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व्यापारियों ने बंद किया पयागपुर बाजार
Bahraich
Updated Sat, 15 Nov 2014 05:30 AM IST
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पयागपुर (बहराइच)। कोट बाजार स्थित पयागपुर राजघराने के पत्थर शिवाला मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की प्रतिमाओं का खुलासा न होने के विरोध में शुक्रवार को व्यापारी सड़क पर उतर आए। अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर व्यापारियों ने बाजार में शांतिमार्च निकाला, फिर मंदिर परिसर में धरना दिया। सभी ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथ लिया। मूर्ति चोरी का खुलासा न होने तक व्यापारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। पयागपुर बाजार की बंदी से लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। चाय, पानी तक को लोग तरसे।
पयागपुर राजघराने का अति प्राचीन पत्थर शिवाला मंदिर कोट बाजार में है। इस मंदिर में स्थापित भगवान राम और हनुमान की एक क्विंटल 60 किलो वजन की प्रतिमाएं 18 अक्तूबर की रात चोर उठा ले गए थे। इससे पहले चोरों ने मंदिर के पुजारी को नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया था। इस मामले में पयागपुर राजघराने के कर्मचारी की ओर से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन अब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं कर सकी है। इसके विरोध में पयागपुर के राजा जयेंद्र विक्रम सिंह की अगुवाई में बुधवार से क्रमिक अनशन की शुरुआत हुई लेकिन पुलिस की सुस्ती देखकर शुक्रवार को राजा जयेंद्र विक्रम सिंह के आह्वान पर सभी ने बाजार बंदी की घोषणा कर दी।
शुक्रवार सुबह से शाम तक प्रतिष्ठानों पर ताला लटकता रहा। खोमचे और ठेले की दुकानें भी नहीं लगी। यह स्थिति पयागपुर के भूपगंज, कोट बाजार और बस अड्डा बाजार की थी, जिसके चलते लोग चाय, पानी तक को तरस गए। सुबह राजा जयेंद्र की अगुवाई में व्यापारियों ने तीनों बाजारों में शांतिमार्च निकाला। इसके बाद कोट बाजार पहुंचकर पत्थर शिवाला मंदिर परिसर में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए राजा जयेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जब तक पुलिस प्रतिमा की बरामदगी नहीं करती तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
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पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, व्यापारी छेदीलाल वैश्य, हरिओम रस्तोगी ने पुलिस प्रशासन पर मूर्ति चोरी खुलासे के मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस जान बूझकर सुस्त बनी हुई है। धरने को भाजपा व्यापार लघु प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामनिवास सिंह, योगेंद्र सिंह, दिवाकर पांडेय, राकेश कुमार सिंह और कांग्रेस नेता विनय सिंह ने संबोधित किया।
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पयागपुर राजघराने का अति प्राचीन पत्थर शिवाला मंदिर कोट बाजार में है। इस मंदिर में स्थापित भगवान राम और हनुमान की एक क्विंटल 60 किलो वजन की प्रतिमाएं 18 अक्तूबर की रात चोर उठा ले गए थे। इससे पहले चोरों ने मंदिर के पुजारी को नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया था। इस मामले में पयागपुर राजघराने के कर्मचारी की ओर से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन अब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं कर सकी है। इसके विरोध में पयागपुर के राजा जयेंद्र विक्रम सिंह की अगुवाई में बुधवार से क्रमिक अनशन की शुरुआत हुई लेकिन पुलिस की सुस्ती देखकर शुक्रवार को राजा जयेंद्र विक्रम सिंह के आह्वान पर सभी ने बाजार बंदी की घोषणा कर दी।
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शुक्रवार सुबह से शाम तक प्रतिष्ठानों पर ताला लटकता रहा। खोमचे और ठेले की दुकानें भी नहीं लगी। यह स्थिति पयागपुर के भूपगंज, कोट बाजार और बस अड्डा बाजार की थी, जिसके चलते लोग चाय, पानी तक को तरस गए। सुबह राजा जयेंद्र की अगुवाई में व्यापारियों ने तीनों बाजारों में शांतिमार्च निकाला। इसके बाद कोट बाजार पहुंचकर पत्थर शिवाला मंदिर परिसर में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए राजा जयेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जब तक पुलिस प्रतिमा की बरामदगी नहीं करती तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
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पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, व्यापारी छेदीलाल वैश्य, हरिओम रस्तोगी ने पुलिस प्रशासन पर मूर्ति चोरी खुलासे के मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस जान बूझकर सुस्त बनी हुई है। धरने को भाजपा व्यापार लघु प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामनिवास सिंह, योगेंद्र सिंह, दिवाकर पांडेय, राकेश कुमार सिंह और कांग्रेस नेता विनय सिंह ने संबोधित किया।