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Bahraich News: पिंजरे में कैद हुई 10 साल की मादा तेंदुआ
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ककरहा रेंज के रामसहायपुरवा में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
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मिहींपुरवा। ककरहा रेंज की ग्राम पंचायत गोपिया के रामसहाय पुरवा गांव में कई दिनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ आखिरकार रविवार देर रात वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे वन विभाग ने उसे कब्जे में लेकर सुरक्षित रेंज कार्यालय पहुंचाया। उसकी उम्र करीब 10 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। पशु चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ को स्वस्थ और प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने के लिए फिट पाया है।
रामसहाय पुरवा गांव में तेंदुए की लगातार आवाजाही की शिकायतें मिल रही थीं। वन विभाग के अनुसार 20 अगस्त को तेंदुए ने एक गाय की बछिया का शिकार किया था। नियमित गश्त के दौरान उसके पगचिह्न भी मिले थे। ग्रामीणों की मौखिक और लिखित शिकायतों के बाद 26 अगस्त को गांव में पिंजरा लगाया गया था। इस पिंजरे में रविवार रात मादा तेंदुआ कैद हो गई।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित के अनुसार तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया है। अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और विभाग की निर्धारित एसओपी के तहत उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। डीएफओ ने मानसून में घनी झाड़ियों और बढ़ी घास के बीच वन्यजीवों के छिपने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
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छह स्थानों पर कैमरा ट्रैप से निगरानी
तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने मोतीपुर रेंज में दो और ककरहा रेंज में चार स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए हैं। विभाग इन क्षेत्रों में तेंदुओं की आवाजाही की लगातार निगरानी कर रहा है।
दो और तेंदुओं की मौजूदगी का दावा
एक तेंदुए के पकड़े जाने से रामसहाय पुरवा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन क्षेत्र में दो और तेंदुओं के सक्रिय होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों की आवाजाही आसपास देखी जा रही है। उन्होंने वन विभाग से निगरानी और बढ़ाने तथा अन्य तेंदुओं को भी सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।
डेढ़ माह में पकड़े गए आठ तेंदुए
31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।
13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।
4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।
31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।
20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
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रामसहाय पुरवा गांव में तेंदुए की लगातार आवाजाही की शिकायतें मिल रही थीं। वन विभाग के अनुसार 20 अगस्त को तेंदुए ने एक गाय की बछिया का शिकार किया था। नियमित गश्त के दौरान उसके पगचिह्न भी मिले थे। ग्रामीणों की मौखिक और लिखित शिकायतों के बाद 26 अगस्त को गांव में पिंजरा लगाया गया था। इस पिंजरे में रविवार रात मादा तेंदुआ कैद हो गई।
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डीएफओ अपूर्व दीक्षित के अनुसार तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया है। अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और विभाग की निर्धारित एसओपी के तहत उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। डीएफओ ने मानसून में घनी झाड़ियों और बढ़ी घास के बीच वन्यजीवों के छिपने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
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छह स्थानों पर कैमरा ट्रैप से निगरानी
तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने मोतीपुर रेंज में दो और ककरहा रेंज में चार स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए हैं। विभाग इन क्षेत्रों में तेंदुओं की आवाजाही की लगातार निगरानी कर रहा है।
दो और तेंदुओं की मौजूदगी का दावा
एक तेंदुए के पकड़े जाने से रामसहाय पुरवा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन क्षेत्र में दो और तेंदुओं के सक्रिय होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों की आवाजाही आसपास देखी जा रही है। उन्होंने वन विभाग से निगरानी और बढ़ाने तथा अन्य तेंदुओं को भी सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।
डेढ़ माह में पकड़े गए आठ तेंदुए
31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।
13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।
4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।
31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।
20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।