{"_id":"40796","slug":"Bahraich-40796-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर छोड़ा गया 2.20 लाख क्यूसेक पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर छोड़ा गया 2.20 लाख क्यूसेक पानी
Bahraich
Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। घाघरा नदी में बैराजों से फिर 2.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे बाढ़ आने की संभावना बन रही है। हालांकि इस समय जलस्तर स्थिर है, लेकिन कटान जारी है। रविवार को आशियाने तो नदी में समाहित नहीं हुए, लेकिन 85 बीघा खेती योग्य जमीन जरूर कटी है।
घाघरा का जलस्तर रविवार को एल्गिन ब्रिज पर 105.516 मीटर पर पहुंच कर दोपहर से स्थिर है। आपदा कार्यालय की मानें तो सुबह बनबसा बैराज से 1.20 लाख क्यूसेक पानी, चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी व सरयू बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया है। यह पानी महसी तहसील क्षेत्र में 18-20 घंटे में पहुंचेगा। ऐसे में नदी का जलस्तर तो बढ़ेगा ही बाढ़ की संभावना भी बन सकती है। बैराज से छोड़े गए पानी के चलते सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंता अलर्ट हो गए हैं। अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि नवनिर्मित स्परों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। उधर, तारापुरवा, छत्तरपुरवा और बांसगढ़ी के मध्य महसी तहसील क्षेत्र में लगभग 85 बीघा खेती योग्य जमीन कटान की भेंट चढ़ी है। उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में मुस्तैद हैं। घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बाढ़ की संभावना फिलहाल नहीं है।
विज्ञापन
घाघरा का जलस्तर रविवार को एल्गिन ब्रिज पर 105.516 मीटर पर पहुंच कर दोपहर से स्थिर है। आपदा कार्यालय की मानें तो सुबह बनबसा बैराज से 1.20 लाख क्यूसेक पानी, चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी व सरयू बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया है। यह पानी महसी तहसील क्षेत्र में 18-20 घंटे में पहुंचेगा। ऐसे में नदी का जलस्तर तो बढ़ेगा ही बाढ़ की संभावना भी बन सकती है। बैराज से छोड़े गए पानी के चलते सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंता अलर्ट हो गए हैं। अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि नवनिर्मित स्परों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। उधर, तारापुरवा, छत्तरपुरवा और बांसगढ़ी के मध्य महसी तहसील क्षेत्र में लगभग 85 बीघा खेती योग्य जमीन कटान की भेंट चढ़ी है। उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में मुस्तैद हैं। घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। बाढ़ की संभावना फिलहाल नहीं है।
विज्ञापन