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डायरिया व बुखार से तीन मासूमों समेत चार की मौत, 11 और भर्ती
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:15 PM IST
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बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच संक्रामक रोग जानलेवा बन गए है। जिला अस्पताल में डायरिया व बुखार से पीड़ित तीन मासूम समेत चार रोगियों की बुधवार को मौत हो गई।
परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। बुखार और डायरिया से पीड़ित 11 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
मृतकों में एक श्रावस्ती जिले का निवासी बताया जा रहा है। तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। जिसका नतीजा है कि तेज बुखार के साथ अब डायरिया, श्वास और लिवर की बीमारियां फैलने लगी हैं।
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पयागपुर के लालपुर निवासी इकरा (6 माह) को मंगलवार को बुखार के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिवारीजनों ने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं हो सका।
इस पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। यहां पर इकरा ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। श्रावस्ती जिले के सोनवा निवासी अहमद रजा (6) तथा बेबी (एक) निवासी फखरपुर की भी उल्टी-दस्त, तेज बुखार व सांस लेने में तकलीफ के कारण बुधवार दोपहर में सांसें थम गईं।
महसी के बंधा निवासी पप्पू (एक) की भी उल्टी-दस्त की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे घरों में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों से पीड़ित और 11 रोगी भर्ती हुए हैं।
इनमें सीमा (एक) पुत्री नीलम ललिया बलरामपुर, सिराज (2) व रेहाना (एक) निवासी परेवाखान रिसिया की हालत गंभीर होने पर उन्हें डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि दम तोड़ने वाले बच्चे काफी नाजुक हालत में जिला अस्पताल पहुंचे थे। कोशिश के बाद भी उनकी जिंदगी नहीं बचायी जा सकी।
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परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। बुखार और डायरिया से पीड़ित 11 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
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मृतकों में एक श्रावस्ती जिले का निवासी बताया जा रहा है। तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। जिसका नतीजा है कि तेज बुखार के साथ अब डायरिया, श्वास और लिवर की बीमारियां फैलने लगी हैं।
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पयागपुर के लालपुर निवासी इकरा (6 माह) को मंगलवार को बुखार के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिवारीजनों ने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं हो सका।
इस पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। यहां पर इकरा ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। श्रावस्ती जिले के सोनवा निवासी अहमद रजा (6) तथा बेबी (एक) निवासी फखरपुर की भी उल्टी-दस्त, तेज बुखार व सांस लेने में तकलीफ के कारण बुधवार दोपहर में सांसें थम गईं।
महसी के बंधा निवासी पप्पू (एक) की भी उल्टी-दस्त की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे घरों में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों से पीड़ित और 11 रोगी भर्ती हुए हैं।
इनमें सीमा (एक) पुत्री नीलम ललिया बलरामपुर, सिराज (2) व रेहाना (एक) निवासी परेवाखान रिसिया की हालत गंभीर होने पर उन्हें डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि दम तोड़ने वाले बच्चे काफी नाजुक हालत में जिला अस्पताल पहुंचे थे। कोशिश के बाद भी उनकी जिंदगी नहीं बचायी जा सकी।