{"_id":"5946b5bd4f1c1b89778b4575","slug":"81497806269-bahraich-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैज्ञानिक ढंग से खेती कर रोका जा सकता है बेरोजगारों का पलायन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैज्ञानिक ढंग से खेती कर रोका जा सकता है बेरोजगारों का पलायन
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैज्ञानिक ढंग से खेती करें किसान
खरीफ गोष्ठी व कृषि निवेश मेले में दी गई जानकारी
बहराइच। विकास खंड नवाबगंज में रविवार को एक दिवसीय खरीफ गोष्ठी, कृषि निवेश मेला और किसान चौपाल आयोजित की गई, जिसमें किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती करने को प्रेरित किया गया।
मंगलीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित गोष्ठी में उप निदेशक कृषि अनिल कुमार सागर ने कहा कि नेपाल का सीमावर्ती इलाका होने के कारण यह प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण है। किसान वर्तमान में आ रही नई वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी लेकर खेती करें और अधिक से अधिक उत्पादन कर संपन्न बनें। उन्होंने कहा कि गांवों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना कर बेरोजगारों का पलायन भी रोका जा सकता है। उन्होंने मृदा परीक्षण, कृषि संयंत्रों व उन्नतशील बीजों की खरीद पर अनुदान, पीएम कृषि बीमा योजना, मेड़बंदी आदि की जानकारी दी। एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ला ने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कडे़ कदम उठा रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने फसलों की बीमारियों व उनसे बचाव की जानकारी दी। मेले में किसानों को प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न जानकारियां दी गईं। इस मौके पर संजीव श्रीवास्तव, सीवीओ डॉ. बलवंत सिंह, अजय सिंह, डॉ. राहुल पांडेय, डॉ. के शाही, करनवीर सिंह, प्रधान सुमन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
खरीफ गोष्ठी व कृषि निवेश मेले में दी गई जानकारी
बहराइच। विकास खंड नवाबगंज में रविवार को एक दिवसीय खरीफ गोष्ठी, कृषि निवेश मेला और किसान चौपाल आयोजित की गई, जिसमें किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती करने को प्रेरित किया गया।
मंगलीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित गोष्ठी में उप निदेशक कृषि अनिल कुमार सागर ने कहा कि नेपाल का सीमावर्ती इलाका होने के कारण यह प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण है। किसान वर्तमान में आ रही नई वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी लेकर खेती करें और अधिक से अधिक उत्पादन कर संपन्न बनें। उन्होंने कहा कि गांवों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना कर बेरोजगारों का पलायन भी रोका जा सकता है। उन्होंने मृदा परीक्षण, कृषि संयंत्रों व उन्नतशील बीजों की खरीद पर अनुदान, पीएम कृषि बीमा योजना, मेड़बंदी आदि की जानकारी दी। एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ला ने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कडे़ कदम उठा रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने फसलों की बीमारियों व उनसे बचाव की जानकारी दी। मेले में किसानों को प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न जानकारियां दी गईं। इस मौके पर संजीव श्रीवास्तव, सीवीओ डॉ. बलवंत सिंह, अजय सिंह, डॉ. राहुल पांडेय, डॉ. के शाही, करनवीर सिंह, प्रधान सुमन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन