उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में वैक्सीन की किल्लत भी विवाद की वजह बन रही है। रंछाड़ गांव में सोमवार को टीकाकरण के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिसको देखते हुए पुलिस को बुलाया गया था। दो पुलिसकर्मी पहुंचे थे, इन्हीं से विवाद हुआ और बाद में पुलिस की कार्रवाई अक्षय की जान ले गई। वहीं अक्षय की मौत के बाद गांव में रातभर बवाल हुआ। ग्रामीण पूरे थाने को निलंबित करने की मांग पर अड़े हुए थे। उधर, अक्षय की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है और उसके पिता रामनिवास का सपना भी टूट गया। वह अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा अफसर बनाना चाहते थे। अक्षय पढ़ाई में बहुत होशियार था।
ये था मामला
अक्षय सोमवार को अपनी मां मधु को टीका लगवाने गया था। कैंप पर सलीम नाम के सिपाही की ड्यूटी लगी थी। ग्रामीणों का कहना है कि वह अपनी मां मधु (62 वर्ष) की उम्र का हवाला देते हुए पहले टीका लगवाने के लिए कह रहा था। आरोप है कि सलीम ने अभद्रता की और लाइन में लगने को कहा। अभद्रता का विरोध करने पर दोनों में कहासुनी हो गई। इस दौरान सिपाही ने अक्षय को थप्पड़ जड़ दिया। जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद अक्षय बिना टीका लगवाए अपनी मां को घर ले आया। सिपाही सलीम ने बिनौली थाने पर फोन कर दिया। सूचना पर बिनौली और दोघट थाना पुलिस गांव में पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस ने अक्षय के घर में तोड़फोड़ की और उसकी मां मधु, ताई कमलेश व धर्मवीर आदि को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत होकर अक्षय शाम को नलकूप की ओर चला गया, बाद में उसका शव फंदे पर लटका मिला।
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अक्षय की मौत पर विलाप करती महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व रंछाड़ गांव में कैंप लगाया गया था, लेकिन कैंप में वैक्सीन पर्याप्त न होने के कारण बहुत से लोग वैक्सीन लगवाने से वंचित रह गए थे। इसको देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर सोमवार को फिर कैंप लगवाया गया।
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बागपत समाचार: युवक की मौत के मामले में रातभर हंगामा।
- फोटो : amar ujala
कैंप में मात्र 200 वैक्सीन ही भेजी गई, जबकि वहां पर वैक्सीन लगवाने के लिए 400 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। रंछाड़ ही नहीं बड़ौत सीएचसी पर भी आए दिन लोगों के बीच पहले टीका लगवाने को लेकर विवाद होता है और वह विवाद हंगामा में तब्दील हो जाता है। यही स्थिति छपरौली सीएचसी की है।
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बागपत समाचार: ग्रामीणों ने रातभर किया हंगामा।
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बताया गया कि तीन दिन पूर्व यहां पर भी छपरौली कस्बे के दो पक्षों में वैक्सीन लगवाने को लेकर विवाद हो गया था, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की कमी का हवाला देते हुए भविष्य में सभी को वैक्सीन लगाने की बात कहकर मामला शांत करा दिया था।
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गांव में हंगामा करते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
उधर, दोघट कस्बे के अलावा टीकरी व अन्य जगहों पर भी पिछले कई दिनों से वैक्सीनेशन का कार्य बिल्कुल बंद है। इसका कारण वैक्सीन की कमी बताई जा रही है। इस संबंध में जब कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गजेन्द्र सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने भी माना कि वैक्सीन की किल्लत है। लखनऊ से सप्लाई कम आ रही है। शासन को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है।