UP: शिव भजन गाने पर खफा हुए उलमा को फरमानी नाज ने दे डाली नसीहत, कह दी ये बड़ी बात
मोहम्मदपुर माफी गांव की रहने वाली है यू-ट्यूब कलाकार फरमानी। कल तक 27 हजार लोगों ने गाना पंसद किया है, जबकि सवा चार लाख लोग इसे देख चुके हैं। उधर, उलमा नाज के शिव भजन गाने को लेकर खफा हो गए।
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उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के खतौली की रहने वाली और इंडियन आइडियल फेम फरमानी नाज शिव भक्ति गीत को लेकर विवादों के घेरे में हैं। फरमानी नाज ने मीडिया के सामने कहा कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है। वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत भी पसंद करती हैं। कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।
गांव मोहम्मदपुर माफी निवासी इंडियन आइडियल फेम और यू-ट्यूब गायिका फरमानी नाज रविवार रात खतौली क्षेत्र में याद-ए-रफी नाइट के कार्यक्रम में पहुंचीं। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उसके भक्तिगीत पर आपत्ति करने वालों से काई फर्क नहीं पड़ता है।
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फरमानी ने कहा- कलाकार का कोई धर्म नहीं होता
फरमानी ने उलमा को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है, वह सबके लिए गाता है। इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग समुदाय के अपने पेज भी बनाए हैं। कलाकार हिंदू-मुस्लिम देखकर अपनी कला का प्रदर्शन नहीं करता है। जो ऐसा करता है, वह कलाकार नहीं बन सकता।
फरमानी बोली- हमने आर्थिक तंगी झेली
फरमानी ने कहा कि वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत के साथ भजन को भी पसंद करती हैं, हमने आर्थिक तंगी झेली हैं। उनका अपने पति से विवाद चल रहा है, जिस कारण वह अपने पिता के घर गांव में ही रही है।
अपने भाई फरमान और राहुल बच्चन के साथ मिलकर यू-ट्यूब पर गीत बनाती है। गीतों को अपलोड किए तो ख्याति मिलना शुरू हो गई। उसका कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।