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घाघरा का कहर, सड़क पर ढाई फीट ऊपर बह रहा पानी
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:32 PM IST
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बहराइच/महसी। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा से घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। जरवल क्षेत्र में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं।
पुरैनी-सुंदरपुरवा मार्ग पर ढाई फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। सुंदरपुरवा गांव का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। महसी और कैसरगंज के 11 गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं।
मकान उजाड़कर ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। 3.32 लाख क्यूसेक पानी शनिवार को भी अलग-अलग बैराजों से प्रति सेकेंड डिस्चार्ज हो रहा है। ऐसे में रविवार दोपहर तक हालात और गंभीर होने के संकेत मिल रहे हैं।
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उफनाई घाघरा महसी में कटान कर रही है। गोलागंज का शिव मंदिर नदी से महज 10 मीटर दूर है। एक बाग भी नदी के निशाने पर है।
उफनाई घाघरा का कहर महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में शुरू हो गया है। नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर हो रही वर्षा से चलते घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार दोपहर दो बजे तक एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़कर 106.426 मीटर पहुंच गया।
जबकि एल्गिन ब्रिज पर नदी के खतरे का निशान 106.07 है। ऐसे में नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
विकासखंड जरवल में आदमपुर रेवली तटबंध के उस पार बसे पुरैनी-सुंदरपुरवा संपर्क मार्ग पर उफनाई घाघरा का पानी दोपहर दो बजे से बहने लगा है। ढाई फीट ऊपर पानी बह रहा है, जिससे गांव का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।
जैसे-तैसे राहगीर आ-जा रहे हैं। अब तक नावों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। घाघरा के उफान से महसी के गोलागंज में स्थित शिव मंदिर नदी के निशाने पर आ गया है।
मंदिर और नदी के बीच महज 10 मीटर का फासला बचा है। रात से अब तक 110 मीटर खेती योग्य जमीन कटान की भेंट चढ़ी है।
सूचना पाकर एसडीएम राजेश श्रीवास्तव, तहसीलदार राजेश कुमार मौके पर पहुंचे हैं। राजस्वकर्मियों को अलर्ट करते हुए 24 घंटे गांवों में कैंप करने के निर्देश दिए हैं।
नदी की उफान से महसी का तारापुरवा, जोगलापुरवा, छत्तरपुरवा के अलावा घाघरा के कछार में बसे सात गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
कछार के गांवों के लिए भेजें दो-दो नाव : डीएम
जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने बताया कि निरंतर बढ़ रहे नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए घाघरा के दोआबा में बसे गांव के लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दो-दो नाव प्रत्येक गांव में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने नाव की फोटोग्राफी कराकर रिपोर्ट भी तलब की है।
जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका
केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट कार्यालय के मुताबिक शनिवार दोपहर दो बजे से जलस्तर अचानक स्थिर हो गया है। रात से पुन: जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।
घर उजाड़कर पलायन कर रहे लोग
गोलागंज में छत्तरपुरवा गांव नदी की कटान के मुहाने पर आ गया है। ऐसे में यहां के ग्रामीण खपरैल, छप्पर और पक्का मकान उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने में जुट गए हैं।
गांव चारो ओर से घाघरा से घिर गया है। अभी गांव के अंदर पानी नहीं पहुंचा है। बैराजों से जो पानी डिस्चार्ज हो रहा है, उसके 24 घंटे में पहुंचने पर पानी के गांव में घुसने की आशंका है। ग्रामीण गृहस्थी समेटने में जुटे हुए हैं।
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पुरैनी-सुंदरपुरवा मार्ग पर ढाई फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। सुंदरपुरवा गांव का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। महसी और कैसरगंज के 11 गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं।
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मकान उजाड़कर ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। 3.32 लाख क्यूसेक पानी शनिवार को भी अलग-अलग बैराजों से प्रति सेकेंड डिस्चार्ज हो रहा है। ऐसे में रविवार दोपहर तक हालात और गंभीर होने के संकेत मिल रहे हैं।
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उफनाई घाघरा महसी में कटान कर रही है। गोलागंज का शिव मंदिर नदी से महज 10 मीटर दूर है। एक बाग भी नदी के निशाने पर है।
उफनाई घाघरा का कहर महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में शुरू हो गया है। नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर हो रही वर्षा से चलते घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार दोपहर दो बजे तक एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़कर 106.426 मीटर पहुंच गया।
जबकि एल्गिन ब्रिज पर नदी के खतरे का निशान 106.07 है। ऐसे में नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
विकासखंड जरवल में आदमपुर रेवली तटबंध के उस पार बसे पुरैनी-सुंदरपुरवा संपर्क मार्ग पर उफनाई घाघरा का पानी दोपहर दो बजे से बहने लगा है। ढाई फीट ऊपर पानी बह रहा है, जिससे गांव का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।
जैसे-तैसे राहगीर आ-जा रहे हैं। अब तक नावों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। घाघरा के उफान से महसी के गोलागंज में स्थित शिव मंदिर नदी के निशाने पर आ गया है।
मंदिर और नदी के बीच महज 10 मीटर का फासला बचा है। रात से अब तक 110 मीटर खेती योग्य जमीन कटान की भेंट चढ़ी है।
सूचना पाकर एसडीएम राजेश श्रीवास्तव, तहसीलदार राजेश कुमार मौके पर पहुंचे हैं। राजस्वकर्मियों को अलर्ट करते हुए 24 घंटे गांवों में कैंप करने के निर्देश दिए हैं।
नदी की उफान से महसी का तारापुरवा, जोगलापुरवा, छत्तरपुरवा के अलावा घाघरा के कछार में बसे सात गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
कछार के गांवों के लिए भेजें दो-दो नाव : डीएम
जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने बताया कि निरंतर बढ़ रहे नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए घाघरा के दोआबा में बसे गांव के लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दो-दो नाव प्रत्येक गांव में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने नाव की फोटोग्राफी कराकर रिपोर्ट भी तलब की है।
जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका
केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट कार्यालय के मुताबिक शनिवार दोपहर दो बजे से जलस्तर अचानक स्थिर हो गया है। रात से पुन: जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।
घर उजाड़कर पलायन कर रहे लोग
गोलागंज में छत्तरपुरवा गांव नदी की कटान के मुहाने पर आ गया है। ऐसे में यहां के ग्रामीण खपरैल, छप्पर और पक्का मकान उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने में जुट गए हैं।
गांव चारो ओर से घाघरा से घिर गया है। अभी गांव के अंदर पानी नहीं पहुंचा है। बैराजों से जो पानी डिस्चार्ज हो रहा है, उसके 24 घंटे में पहुंचने पर पानी के गांव में घुसने की आशंका है। ग्रामीण गृहस्थी समेटने में जुटे हुए हैं।