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Baghpat News: कागजों में मार डाली महिला, डीएम के फोन से जिंदा हुई
Fri, 03 Mar 2023 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 03 Mar 2023 12:27 AM IST
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।ां चलती देवी के साथ डीएम से शिकायत कर कार्यालय के बाहर आता बेटा मनोज कुमार
बागपत। एक बुजुर्ग महिला को सरकारी कागजों में दो साल पहले मरा हुआ दिखाकर पेंशन बंद कर दी गई। अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने को उसकी पीड़ा दूर करने की जगह दो साल तक टरकाते रहे। अब डीएम ने एक फोन करके जांच कराई तो उसे जिंदा कर दिया। लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए।
बिजवाड़ा गांव की रहने वाली चलती देवी के पति की वर्ष 2005 में मौत हो गई थी। उनके दो बेटे हैं, जो मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। चलती देवी की पति की मौत के बाद विधवा पेंशन बनी थी, जिससे परिवार को कुछ सहारा मिल सके। वर्ष 2021 में उसको ग्राम सचिव ने अपनी जांच में मरा हुआ दिखाकर रिपोर्ट महिला कल्याण विभाग में भेज दी। जिसके आधार पर उनकी पेंशन बंद कर दी गई।
पेंशन बंद होने पर वह ब्लॉक कार्यालय बिनौली और विकास भवन के चक्कर काटती रही। इसके बावजूद उनकी पीड़ा को किसी ने नहीं सुना और हर बार उनको टरकाते रहे। उनको बेटा मनोज कुमार डीएम के पास पहुंचा। जहां चलती देवी ने डीएम के सामने अपनी पीड़ा सुनाई।
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डीएम राजकमल यादव ने तुरंत ही सीडीओ को फोन करके जांच कराई तो पता चला कि चलती देवी जिंदा है। जिस पर डीएम ने उनकी पेंशन बनाने के साथ ही लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए।
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महिला कल्याण विभाग के दस चक्कर काटे, हर बार टरकाया
चलती देवी ने बताया कि वह महिला कल्याण विभाग में पिछले दो साल में करीब दस बार गई तो ब्लॉक कार्यालय बिनौली में तीन बार, जनसेवा केंद्र पर छह बार, बैंक में चार बार गई। उनको कभी जल्द पेंशन आने की बात कही जाती तो कभी आधार कार्ड को खाते से लिंक कराने की बात कहकर टरका दिया जाता। उनके अनुसार जब उनकी पेंशन बंद हुई थी, तब तीन महीने के 1500 रुपये मिलते थे और अब तीन हजार रुपये मिलते हैं।
कोट...
एक बुजुर्ग महिला कार्यालय में आई थी, जिसने बताया कि दो साल पहले उसको मृतक दिखाकर विधवा पेंशन बंद कर दी गई। जब जांच कराई गई तो मामला सही मिला। उसकी पेंशन दोबारा शुरू कराने व लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी
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बिजवाड़ा गांव की रहने वाली चलती देवी के पति की वर्ष 2005 में मौत हो गई थी। उनके दो बेटे हैं, जो मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। चलती देवी की पति की मौत के बाद विधवा पेंशन बनी थी, जिससे परिवार को कुछ सहारा मिल सके। वर्ष 2021 में उसको ग्राम सचिव ने अपनी जांच में मरा हुआ दिखाकर रिपोर्ट महिला कल्याण विभाग में भेज दी। जिसके आधार पर उनकी पेंशन बंद कर दी गई।
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पेंशन बंद होने पर वह ब्लॉक कार्यालय बिनौली और विकास भवन के चक्कर काटती रही। इसके बावजूद उनकी पीड़ा को किसी ने नहीं सुना और हर बार उनको टरकाते रहे। उनको बेटा मनोज कुमार डीएम के पास पहुंचा। जहां चलती देवी ने डीएम के सामने अपनी पीड़ा सुनाई।
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डीएम राजकमल यादव ने तुरंत ही सीडीओ को फोन करके जांच कराई तो पता चला कि चलती देवी जिंदा है। जिस पर डीएम ने उनकी पेंशन बनाने के साथ ही लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए।
महिला कल्याण विभाग के दस चक्कर काटे, हर बार टरकाया
चलती देवी ने बताया कि वह महिला कल्याण विभाग में पिछले दो साल में करीब दस बार गई तो ब्लॉक कार्यालय बिनौली में तीन बार, जनसेवा केंद्र पर छह बार, बैंक में चार बार गई। उनको कभी जल्द पेंशन आने की बात कही जाती तो कभी आधार कार्ड को खाते से लिंक कराने की बात कहकर टरका दिया जाता। उनके अनुसार जब उनकी पेंशन बंद हुई थी, तब तीन महीने के 1500 रुपये मिलते थे और अब तीन हजार रुपये मिलते हैं।
कोट...
एक बुजुर्ग महिला कार्यालय में आई थी, जिसने बताया कि दो साल पहले उसको मृतक दिखाकर विधवा पेंशन बंद कर दी गई। जब जांच कराई गई तो मामला सही मिला। उसकी पेंशन दोबारा शुरू कराने व लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी