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कैसरगंज के 450 हैंडपंप खराब, गर्मी में पानी की किल्लत
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कैसरगंज (बहराइच)। गर्मी शुरू होने के साथ ही कैसरगंज क्षेत्र में पीने के पानी का संकट शुरू हो गया है। गांवों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप तकनीकी खराबी व रिबोर की स्थिति में पहुंचकर पानी देना ही बंद कर चुके हैं। जिससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगभग 450 नल खराब पड़े हुए हैं। लेकिन जल निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विकास खंड कैसरगंज में शुद्ध व स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए 71 ग्राम पंचायतों मे 2960 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाये गये हैं। इन हैंडपंपों से ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिलने की आस हुई थी। लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही गांवों में लगे हैंडपंप दगा देने लगे हैं। 2960 हैंडपंपों में 200 से अधिक नल रिबोर की स्थिति में पहुंच गये हैं तथा 100 से अधिक नल खराब पड़े हुए हैं।
150 अधिक नल आए दिन तकनीकी खराबी से बंद पड़े रहते हैं। क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों के नलों की हालत बेहद खस्ता और रिबोर की स्थिति में है। सामान्य खराबी की बात छोडिए। शायद ही कोई ऐसा नल हो जिसमें कोई छोटी मोटी खराबी न हो। मानक के अनुसार हैंडपंपो की बोरिंग न करने तथा इसमें लगाए जाने वाले पुर्जों में भी कोताही बरतने से अधिकांश हैंडपंप कुछ ही दिनों मे खराब हो जाते है।
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विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते क्षेत्र के दर्जनों हैंडपंप महज शोपीस साबित हो रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे विभागीय अधिकारियों से शिकायत करते है तो यह कह कर टाल दिया जाता है कि अब मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्राम पंचायतों की होने वाली खुली बैठकों मे ंखराब हैंडपंपों व अन्य कार्यों का प्रस्ताव पास करने व ऐसे ही अनेक कार्यों का खर्च वहन करने का शासन से अधिकार प्राप्त है। इस संबंध में बीडीओ रवि कुमार से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत वार खराब नलों की सूची तैयार करवा ली गयी है। शीघ्र ही खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराया जायेगा।
रिबोर की स्थिति में इन गांवों के हैंडपंप
कैसरगंज विकास खंड के सोहरास में दो, मतरेपुर में तीन, बदरौली में छह, नत्थनपुर मे दो, आगापुर में दो, कड़सर में दो, नौगइया में तीन, बघइया में दो, मरोठी में तीन, बिबियापारा में दो, गोड़हिया नंबर दो में तीन, डिहवा शेर बहादुर सिंह में दो, हैदरपुर नौबस्ता में तीन, बरखुरद्वारापुर, देवलखा, चुलुंभा, हतिंसी में दो-दो, हंसना में तीन, विजयपुर में एक नल रिबोर की स्थिति में है। इससे पेयजल की स्थिति पर संकट उत्पन्न हो रही है।
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विकास खंड कैसरगंज में शुद्ध व स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए 71 ग्राम पंचायतों मे 2960 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाये गये हैं। इन हैंडपंपों से ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिलने की आस हुई थी। लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही गांवों में लगे हैंडपंप दगा देने लगे हैं। 2960 हैंडपंपों में 200 से अधिक नल रिबोर की स्थिति में पहुंच गये हैं तथा 100 से अधिक नल खराब पड़े हुए हैं।
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150 अधिक नल आए दिन तकनीकी खराबी से बंद पड़े रहते हैं। क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों के नलों की हालत बेहद खस्ता और रिबोर की स्थिति में है। सामान्य खराबी की बात छोडिए। शायद ही कोई ऐसा नल हो जिसमें कोई छोटी मोटी खराबी न हो। मानक के अनुसार हैंडपंपो की बोरिंग न करने तथा इसमें लगाए जाने वाले पुर्जों में भी कोताही बरतने से अधिकांश हैंडपंप कुछ ही दिनों मे खराब हो जाते है।
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विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते क्षेत्र के दर्जनों हैंडपंप महज शोपीस साबित हो रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे विभागीय अधिकारियों से शिकायत करते है तो यह कह कर टाल दिया जाता है कि अब मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्राम पंचायतों की होने वाली खुली बैठकों मे ंखराब हैंडपंपों व अन्य कार्यों का प्रस्ताव पास करने व ऐसे ही अनेक कार्यों का खर्च वहन करने का शासन से अधिकार प्राप्त है। इस संबंध में बीडीओ रवि कुमार से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत वार खराब नलों की सूची तैयार करवा ली गयी है। शीघ्र ही खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराया जायेगा।
रिबोर की स्थिति में इन गांवों के हैंडपंप
कैसरगंज विकास खंड के सोहरास में दो, मतरेपुर में तीन, बदरौली में छह, नत्थनपुर मे दो, आगापुर में दो, कड़सर में दो, नौगइया में तीन, बघइया में दो, मरोठी में तीन, बिबियापारा में दो, गोड़हिया नंबर दो में तीन, डिहवा शेर बहादुर सिंह में दो, हैदरपुर नौबस्ता में तीन, बरखुरद्वारापुर, देवलखा, चुलुंभा, हतिंसी में दो-दो, हंसना में तीन, विजयपुर में एक नल रिबोर की स्थिति में है। इससे पेयजल की स्थिति पर संकट उत्पन्न हो रही है।