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Bahraich News: नौ सूत्री मांगों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रधान
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धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिकारी को मांग पत्र सौंपते पंचायत विकास मंच के पदाधिकारी।
बहराइच। ग्राम पंचायतों की समस्याओं और ग्राम प्रधानों की नौ सूत्री मांगों को लेकर पंचायत विकास मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। धरने में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
धरने में वर्ष 2024 से लंबित मनरेगा भुगतान, वीबी-जी रैम जी की तकनीकी समस्याओं, विकास कार्यों की फाइलों के अनुमोदन में देरी और पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़ी सुविधाओं व अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मांग पत्र में मनरेगा भुगतान के निस्तारण, तकनीकी दिक्कतें दूर करने, विकास कार्यों की फाइलों के अनुमोदन के लिए समय-सीमा तय करने और ग्राम पंचायतों को डोंगल का अधिकार देने की मांग की गई। इसके अलावा प्रधानों का मानदेय, भत्ते व पेंशन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के प्राथमिकता से परीक्षण तथा जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी शामिल है।
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भट्ठा संघ और ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन समेत कुछ संगठनों ने धरने को समर्थन देने की बात कही। संयोजक सूरज शुक्ला और सह संयोजक डॉ. श्याम चौधरी ने कहा कि मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा।
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धरने में वर्ष 2024 से लंबित मनरेगा भुगतान, वीबी-जी रैम जी की तकनीकी समस्याओं, विकास कार्यों की फाइलों के अनुमोदन में देरी और पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़ी सुविधाओं व अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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मांग पत्र में मनरेगा भुगतान के निस्तारण, तकनीकी दिक्कतें दूर करने, विकास कार्यों की फाइलों के अनुमोदन के लिए समय-सीमा तय करने और ग्राम पंचायतों को डोंगल का अधिकार देने की मांग की गई। इसके अलावा प्रधानों का मानदेय, भत्ते व पेंशन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के प्राथमिकता से परीक्षण तथा जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी शामिल है।
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भट्ठा संघ और ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन समेत कुछ संगठनों ने धरने को समर्थन देने की बात कही। संयोजक सूरज शुक्ला और सह संयोजक डॉ. श्याम चौधरी ने कहा कि मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा।