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घाघरा में समाए 30 बीघा खेत
Bahraich
Updated Sun, 25 May 2014 05:31 AM IST
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राजीचौराहा (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गई है। शनिवार को नदी की लहरों ने कटान करते हुए 30 बीघा खेत अपने में समाहित कर लिए। तीन गांव के किसानों की जमीन नदी के निशाने पर है, जिससे हड़कंप मचा है। गांव के लोगों ने तहसील को सूचना दी लेकिन कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
नेपाल की गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में पहाड़ से पानी आने के बाद घाघरा नदी के जलस्तर में अचानक इजाफा हुआ है। दो दिन पहले तक सूखी घाघरा अब पानी से लबालब है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी शुरू हो गई है। महसी के चुरईपुरवा, रामसहायपुरवा और धनावा गांव के किसानों की खेती योग्य जमीन नदी के निशाने पर है। चुरईपुरवा निवासी सुंदर यादव, जगदंबा शुक्ला, रामसहायपुरवा निवासी देवीशंकर व धनावा निवासी बेचूलाल, कनौजीलाल, कृपाराम यादव, ननके, मघई समेत 11 किसानों के 30 बीघा खेत रात से अब नदी में समा चुके हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है, जिसके चलते पिपरी गांव भी नदी के निशाने पर आ गया है। अगर कटान की यही स्थिति रही तो नदी के मुहाने पर बसे गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
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नेपाल की गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में पहाड़ से पानी आने के बाद घाघरा नदी के जलस्तर में अचानक इजाफा हुआ है। दो दिन पहले तक सूखी घाघरा अब पानी से लबालब है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी शुरू हो गई है। महसी के चुरईपुरवा, रामसहायपुरवा और धनावा गांव के किसानों की खेती योग्य जमीन नदी के निशाने पर है। चुरईपुरवा निवासी सुंदर यादव, जगदंबा शुक्ला, रामसहायपुरवा निवासी देवीशंकर व धनावा निवासी बेचूलाल, कनौजीलाल, कृपाराम यादव, ननके, मघई समेत 11 किसानों के 30 बीघा खेत रात से अब नदी में समा चुके हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है, जिसके चलते पिपरी गांव भी नदी के निशाने पर आ गया है। अगर कटान की यही स्थिति रही तो नदी के मुहाने पर बसे गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
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