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फाइटर प्लेन उतारने के लिए सर्वे का कार्य पूरा, रिपोर्ट शासन को भेजी
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बहराइच। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में हाईवे बाईपास को इमरजेंसी फाइटर प्लेन लैंडिंग के लायक बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मार्ग निर्माण पर 60 करोड़ से अधिक का बजट खर्च होगा।
सीमावर्ती क्षेत्र में भविष्य में इमरजेंसी के समय प्लेन लैंडिंग का कोई स्थल नहीं है। जिले का रुपईडीहा क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा है। इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र होने से कभी भी फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग का मौका आ सकता है। इसके लिए शासन ने बीते वर्ष योजना बनाई थी।
उसी के तहत सर्वे कार्य को हरी झंडी मिली। विशेषज्ञ सर्वेक्षण अधिकारी एके श्रीवास्तव की अगुवाई में टीम ने तीन माह तक सर्वे किया। अब सर्वे का काम पूरा हुआ है। सर्वे अधिकारी ने कहा कि रुपईडीहा से बाबागंज के मध्य सात किलोमीटर बाईपास का निर्माण इमरजेंसी फाइटर प्लेन लैंडिंग लायक होगा।
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लगभग छह गांवों के किसानों की भूमि बाईपास की जद में आ रही है। बाबागंज में सोरहिया गांव के निकट बाईपास रुपईडीहा के लिए निकाला जाएगा। बाईपास पर चार स्थानों पर पुल और पुलियों का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन के निर्णय के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।
कैसरगंज में भी खत्म होगी जाम की समस्या
लखनऊ-बहराइच हाईवे पर कैसरगंज कस्बे में अक्सर वाहन जाम में फंस जाते हैं। घंटों आवागमन बाधित रहता है। इस समस्या को देखते हुए कैसरगंज क्षेत्र में भी छह किलोमीटर बाईपास मार्ग का निर्माण होगा। सर्वे अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस बाईपास मार्ग का भी सर्वे पूरा हो गया है।
लखनऊ-बहराइच मार्ग पर कैसरगंज मंडी के पहले स्थित महमूद शाह मजार के पास से बाईपास पूरब की तरफ निकाला जाएगा। छह किलोमीटर लंबा यह बाईपास मार्ग कस्बे को पार कर पेट्रोल पंप के पास हाईवे में मिलेगा। इस बाईपास मार्ग के निर्माण में सात गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्वे कार्य पूरा है। इसकी भी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
दोनों बाईपास पर खर्च होंगे 120 करोड़ रुपये
नेपाल सीमा व कैसरगंज क्षेत्र में बाईपास का निर्माण होगा। लोक निर्माण विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि दोनों बाईपास मार्गों के निर्माण पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च होगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद स्टीमेेट रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद ही बजट का सही आंकलन हो सकेगा।
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सीमावर्ती क्षेत्र में भविष्य में इमरजेंसी के समय प्लेन लैंडिंग का कोई स्थल नहीं है। जिले का रुपईडीहा क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा है। इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र होने से कभी भी फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग का मौका आ सकता है। इसके लिए शासन ने बीते वर्ष योजना बनाई थी।
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उसी के तहत सर्वे कार्य को हरी झंडी मिली। विशेषज्ञ सर्वेक्षण अधिकारी एके श्रीवास्तव की अगुवाई में टीम ने तीन माह तक सर्वे किया। अब सर्वे का काम पूरा हुआ है। सर्वे अधिकारी ने कहा कि रुपईडीहा से बाबागंज के मध्य सात किलोमीटर बाईपास का निर्माण इमरजेंसी फाइटर प्लेन लैंडिंग लायक होगा।
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लगभग छह गांवों के किसानों की भूमि बाईपास की जद में आ रही है। बाबागंज में सोरहिया गांव के निकट बाईपास रुपईडीहा के लिए निकाला जाएगा। बाईपास पर चार स्थानों पर पुल और पुलियों का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन के निर्णय के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।
कैसरगंज में भी खत्म होगी जाम की समस्या
लखनऊ-बहराइच हाईवे पर कैसरगंज कस्बे में अक्सर वाहन जाम में फंस जाते हैं। घंटों आवागमन बाधित रहता है। इस समस्या को देखते हुए कैसरगंज क्षेत्र में भी छह किलोमीटर बाईपास मार्ग का निर्माण होगा। सर्वे अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस बाईपास मार्ग का भी सर्वे पूरा हो गया है।
लखनऊ-बहराइच मार्ग पर कैसरगंज मंडी के पहले स्थित महमूद शाह मजार के पास से बाईपास पूरब की तरफ निकाला जाएगा। छह किलोमीटर लंबा यह बाईपास मार्ग कस्बे को पार कर पेट्रोल पंप के पास हाईवे में मिलेगा। इस बाईपास मार्ग के निर्माण में सात गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्वे कार्य पूरा है। इसकी भी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
दोनों बाईपास पर खर्च होंगे 120 करोड़ रुपये
नेपाल सीमा व कैसरगंज क्षेत्र में बाईपास का निर्माण होगा। लोक निर्माण विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि दोनों बाईपास मार्गों के निर्माण पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च होगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद स्टीमेेट रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद ही बजट का सही आंकलन हो सकेगा।