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दस साल से परिवहन सेवा से वंचित कई गांवों के ग्रामीण
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बड़ौत-अमीनगर-मेरठ मार्ग पर नहीं रोडवेज बस सेवा की सुविधा, डग्गामार वाहनों के भरोसे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बड़ौत-अमीनगर-मेरठ मार्ग से जुडे़ कई गांवों के लोग एक दशक बाद भी परिवहन सुविधाओं से वंचित है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों मेें सफर करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने जाने के बावजूद भी परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है, इससे लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द रोडवेज बस सेवाएं शुरू कराएं जाने की मांग उठाई।
मार्ग पर पड़ते है ये गांव
बड़ौत-अमीनगर-मेरठ मार्ग के दोनों ओर सभाखेड़ी, गुराना, हिलवाड़ी, बड़ावद, फतेहपुर पुट्ठी, धनौरा सिल्वर नगर, नंगला, पोइस, तितरौदा, सिरसलगढ़, गढ़ीदुल्ला, कैड़वा, मवीकलां, रामनगर, तिलपनी आदि गांव पड़ते है।
प्राइवेट बसों में सफर करना हादसे को दावत देना
धनौरा सिल्वर नगर गांव के रहने वाले दिलशाद का कहना है कि लगभग 11 साल पहले इस मार्ग पर बड़ौत डिपो की रोडवेज बसें चलती थी, लेकिन फिलहाल बंद है। जिस कारण इस मार्ग पर डग्गामार वाहन संचालित है। जिनका कोई निर्धारित समय नहीं है। घंटों इंतजार के बाद यदि कोई वाहन आता भी है तो वह पूरी तरह से भरकर आता है।
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पोइस निवासी मोहित का कहना है कि डग्गामार वाहनों मेें यात्रियों को क्षमता से ज्यादा भरा जाता है। इन बसों में सफर करना हादसों को दावत देना है। मगर, मजबूरी में डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है।
फतेहपुर पुट्ठी गांव निवासी आकाश और मन्नू तोमर का कहना है कि रोजाना किसी ना किसी काम से बड़ौत व मेरठ जाना पड़ता है। ऐसे मेें या तो सफर के लिए अपने निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहनों का। बड़ौत डिपो के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
इस मार्ग पर डिपो की दो बस लगी हुई है, लेकिन फिलहाल वे चुनाव ड्यूटी में गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। - नरेंद्र मान, स्टेशन प्रभारी, बड़ौत डिपो
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बड़ौत-अमीनगर-मेरठ मार्ग से जुडे़ कई गांवों के लोग एक दशक बाद भी परिवहन सुविधाओं से वंचित है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों मेें सफर करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने जाने के बावजूद भी परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है, इससे लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द रोडवेज बस सेवाएं शुरू कराएं जाने की मांग उठाई।
मार्ग पर पड़ते है ये गांव
बड़ौत-अमीनगर-मेरठ मार्ग के दोनों ओर सभाखेड़ी, गुराना, हिलवाड़ी, बड़ावद, फतेहपुर पुट्ठी, धनौरा सिल्वर नगर, नंगला, पोइस, तितरौदा, सिरसलगढ़, गढ़ीदुल्ला, कैड़वा, मवीकलां, रामनगर, तिलपनी आदि गांव पड़ते है।
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प्राइवेट बसों में सफर करना हादसे को दावत देना
धनौरा सिल्वर नगर गांव के रहने वाले दिलशाद का कहना है कि लगभग 11 साल पहले इस मार्ग पर बड़ौत डिपो की रोडवेज बसें चलती थी, लेकिन फिलहाल बंद है। जिस कारण इस मार्ग पर डग्गामार वाहन संचालित है। जिनका कोई निर्धारित समय नहीं है। घंटों इंतजार के बाद यदि कोई वाहन आता भी है तो वह पूरी तरह से भरकर आता है।
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पोइस निवासी मोहित का कहना है कि डग्गामार वाहनों मेें यात्रियों को क्षमता से ज्यादा भरा जाता है। इन बसों में सफर करना हादसों को दावत देना है। मगर, मजबूरी में डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है।
फतेहपुर पुट्ठी गांव निवासी आकाश और मन्नू तोमर का कहना है कि रोजाना किसी ना किसी काम से बड़ौत व मेरठ जाना पड़ता है। ऐसे मेें या तो सफर के लिए अपने निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहनों का। बड़ौत डिपो के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
इस मार्ग पर डिपो की दो बस लगी हुई है, लेकिन फिलहाल वे चुनाव ड्यूटी में गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। - नरेंद्र मान, स्टेशन प्रभारी, बड़ौत डिपो