी और आगे की पढ़ाई के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई तो कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब उन्होंने संस्थान के प्राचार्य और प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी गईं।
छात्रों ने बताया कि इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत से संबद्ध सिंघानिया विश्वविद्यालय, राजस्थान के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी छात्रों को उनके शैक्षणिक अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान आरती पाठक, अंजली, नेहा, गुंजन वर्मा, अमरीन खान, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं।
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ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई तो कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब उन्होंने संस्थान के प्राचार्य और प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी गईं।
छात्रों ने बताया कि इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत से संबद्ध सिंघानिया विश्वविद्यालय, राजस्थान के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी छात्रों को उनके शैक्षणिक अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान आरती पाठक, अंजली, नेहा, गुंजन वर्मा, अमरीन खान, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं।
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ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई तो कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब उन्होंने संस्थान के प्राचार्य और प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी गईं।
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छात्रों ने बताया कि इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत से संबद्ध सिंघानिया विश्वविद्यालय, राजस्थान के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी छात्रों को उनके शैक्षणिक अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान आरती पाठक, अंजली, नेहा, गुंजन वर्मा, अमरीन खान, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं।
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ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई तो कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब उन्होंने संस्थान के प्राचार्य और प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी गईं।
छात्रों ने बताया कि इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत से संबद्ध सिंघानिया विश्वविद्यालय, राजस्थान के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी छात्रों को उनके शैक्षणिक अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान आरती पाठक, अंजली, नेहा, गुंजन वर्मा, अमरीन खान, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं।