{"_id":"64cd39fce7fec84fde09ceb7","slug":"12-new-sub-stations-will-be-built-the-city-and-village-will-get-smooth-electricity-bahraich-news-c-98-1-slko1007-1332-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: बनेंगे 12 नए उपकेंद्र, शहर और गांव को मिलेगी सुचारु बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: बनेंगे 12 नए उपकेंद्र, शहर और गांव को मिलेगी सुचारु बिजली
Fri, 04 Aug 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 04 Aug 2023 11:18 PM IST
विज्ञापन
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद विभाग ने शुरू किया भूमि चिह्नीकरण का काम
उपकेंद्रों निर्माण से जिले की तीन लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
बहराइच। जिले की बिजली व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने 12 नए उपकेंद्र बनाने की कार्ययोजना बनाई है। शासन की ओर से उपकेंद्र की स्थापना को लेकर हरी झंडी भी मिल गई है। जिसके बाद विभाग की ओर से उपकेंद्र के निर्माण के लिए भूमि का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। भूमि चिह्नीकरण का काम पूरा होने के बाद उपकेंद्रों के निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब चार करोड़ की लागत आएगी। उपकेंद्रों के संचालन से करीब तीन लाख से अधिक की आबादी को बेहतर विद्युत आपूर्ति का लाभ पहुंचने लगेगा।
जिले में भीषण गर्मी के दौर में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या होने के चलते ट्रांसफार्मरों का जलना व तारों के टूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस दौरान लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। अब बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निबार्ध बिजली आपूर्ति के लिए 12 नए उपकेंद्र को स्थापित करने का खाका खींचा है। सभी नए उपकेंद्र उन इलाकों में स्थापित होंगे, जहां सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग की समस्या रहती है।
विभाग ने इसके लिए शहर समेत विभिन्न विकास खंडों में 12 इलाकों को चिह्नित कर 33 केवीए उपकेंद्र के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन की ओर से उपकेंद्रों निर्माण को लेकर हरी झंडी मिलने के बाद अब विभागीय अधिकारियों ने उपकेंद्र स्थापित कराने के लिए जमीन के चिह्नीकरण का काम शुरू कर दिया है। जमीन के चिह्नीकरण का काम पूरा होते ही उपकेंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों की मानें तो एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब तीन से चार करोड़ की लागत का खर्च आएगा। उपकेंद्र की स्थापना हो जाने के बाद जिलेवासियों को बिजली की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
..................................
यहां स्थापित होंगे नए विद्युत उपकेंद्र
डीहा, रामपुर धोबियाहार, उर्रा, मल्हीपुर, रेहुआ मंसूर, रिसिया रोड, देवीदास पुर, गंगवल, वजीरगंज, सेमिरियांवा, गंडारा समेत शहर के गोलवाघाट पर 33/11 के नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा।
...................................
11 उपकेंद्रों में पांच-पांच एमवीए के लगेंगे ट्रांसफार्मर
विभाग की ओर से नए उपकेंद्र का निर्माण करीब तीन हजार से अधिक वर्गमीटर में किया जाएगा। जिन 12 उपकेंद्रों का निर्माण किया जाना है उसमें से एक उपकेंद्र पर 5-5 केवीए के दो ट्रांसफार्मर स्थापित कराया जाएगा। जबकि शेष 11 उपकेंद्रों में 5 एमवीए के एक-एक ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे।
ओवरलोडिंग कम करने के लिए जिले के जिन इलाकों में विद्युत का अधिक भार है वहां नए उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा। उपकेंद्र के निर्माण के लिए विभाग के अधिकारियों द्वारा जमीन के चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। चिह्नीकरण का काम पूरा होते ही उपकेंद्र का निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
उपकेंद्रों निर्माण से जिले की तीन लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
बहराइच। जिले की बिजली व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने 12 नए उपकेंद्र बनाने की कार्ययोजना बनाई है। शासन की ओर से उपकेंद्र की स्थापना को लेकर हरी झंडी भी मिल गई है। जिसके बाद विभाग की ओर से उपकेंद्र के निर्माण के लिए भूमि का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। भूमि चिह्नीकरण का काम पूरा होने के बाद उपकेंद्रों के निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब चार करोड़ की लागत आएगी। उपकेंद्रों के संचालन से करीब तीन लाख से अधिक की आबादी को बेहतर विद्युत आपूर्ति का लाभ पहुंचने लगेगा।
जिले में भीषण गर्मी के दौर में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या होने के चलते ट्रांसफार्मरों का जलना व तारों के टूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस दौरान लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। अब बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निबार्ध बिजली आपूर्ति के लिए 12 नए उपकेंद्र को स्थापित करने का खाका खींचा है। सभी नए उपकेंद्र उन इलाकों में स्थापित होंगे, जहां सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग की समस्या रहती है।
विज्ञापन
विभाग ने इसके लिए शहर समेत विभिन्न विकास खंडों में 12 इलाकों को चिह्नित कर 33 केवीए उपकेंद्र के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन की ओर से उपकेंद्रों निर्माण को लेकर हरी झंडी मिलने के बाद अब विभागीय अधिकारियों ने उपकेंद्र स्थापित कराने के लिए जमीन के चिह्नीकरण का काम शुरू कर दिया है। जमीन के चिह्नीकरण का काम पूरा होते ही उपकेंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों की मानें तो एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब तीन से चार करोड़ की लागत का खर्च आएगा। उपकेंद्र की स्थापना हो जाने के बाद जिलेवासियों को बिजली की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
..................................
यहां स्थापित होंगे नए विद्युत उपकेंद्र
डीहा, रामपुर धोबियाहार, उर्रा, मल्हीपुर, रेहुआ मंसूर, रिसिया रोड, देवीदास पुर, गंगवल, वजीरगंज, सेमिरियांवा, गंडारा समेत शहर के गोलवाघाट पर 33/11 के नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा।
...................................
11 उपकेंद्रों में पांच-पांच एमवीए के लगेंगे ट्रांसफार्मर
विभाग की ओर से नए उपकेंद्र का निर्माण करीब तीन हजार से अधिक वर्गमीटर में किया जाएगा। जिन 12 उपकेंद्रों का निर्माण किया जाना है उसमें से एक उपकेंद्र पर 5-5 केवीए के दो ट्रांसफार्मर स्थापित कराया जाएगा। जबकि शेष 11 उपकेंद्रों में 5 एमवीए के एक-एक ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे।
ओवरलोडिंग कम करने के लिए जिले के जिन इलाकों में विद्युत का अधिक भार है वहां नए उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा। उपकेंद्र के निर्माण के लिए विभाग के अधिकारियों द्वारा जमीन के चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। चिह्नीकरण का काम पूरा होते ही उपकेंद्र का निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता