फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Without charity, there is no realization of a devotee.

बिना दान श्रावक साधु लेहे नहीं बोध...

Fri, 17 Sep 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
Without charity, there is no realization of a devotee.
बिनौली के श्री दिगम्बर जैन पुराना मंदिर में मधुर भजनों पर नृत्य करते बच्चे। - फोटो : BARAUT
दशलक्षण पर्व के आठवें दिन जैन श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दशलक्षण पर्व के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की और उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया। पंडित नेमचंद ने कहा कि ‘बिना दान श्रावक साधु लेहे नहीं बोध’ अर्थात बिना दान के श्रावक और साधु दोनों ज्ञान को प्राप्त नहीं कर सकते।
श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी नेहरू रोड के तत्वावधान में तेरह द्वीप महामंडल विधान हुआ। सर्वप्रथम श्रीजी का प्रक्षालन अभिषेक किया गया। सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन, कुबेर इंद्र अमित जैन, यज्ञ नायक ऋषभ जैन, महेंद्र इंद्र अतिशय जैन व नरेश जैन, विनय जैन ने शांतिधारा की। इसके बाद तेरह द्वीप महामंडल विधान की छह पूजा की गई और 51 अर्घ्य समर्पित किए गए। पंडित नेमचंद ने कहा कि ‘बिना दान श्रावक साधु लेहे नहीं बोध’ अर्थात बिना दान के श्रावक और साधु दोनों ज्ञान को प्राप्त नहीं कर सकते। मीडिया प्रभारी आदिश जैन ने बताया कि सायंकाल मंदिर में श्री भक्तांबर विधान किया गया। इसके बाद टीसी जैन के दिशा निर्देशन में देशभक्ति पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की। नन्हेें-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीत ‘कर चले हम फिदा जानो तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। नाटिका में भाग लेने वाले कलाकारों को आदिश जैन ने पुरस्कार देकर समानित किया। कार्यक्रम में सतेंद्र जैन, नरेश, अनिल, प्रदीप, निरजंन, राजकुमार, मुकेश, सतीश, गीता, अनीता, मनीषा, उषा, संगीता, पूनम, मधु आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

श्री भक्तामर विधान की पूजन की
बड़ौत। श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी में सुबह पीत वस्त्रधारी श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र सचिन जैन को प्राप्त हुआ। नित्य पूजन में नवदेवता पूजन, आदिनाथ भगवान पूजन, दशलक्षण पूजन, सोलहकारण पूजन, रत्नत्रय पूजन और नंदीश्वर दीप की पूजन की गई। संगीतकार अनुपमा जैन ग्वालियर के सुंदर भजनों ने भक्तगणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन ‘बाजे कुंडलपुर में बधाई कि नगरी में वीर जन्मे’ को विशेष रूप से सराहा गया। पंडित चंद्रप्रकाश, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अमित जैन, अरुण जैन, संजय जैन, अशोक जैन, अनिल जैन, इंद्राणी जैन, त्रिशला जैन, रश्मि जैन, डिंपल जैन, सरला जैन मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि शाम सात बजे मंदिर में आरती हुई और बच्चों की म्यूजिकल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बताया कि शनिवार को मंदिर में मुनि सुव्रतनाथ विधान का आयोजन किया जाएगा। 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed