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Bahraich News: तीन दिन से बिजली को तरस रहे 40 हजार लोग
Sun, 09 Jun 2024 01:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 09 Jun 2024 01:46 AM IST
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धरसवां में टूटा पड़ा विद्युत पोल। संवाद।
विभाग नहीं ढूंढ़ पा रहा गड़बड़ी, कई क्षेत्रों में बिजली आने के बाद जारी है अघोषित कटौती
ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 10 से 12 घंटे मिल रही आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच/तेजवापुर/धरसवा/हुजूरपुर। जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बदहाल है और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे की कटौती की जा रही है। यही नहीं तेजवापुर विकासखंड के एक दर्जन गांवों व धरसवां क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में बीते तीन दिनसे बिजली ही नहीं आई है। जिससे लगभग 40 हजार लोग अंधेरे में रात काटने को विवश हैं। यही नहीं आंधी के बाद से ही हुजूरपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आपूर्ति बाधित है, लगभग 60 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी विभाग फाल्ट नहीं ढूंढ़ पा रहा है।
तेजवापुर विकासखंड के दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति देने वाला फखरपुर उपकेंद्र के रामगढी फीडर में कुछ खराबी आ गई है। जिसके चलते केला गांव, रतनपुर, बंधा मोड़, राजा रेहुआ, पांडेय पुरवा, तेलिनपुरवा, जोगापुरवा, हरिजनटोला समेत दर्जनों गांवों में बीते 42 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। विद्युत आपूर्ति न मिलने से लगभग 15 हजार से अधिक लोग भीषण गर्मी व उमस से बेहाल हैं। ग्रामीण डॉ. जितेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बिजली न आने से इंवर्टर, मोबाइल फोन, पानी की टंकी सब खाली हैं। शिकायत करने पर एसडीओ सही करवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
चित्तौरा विकासखंड के धरसवां क्षेत्र में बुधवार की देर रात आई आंधी के बाद से लगभग 62 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। जिससे धरसवां, बड़ा गांव, कैनी , दरगहिया, सरबहदा, बरहिया समेत लगभग 25 गांवों की 25 हजार से अधिक आबादी अंधेरे में है। ग्रामीण सूरज, केहर, विमल, शिव नाथ, योगेश, देवेश आदि ने बताया कि हम लोग रहते बहराइच जिले में हैं, लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हमें बिजली आपूर्ति श्रावस्ती जिले के गिलौला उपकेंद्र के पचदेवरी फीडर से मिलती है। जहां से लगातार बिजली काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंधी आने के बाद से आपूर्ति बाधित है। बीच में कुछ समय के लिए एक-दो बार बिजली आई गई है। जेई कुलदीप को फोन करने पर वह फोन नहीं उठाते हैं।
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हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र के राजापुरवा, बड़ा गांव, भंगहा, बसंतपुर, बौंवा समेत दर्जनों गांवों में बुधवार की देर रात आई आंधी के बाद से बिजली नहीं आई है। विद्युत विभाग के जिम्मेदार 60 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी अभी गड़बड़ी ढूंढ़ने में नाकाम हैं।
लाइनमैन के न होने से रात में तीन घंटे गायब रही बिजली
फखरपुर। कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह धराशायी है। आलम यह है, कि शुक्रवार की रात लगभग 11:45 बजे माधोपुर फीडर के खंभे में आग लगने के बाद रात में कोई लाइलमैन उसे सही करने नहीं आया। जिससे माधोपुर, खालिदपुर, परशुरामपुर, फखरपुर, घासीपुर, फखरपुर कस्बा समेत लगभग एक लाख की आबादी प्रभावित रही। इस दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक लोग उमस से बेहाल रहे।
कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती से हाहाकार
कैसरगंज/चित्तौरा/बाबागंज/विशेश्वरगंज। नगर पंचायत कैसरगंज व ग्रामीण क्षेत्रों में शासन का रोस्टर सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। उपभोक्ता शिवम, अतुल, रमाशंकर, मनोज, सुधाकर, अमित, राजितराम, बाबूलाल, पवन, आशीष आदि ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में 24 घंटों में एक दर्जन से अधिक बार बिजली की ट्रिपिंग होती है। वहीं महज 12 से 14 घंटे की आपूर्ति मिल रही। ट्रिपिंग से विद्युत उपकरण भी खराब हो रहे। चित्तौरा में बक्शीपुरा फीडर से आपूर्ति पाने वाले दर्जनों गांवों के हजारों लोग भी बिजली की आंख मिचौली से परेशान हैं। बाबागंज क्षेत्र में उप विद्युत केंद्र सहाबा से आपूर्ति पाने वाले रामनगर, थनईगांव, छिटूपूरवा, गडरहवा, शंकरपुर, कन्हैया लाल पुरवा, अधीनगांव आदि के उपभोक्ता भी कटौती से बेहाल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुबह 8:00 बजे के बाद शाम 7:30 बजे तक भीषण कटौती की जा रही है। जेई राम गोपाल ने बताया कि गांव की लाइन ठीक करने का कार्य कराया जा रहा है, इसलिए दिनभर कटौती हो रही है। विशेश्वरगंज क्षेत्र में भी आंधी के बाद लगभग 36 घंटे बाद ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति शुरू हो पाई। जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने बताया कि पहले तो 33 हजार की लाइन पर जगह-जगह पेड़ गिरने से आपूर्ति बहाल करने में समय लगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 10 से 12 घंटे मिल रही आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच/तेजवापुर/धरसवा/हुजूरपुर। जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बदहाल है और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे की कटौती की जा रही है। यही नहीं तेजवापुर विकासखंड के एक दर्जन गांवों व धरसवां क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में बीते तीन दिनसे बिजली ही नहीं आई है। जिससे लगभग 40 हजार लोग अंधेरे में रात काटने को विवश हैं। यही नहीं आंधी के बाद से ही हुजूरपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आपूर्ति बाधित है, लगभग 60 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी विभाग फाल्ट नहीं ढूंढ़ पा रहा है।
तेजवापुर विकासखंड के दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति देने वाला फखरपुर उपकेंद्र के रामगढी फीडर में कुछ खराबी आ गई है। जिसके चलते केला गांव, रतनपुर, बंधा मोड़, राजा रेहुआ, पांडेय पुरवा, तेलिनपुरवा, जोगापुरवा, हरिजनटोला समेत दर्जनों गांवों में बीते 42 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। विद्युत आपूर्ति न मिलने से लगभग 15 हजार से अधिक लोग भीषण गर्मी व उमस से बेहाल हैं। ग्रामीण डॉ. जितेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बिजली न आने से इंवर्टर, मोबाइल फोन, पानी की टंकी सब खाली हैं। शिकायत करने पर एसडीओ सही करवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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चित्तौरा विकासखंड के धरसवां क्षेत्र में बुधवार की देर रात आई आंधी के बाद से लगभग 62 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। जिससे धरसवां, बड़ा गांव, कैनी , दरगहिया, सरबहदा, बरहिया समेत लगभग 25 गांवों की 25 हजार से अधिक आबादी अंधेरे में है। ग्रामीण सूरज, केहर, विमल, शिव नाथ, योगेश, देवेश आदि ने बताया कि हम लोग रहते बहराइच जिले में हैं, लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हमें बिजली आपूर्ति श्रावस्ती जिले के गिलौला उपकेंद्र के पचदेवरी फीडर से मिलती है। जहां से लगातार बिजली काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंधी आने के बाद से आपूर्ति बाधित है। बीच में कुछ समय के लिए एक-दो बार बिजली आई गई है। जेई कुलदीप को फोन करने पर वह फोन नहीं उठाते हैं।
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हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र के राजापुरवा, बड़ा गांव, भंगहा, बसंतपुर, बौंवा समेत दर्जनों गांवों में बुधवार की देर रात आई आंधी के बाद से बिजली नहीं आई है। विद्युत विभाग के जिम्मेदार 60 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी अभी गड़बड़ी ढूंढ़ने में नाकाम हैं।
लाइनमैन के न होने से रात में तीन घंटे गायब रही बिजली
फखरपुर। कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह धराशायी है। आलम यह है, कि शुक्रवार की रात लगभग 11:45 बजे माधोपुर फीडर के खंभे में आग लगने के बाद रात में कोई लाइलमैन उसे सही करने नहीं आया। जिससे माधोपुर, खालिदपुर, परशुरामपुर, फखरपुर, घासीपुर, फखरपुर कस्बा समेत लगभग एक लाख की आबादी प्रभावित रही। इस दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक लोग उमस से बेहाल रहे।
कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती से हाहाकार
कैसरगंज/चित्तौरा/बाबागंज/विशेश्वरगंज। नगर पंचायत कैसरगंज व ग्रामीण क्षेत्रों में शासन का रोस्टर सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। उपभोक्ता शिवम, अतुल, रमाशंकर, मनोज, सुधाकर, अमित, राजितराम, बाबूलाल, पवन, आशीष आदि ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में 24 घंटों में एक दर्जन से अधिक बार बिजली की ट्रिपिंग होती है। वहीं महज 12 से 14 घंटे की आपूर्ति मिल रही। ट्रिपिंग से विद्युत उपकरण भी खराब हो रहे। चित्तौरा में बक्शीपुरा फीडर से आपूर्ति पाने वाले दर्जनों गांवों के हजारों लोग भी बिजली की आंख मिचौली से परेशान हैं। बाबागंज क्षेत्र में उप विद्युत केंद्र सहाबा से आपूर्ति पाने वाले रामनगर, थनईगांव, छिटूपूरवा, गडरहवा, शंकरपुर, कन्हैया लाल पुरवा, अधीनगांव आदि के उपभोक्ता भी कटौती से बेहाल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुबह 8:00 बजे के बाद शाम 7:30 बजे तक भीषण कटौती की जा रही है। जेई राम गोपाल ने बताया कि गांव की लाइन ठीक करने का कार्य कराया जा रहा है, इसलिए दिनभर कटौती हो रही है। विशेश्वरगंज क्षेत्र में भी आंधी के बाद लगभग 36 घंटे बाद ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति शुरू हो पाई। जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने बताया कि पहले तो 33 हजार की लाइन पर जगह-जगह पेड़ गिरने से आपूर्ति बहाल करने में समय लगा।