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जिला अस्पताल का भंडारगृह सीज
Bahraich
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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बहराइच। नोडल अधिकारी मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल रवि प्रकाश अरोड़ा ने शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मंडलायुक्त को अस्पताल में तमाम खामियां मिली हैं। भंडारगृह में मरीजों के सापेक्ष कम भोजन बनाया गया था। भोजन बनाने में विभागीय मानकों को अनदेखा करते हुए मीनू का पालन भी नहीं किया गया था। मंडलायुक्त ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए हैं तो वहीं आईसीयू व पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन ठप मिला। इनके संचालन के लिए शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया है।
मंडलायुक्त रवि प्रकाश अरोड़ा शुक्रवार सुबह डीएम सत्येंद्र सिंह के साथ चिल्ड्रेन, इमरजेंसी, बर्न वार्ड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। सुबह करीब 10 बजे वे चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे तो यहां बेडों पर फटी चद्दर बिछायी गई थी। बाल रोगियों को सुबह के आठ बजे दूध का पैकेट मिल जाना चाहिए लेकिन कमिश्नर के सामने दूध का पैकेट बांटा जा रहा था। फटी चद्दरों को देख कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमएस को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सीएमएस ने कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद कमिश्नर ने पोषण पुनर्वास केंद्र, इंसेंटिव केयर यूनिट (आईसीयू), एक्स-रे कक्ष, फिजीयोथैरेपी कक्ष, पैथॉलोजी, ब्लड बैंक, रसोई एवं हृदय रोग वार्ड सहित सभी महत्वपूर्ण पटलों का भ्रमण कर उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रसोई घर के निरीक्षण से मंडल में शुमार बेहतर जिला अस्पताल की पोल खुल गई। यहां 92 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया गया था लेकिन भोजन की मात्रा अपर्याप्त मिली। मंडलायुक्त ने नगर मजिस्ट्रेट जय शंकर त्रिपाठी को रसोई के संबंध में मजिस्ट्रेटियल जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भोजन को तैयार करने में विभागीय मानक व मीनू के अनुपालन को परखने का निर्देश दिया है। नगर मजिस्ट्रेट ने रसोई घर के स्टॉक को सीज कर दिया है।
मंडलायुक्त ने मरीजों और तीमारदारों से भी बात की। इस मौके पर उनके साथ सीडीओ राकेश कुमार, एडीएम विद्या शंकर सिंह, सीएमओ डॉ जेएन मिश्रा, सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय समेत अन्य अधिकारी भी थे।
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मंडलायुक्त रवि प्रकाश अरोड़ा शुक्रवार सुबह डीएम सत्येंद्र सिंह के साथ चिल्ड्रेन, इमरजेंसी, बर्न वार्ड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। सुबह करीब 10 बजे वे चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे तो यहां बेडों पर फटी चद्दर बिछायी गई थी। बाल रोगियों को सुबह के आठ बजे दूध का पैकेट मिल जाना चाहिए लेकिन कमिश्नर के सामने दूध का पैकेट बांटा जा रहा था। फटी चद्दरों को देख कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमएस को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सीएमएस ने कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद कमिश्नर ने पोषण पुनर्वास केंद्र, इंसेंटिव केयर यूनिट (आईसीयू), एक्स-रे कक्ष, फिजीयोथैरेपी कक्ष, पैथॉलोजी, ब्लड बैंक, रसोई एवं हृदय रोग वार्ड सहित सभी महत्वपूर्ण पटलों का भ्रमण कर उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रसोई घर के निरीक्षण से मंडल में शुमार बेहतर जिला अस्पताल की पोल खुल गई। यहां 92 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया गया था लेकिन भोजन की मात्रा अपर्याप्त मिली। मंडलायुक्त ने नगर मजिस्ट्रेट जय शंकर त्रिपाठी को रसोई के संबंध में मजिस्ट्रेटियल जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भोजन को तैयार करने में विभागीय मानक व मीनू के अनुपालन को परखने का निर्देश दिया है। नगर मजिस्ट्रेट ने रसोई घर के स्टॉक को सीज कर दिया है।
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मंडलायुक्त ने मरीजों और तीमारदारों से भी बात की। इस मौके पर उनके साथ सीडीओ राकेश कुमार, एडीएम विद्या शंकर सिंह, सीएमओ डॉ जेएन मिश्रा, सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय समेत अन्य अधिकारी भी थे।
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