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ग्रामीणों ने किया पथराव, पुलिस ने भांजीं लाठियां
Bahraich
Updated Mon, 07 Oct 2013 05:38 AM IST
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नानपारा/नवाबगंज (बहराइच)। दोधी गांव में निर्माणाधीन शिव मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना को लेकर रविवार सुबह ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। स्थापना स्थल से प्रतिमा ले जाने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर लाठियां भांजीं। तीन बार हुई झड़प में दो सिपाही और महिलाओं समेत कई ग्रामीण चोटिल हुए हैं। चार थानों की पुलिस और एक सेक्शन पीएसी मौके पर तैनात की गई है। बहराइच-श्रावस्ती के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। देर शाम ग्रामीणों ने खुद ही प्रतिमा विसर्जित कर दी।
नवाबगंज थाना अंतर्गत दोधी गांव बहराइच और श्रावस्ती की सीमा पर बसा है। गांव में प्राथमिक स्कूल के पास एक शिव मंदिर निर्माणाधीन है। शनिवार रात गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर मंदिर पहुंच गए। रात में प्रतिमा की स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। गांव के कुछ लोगों ने प्रतिमा स्थापना को नई परंपरा के तहत बताते हुए नवाबगंज थाने में रविवार सुबह शिकायत कर दी। इस पर थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उस वक्त मंदिर में महिलाएं आरती कर रहीं थीं। थानाध्यक्ष ने प्रतिमा कब्जे में लेने की कोशिश की तो वहां मौजूद लोगों से झड़प हो गई। इस बीच प्रतिमा उठाने के लिए पहुंचे सिपाहियों पर महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। थानाध्यक्ष की सूचना पर थाने से और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जैसे ही पुलिस ने प्रतिमा को मंदिर से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखा भीड़ ने फिर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने जवाब में लाठियां भांजीं लेकिन लोगों के आक्रोश के चलते पुलिस को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पंक्चर कर दिया और प्रतिमा को ट्रॉली से उतारकर मंदिर परिसर में रख दिया। थोड़ी ही देर में अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य, सीओ नानपारा असलम खान, सीओ भिनगा जगदीश सिंह, अपर जिलाधिकारी भिनगा और एसडीएम श्रावस्ती मौके पर पहुंचे। रुपईडीहा, नानपारा और रिसिया थाने की पुलिस भी बुलाई गई। इसके अलावा एक सेक्शन पीएसी गांव पहुंच गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर फिर टकराव की स्थिति बनी लेकिन बल प्रयोग कर पुलिस ने लगभग 24 लोगों को हिरासत में ले लिया। अपर पुलिस अधीक्षक वीके वैद्य का कहना है कि मामूली झड़प हुई है, स्थिति नियंत्रण में है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी असलम खान ने बताया कि रविवार देर शाम गांव के लोगों ने ही मिनी ट्रक पर प्रतिमा को ले जाकर सरयू नदी के बरुआघाट में विसर्जित कर दिया है। इस दौरान प्रतिमा के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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46 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य ने बताया कि दोधीपुरवा गांव में गलत तरीके से प्रतिमा स्थापना करने और पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में छह नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 323, 307 व सेवेन क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। अन्य 20 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। इनमें से 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनकी गिरफ्तारी के बाद नाम का खुलासा किया जाएगा।
इन ग्रामीणों को पकड़ ले गई पुलिस
गांव निवासी महिलाओं का कहना है कि सुबह हुए विवाद के बाद पुलिस और पीएसी के जवानों ने जमकर उत्पात मचाया है। महिलाओं ने बताया कि दोधी गांव निवासी मोतीलाल, बृजलाल यादव, केशवराम, मूसेराम, चिंताराम, रामप्रसाद, शैखू विकास, रामराज, ननकऊ, सुरेश विश्वकर्मा, पुजारी, सीताराम, जगदीश, भुजऊ, ढोढ़े, हरबजन, बाऊर, भगना, धर्मराज, दिलीप पंडित व महादेवा गांव निवासी कंचन, राजितराम, रामकिशन, शेषराज, विनोद और चंदा कुमार को पुलिस पूजा स्थल से पकड़ ले गई है। हालांकि, अपर पुलिस अधीक्षक अभी किसी की गिरफ्तारी की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
घर में ताला लगा पलायन कर गए कई परिवार
प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद के बाद दोधी गांव के कई परिवारों के लोग मकान में ताला लगाकर पलायन कर गए हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है। पुलिस और पीएसी के जवान गश्त कर रहे हैं।
महिलाएं बोलीं, पुलिस ने बरसाईं लाठियां
दोधी गांव निवासी रेनू पत्नी भंडारी, अनीता पत्नी श्यामलाल, उन्नति पत्नी प्रकाश, अंजू देवी पत्नी पुजारी और कलावती पत्नी होली समेत कई महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने पूजा करते समय परिसर में पहुंचकर बिना किसी बातचीत के लाठियां बरसाईं। उन सभी को काफी चोटें आईं हैं। हालांकि, पुलिस किसी के भी चोटिल होने से इंकार कर रही है।
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नवाबगंज थाना अंतर्गत दोधी गांव बहराइच और श्रावस्ती की सीमा पर बसा है। गांव में प्राथमिक स्कूल के पास एक शिव मंदिर निर्माणाधीन है। शनिवार रात गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर मंदिर पहुंच गए। रात में प्रतिमा की स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। गांव के कुछ लोगों ने प्रतिमा स्थापना को नई परंपरा के तहत बताते हुए नवाबगंज थाने में रविवार सुबह शिकायत कर दी। इस पर थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उस वक्त मंदिर में महिलाएं आरती कर रहीं थीं। थानाध्यक्ष ने प्रतिमा कब्जे में लेने की कोशिश की तो वहां मौजूद लोगों से झड़प हो गई। इस बीच प्रतिमा उठाने के लिए पहुंचे सिपाहियों पर महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। थानाध्यक्ष की सूचना पर थाने से और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जैसे ही पुलिस ने प्रतिमा को मंदिर से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखा भीड़ ने फिर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने जवाब में लाठियां भांजीं लेकिन लोगों के आक्रोश के चलते पुलिस को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पंक्चर कर दिया और प्रतिमा को ट्रॉली से उतारकर मंदिर परिसर में रख दिया। थोड़ी ही देर में अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य, सीओ नानपारा असलम खान, सीओ भिनगा जगदीश सिंह, अपर जिलाधिकारी भिनगा और एसडीएम श्रावस्ती मौके पर पहुंचे। रुपईडीहा, नानपारा और रिसिया थाने की पुलिस भी बुलाई गई। इसके अलावा एक सेक्शन पीएसी गांव पहुंच गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर फिर टकराव की स्थिति बनी लेकिन बल प्रयोग कर पुलिस ने लगभग 24 लोगों को हिरासत में ले लिया। अपर पुलिस अधीक्षक वीके वैद्य का कहना है कि मामूली झड़प हुई है, स्थिति नियंत्रण में है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी असलम खान ने बताया कि रविवार देर शाम गांव के लोगों ने ही मिनी ट्रक पर प्रतिमा को ले जाकर सरयू नदी के बरुआघाट में विसर्जित कर दिया है। इस दौरान प्रतिमा के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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46 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य ने बताया कि दोधीपुरवा गांव में गलत तरीके से प्रतिमा स्थापना करने और पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में छह नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 323, 307 व सेवेन क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। अन्य 20 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। इनमें से 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनकी गिरफ्तारी के बाद नाम का खुलासा किया जाएगा।
इन ग्रामीणों को पकड़ ले गई पुलिस
गांव निवासी महिलाओं का कहना है कि सुबह हुए विवाद के बाद पुलिस और पीएसी के जवानों ने जमकर उत्पात मचाया है। महिलाओं ने बताया कि दोधी गांव निवासी मोतीलाल, बृजलाल यादव, केशवराम, मूसेराम, चिंताराम, रामप्रसाद, शैखू विकास, रामराज, ननकऊ, सुरेश विश्वकर्मा, पुजारी, सीताराम, जगदीश, भुजऊ, ढोढ़े, हरबजन, बाऊर, भगना, धर्मराज, दिलीप पंडित व महादेवा गांव निवासी कंचन, राजितराम, रामकिशन, शेषराज, विनोद और चंदा कुमार को पुलिस पूजा स्थल से पकड़ ले गई है। हालांकि, अपर पुलिस अधीक्षक अभी किसी की गिरफ्तारी की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
घर में ताला लगा पलायन कर गए कई परिवार
प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद के बाद दोधी गांव के कई परिवारों के लोग मकान में ताला लगाकर पलायन कर गए हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है। पुलिस और पीएसी के जवान गश्त कर रहे हैं।
महिलाएं बोलीं, पुलिस ने बरसाईं लाठियां
दोधी गांव निवासी रेनू पत्नी भंडारी, अनीता पत्नी श्यामलाल, उन्नति पत्नी प्रकाश, अंजू देवी पत्नी पुजारी और कलावती पत्नी होली समेत कई महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने पूजा करते समय परिसर में पहुंचकर बिना किसी बातचीत के लाठियां बरसाईं। उन सभी को काफी चोटें आईं हैं। हालांकि, पुलिस किसी के भी चोटिल होने से इंकार कर रही है।