बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे आबादी वाले इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों के बीच वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। बीते एक माह में टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाकर 11 तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को उनके प्राकृतिक वास में घने जंगल के बीच कोर जोन में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अनुसार बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने और जंगल के कई हिस्सों में पानी भरने से वन्यजीव आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। तेंदुओं की गतिविधियां सामने आने पर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ जरूरत के अनुसार पिंजरे लगाए गए।
विभाग के मुताबिक 20 अगस्त को ककरहा रेंज में नर तेंदुआ पिंजरे में पकड़ा गया। 25 अगस्त को मोतीपुर रेंज के गुलरिहा गांव में तेंदुआ पकड़ा गया। इसके बाद 31 अगस्त को राम सहाय पुरवा, एक सितंबर को बाजार टोला और दो सितंबर को महबूब नगर में तेंदुए पकड़े गए। 11 सितंबर को पचासा गांव, 14 सितंबर को राम सहाय पुरवा और 15 सितंबर को मिहींपुरवा क्षेत्र में भी तेंदुए पिंजरे में फंसे। प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि तेंदुओं की गतिविधियों वाले सभी इलाके जंगल से सटे हैं। बारिश में पानी भरने के कारण वन्यजीव आबादी की ओर आते हैं। वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। ग्रामीण जंगल और आबादी के बीच सतर्क रहें और अकेले सुनसान स्थानों पर जाने से बचें।