{"_id":"62e7e6e3e22a01202c17b118","slug":"wife-of-criminal-amparpal-surrenders-in-court-in-baghpat","type":"story","status":"publish","title_hn":"जितेंद्र हत्याकांड: 50 हजार के इनामी कुख्यात की पत्नी ने अदालत में किया सरेंडर, खौफनाक थी वारदात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जितेंद्र हत्याकांड: 50 हजार के इनामी कुख्यात की पत्नी ने अदालत में किया सरेंडर, खौफनाक थी वारदात
Mon, 01 Aug 2022 08:15 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 01 Aug 2022 08:15 PM IST
सार
50 हजार के इनामी कुख्यात की पत्नी ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। इससे पहले आरोपी अमरपाल ने नोएडा में सरेंडर किया था। दोनों ही जितेंद्र हत्याकांड में फरार चल रहे थे।
विज्ञापन
अदालत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागपत जनपद में लुहारी गांव के जितेंद्र हत्याकांड में फरार चल रही लुहारा गांव निवासी किरण उर्फ रीतू ने सोमवार को कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया। वह कुख्यात अमरपाल लुहारा की पत्नी है। अधिवक्ता विवेक व अमित चौधरी ने बताया कि जितेंद्र हत्याकांड में किरण फरार चल रही थी। इस हत्याकांड में कई आरोपी पहले भी जेल भेजे जा चुके हैं।
विज्ञापन
50 हजार के इनामी कुख्यात बदमाश अमरपाल लुहारा ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अमरपाल लुहारी गांव के जितेंद्र हत्याकांड में फरार चल रहा था। बताया गया कि उसने नोएडा की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अमरपाल शेरपुर लुहारी गांव का रहने वाला है और वह छपरौली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, जानलेवा हमला, धमकी आदि के 38 मुकदमे दर्ज है।
विज्ञापन
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के 28 मार्च को लुहारी गांव में जितेंद्र की हत्या कर दी गई थी। अमरपाल इसी मामले में फरार चल रहा था। बताया गया कि 18 अप्रैल को अमरपाल का साथी बुद्धप्रकाश बड़ौत क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुआ था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: UP: शिव भजन गाने पर खफा हुए उलमा को फरमानी नाज ने दे डाली नसीहत, कह दी ये बड़ी बात
मेरठ आईजी प्रवीण कुमार ने अमरपाल पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा पांच फरवरी को अमरपाल का मकान कुर्क किया गया था।