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घाघरा नदी की कटान
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:33 PM IST
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घाघरा में समाए 85 बीघा खेत
तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों में दहशत
फोटो है।
राजीचौराहा (बहराइच)। तराई में वर्षा थमी हुई है। घाघरा नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही। ऐसे में कटान तेज हो गई है। बुधवार को नदी ने कटान करते हुए 85 बीघा गन्ना और धान के खेत को समाहित कर लिया।
तराई में बीते पांच दिन से वर्षा थमी हुई है। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। लेकिन महसी क्षेत्र में नदी की लहरें कटान करते हुए तबाही मचा रही हैं। नदी ने बुधवार को प्रधानपुरवा, गोलागंज, पिपरी गांव के निकट तेज कटान करते हुए 13 किसानों की 85 बीघा खेती योग्य जमीन को समाहित कर लिया। किसान रामखेलावन, मिथलेश, मोटे, रमजान और अमीन आदि ने बताया कि खेतों में गन्ना और धान की फसल लगी हुई थी, सब कटान की भेंट चढ़ गई।
इस समय नदी गांव निवासी बेचई, बलबीर, बिहारी, और ननकऊ आदि के खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपालों को कटान पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों में दहशत
फोटो है।
राजीचौराहा (बहराइच)। तराई में वर्षा थमी हुई है। घाघरा नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही। ऐसे में कटान तेज हो गई है। बुधवार को नदी ने कटान करते हुए 85 बीघा गन्ना और धान के खेत को समाहित कर लिया।
तराई में बीते पांच दिन से वर्षा थमी हुई है। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है। लेकिन महसी क्षेत्र में नदी की लहरें कटान करते हुए तबाही मचा रही हैं। नदी ने बुधवार को प्रधानपुरवा, गोलागंज, पिपरी गांव के निकट तेज कटान करते हुए 13 किसानों की 85 बीघा खेती योग्य जमीन को समाहित कर लिया। किसान रामखेलावन, मिथलेश, मोटे, रमजान और अमीन आदि ने बताया कि खेतों में गन्ना और धान की फसल लगी हुई थी, सब कटान की भेंट चढ़ गई।
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इस समय नदी गांव निवासी बेचई, बलबीर, बिहारी, और ननकऊ आदि के खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपालों को कटान पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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