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Bahraich News: सेमरहना में द्वितीय चरण में बसाए जाएंगे 71 और ग्रामीण
Thu, 13 Nov 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 13 Nov 2025 01:07 AM IST
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सेमरहना गांव में चल रहा पैमाइश का कार्य। -संवाद
मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कोर जोन में बसे भरथापुर गांव के लोगों को सुरक्षित रिहायशी क्षेत्र में बसाने की कवायद तेज हो गई है। नाव हादसे के बाद शासन ने इस क्षेत्र के सभी परिवारों को कोर जोन से बाहर बसाने का निर्णय लिया था। प्रथम चरण में 118 परिवारों को सेमरहना में बसाने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि अब द्वितीय चरण में 71 और नए परिवारों के आवेदन मिले हैं, इन्हें भी सेमरहना में ही बसाया जाएगा।
भरथापुर गांव के 71 परिवारों ने प्रशासन को अपने आवेदन दिए हैं। फिलहाल उनकी पात्रता का सत्यापन कार्य चल रहा है। प्रशासन के मुताबिक सत्यापन में अभिलेखीय जांच, निवास की अवधि और परिवार की वास्तविक स्थिति देखी जा रही है। खेती-बाड़ी और अन्य बिंदुओं पर भी जांच हो रही है। इस कार्य के लिए 11 राजस्व टीमें गठित की गई हैं जो गांव में लगातार जांच कर रही हैं।
एसडीएम राम दयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि भरथापुर गांव का कोई भी परिवार जंगल क्षेत्र में न रहें। इसलिए सेमरहना गांव में ही सभी परिवारों को बसाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जिन 118 परिवारों को पात्र पाया गया था, उन्हें सेमरहना में जमीन आवंटित करने का कार्य चल रहा है। अब द्वितीय चरण में शेष 71 परिवारों को भी वहीं बसाया जाएगा।
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वन विभाग करेगा लाभों का निर्धारण
एसडीएम ने बताया कि पुनर्वासित परिवारों को वन विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों का निर्धारण वन विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र परिवार को पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। द्वितीय चरण में मिले 71 परिवारों के आवेदन के मामले में उन्होंने कहा कि निर्णय वन विभाग लेगा।
प्रशासन की निगरानी में चल रहा है काम
उपजिलाधिकारी ने बताया कि पात्रता जांच पूरी होने के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। पूरे पुनर्वास कार्य की निगरानी जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी स्वयं कर रहे हैं, ताकि किसी पात्र परिवार को योजना से वंचित न रहना पड़े। प्रशासन का दावा है कि भरथापुर के सभी परिवारों को चरणबद्ध तरीके से सेमरहना में बसाया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सके।
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भरथापुर गांव के 71 परिवारों ने प्रशासन को अपने आवेदन दिए हैं। फिलहाल उनकी पात्रता का सत्यापन कार्य चल रहा है। प्रशासन के मुताबिक सत्यापन में अभिलेखीय जांच, निवास की अवधि और परिवार की वास्तविक स्थिति देखी जा रही है। खेती-बाड़ी और अन्य बिंदुओं पर भी जांच हो रही है। इस कार्य के लिए 11 राजस्व टीमें गठित की गई हैं जो गांव में लगातार जांच कर रही हैं।
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एसडीएम राम दयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि भरथापुर गांव का कोई भी परिवार जंगल क्षेत्र में न रहें। इसलिए सेमरहना गांव में ही सभी परिवारों को बसाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जिन 118 परिवारों को पात्र पाया गया था, उन्हें सेमरहना में जमीन आवंटित करने का कार्य चल रहा है। अब द्वितीय चरण में शेष 71 परिवारों को भी वहीं बसाया जाएगा।
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वन विभाग करेगा लाभों का निर्धारण
एसडीएम ने बताया कि पुनर्वासित परिवारों को वन विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों का निर्धारण वन विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र परिवार को पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। द्वितीय चरण में मिले 71 परिवारों के आवेदन के मामले में उन्होंने कहा कि निर्णय वन विभाग लेगा।
प्रशासन की निगरानी में चल रहा है काम
उपजिलाधिकारी ने बताया कि पात्रता जांच पूरी होने के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। पूरे पुनर्वास कार्य की निगरानी जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी स्वयं कर रहे हैं, ताकि किसी पात्र परिवार को योजना से वंचित न रहना पड़े। प्रशासन का दावा है कि भरथापुर के सभी परिवारों को चरणबद्ध तरीके से सेमरहना में बसाया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सके।